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Bijnor News: 10 पंचायतों में तीन साल से नहीं बंट रहा आंगनबाड़ी पोषाहार
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आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं सेवानिवृत्त होने से बने हालात
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। ब्लॉक क्षेत्र की 10 ग्राम सभाओं में पिछले तीन साल से महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को समन्वित बाल विकास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। जब से इन पंचायतों के केंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं सेवानिवृत्त हुई है, तब से यहां पोषाहार वितरण की कोई व्यवस्था नहीं हुई। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
ब्लाॅक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान ने बताया कि धामपुर ब्लाक की 97 ग्रामसभाओं में 305 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। वर्तमान में 290 केंद्र ही चल रहे हैं, बाकी बंद है। क्योंकि संबंधित केेंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाएं तीन साल पहले सेवानिवृत हो गई हैं। तब से लेकर आज तक विभाग के किसी भी अधिकारी ने पात्र ग्रामीणों को योजना का लाभ दिलाने की चिंता नहीं की।
परियोजना अधिकारी हेमलता सैनी का कहना है कि वर्तमान में 290 केंद्रों में 250 कार्यकर्ताओं और 219 सहायिकाएं कार्यरत हैं। कई बार समस्या से डीपीओ को अवगत कराया गया। मगर, अभी तक समस्या का निदान नहीं हो सका।
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सर्वे न होने से रोक लगी
परियोजना अधिकारी के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र में 1733 धात्री महिलाएं, 2818 गर्भवती महिलाएं, सात माह से लेकर तीन वर्ष तक के बच्चों की संख्या 15780 बच्चे और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों की संख्या 6385 है, जो वर्तमान में लाभान्वित हो रहे हैं । जिन 10 ग्राम सभाओं का मामला है, उनमें सरकार से पोषाहार का आवंटन नहीं हो रहा है। सर्वे न होने से रोक लगी है।
इनमें पंचायतों में योजना का नहीं मिल रहा लाभ
लेदरपुर, हरियाणा, सालाराबाद, मोहम्मदपुर लाल, भूतपुरी, रामपुर भोला, गारबपुर, मिलक टांडा, शेरकोट नगर पालिका के वार्ड नंबर आठ, वार्ड नंबर 12 और धामपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 20 शामिल है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शीतल वर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। जल्द निदान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
ऐसा है तो गंभीरता मसला है। वे जांच कर ग्रामीणों की समस्या का निदान कराने का प्रयास करेंगे। - अंकित कुमार अग्रवाल, जिलाधिकारी
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डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
धामपुर। ब्लॉक क्षेत्र की 10 ग्राम सभाओं में पिछले तीन साल से महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को समन्वित बाल विकास योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। जब से इन पंचायतों के केंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाएं सेवानिवृत्त हुई है, तब से यहां पोषाहार वितरण की कोई व्यवस्था नहीं हुई। डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
ब्लाॅक प्रमुख क्षमा हेमलता चौहान ने बताया कि धामपुर ब्लाक की 97 ग्रामसभाओं में 305 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। वर्तमान में 290 केंद्र ही चल रहे हैं, बाकी बंद है। क्योंकि संबंधित केेंद्रों की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाएं तीन साल पहले सेवानिवृत हो गई हैं। तब से लेकर आज तक विभाग के किसी भी अधिकारी ने पात्र ग्रामीणों को योजना का लाभ दिलाने की चिंता नहीं की।
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परियोजना अधिकारी हेमलता सैनी का कहना है कि वर्तमान में 290 केंद्रों में 250 कार्यकर्ताओं और 219 सहायिकाएं कार्यरत हैं। कई बार समस्या से डीपीओ को अवगत कराया गया। मगर, अभी तक समस्या का निदान नहीं हो सका।
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सर्वे न होने से रोक लगी
परियोजना अधिकारी के मुताबिक ब्लॉक क्षेत्र में 1733 धात्री महिलाएं, 2818 गर्भवती महिलाएं, सात माह से लेकर तीन वर्ष तक के बच्चों की संख्या 15780 बच्चे और तीन वर्ष से छह वर्ष तक के बच्चों की संख्या 6385 है, जो वर्तमान में लाभान्वित हो रहे हैं । जिन 10 ग्राम सभाओं का मामला है, उनमें सरकार से पोषाहार का आवंटन नहीं हो रहा है। सर्वे न होने से रोक लगी है।
इनमें पंचायतों में योजना का नहीं मिल रहा लाभ
लेदरपुर, हरियाणा, सालाराबाद, मोहम्मदपुर लाल, भूतपुरी, रामपुर भोला, गारबपुर, मिलक टांडा, शेरकोट नगर पालिका के वार्ड नंबर आठ, वार्ड नंबर 12 और धामपुर नगर पालिका के वार्ड नंबर 20 शामिल है। जिला कार्यक्रम अधिकारी शीतल वर्मा का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। जल्द निदान कराने का प्रयास किया जा रहा है।
ऐसा है तो गंभीरता मसला है। वे जांच कर ग्रामीणों की समस्या का निदान कराने का प्रयास करेंगे। - अंकित कुमार अग्रवाल, जिलाधिकारी