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Bijnor News: नियमों की बेड़ियों में फंसी एंबुलेंस, स्ट्रेचर पर गर्भवती को लेकर दौड़े परिजन

Sat, 08 Aug 2026 01:23 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2026 01:23 AM IST
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Ambulance stuck in the shackles of rules, family rushed with pregnant woman on stretcher
स्योहारा। व्यवस्था बेबस, परिजन मजबूर: स्ट्रेचर पर प्रसूता को लेकर परिजन दौड़ते रहे ।फोटो स्रोत
धर्मेंद्र भुइयार
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स्योहारा। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल व्यवस्था और मानवीय संवेदनाओं को झकझोर देने वाली तस्वीर शुक्रवार को स्योहारा में सामने आई। प्रसव पीड़ा से तड़प रही सुनीता (26) की हालत बिगड़ने पर उसे सीएचसी से प्राइवेट अस्पताल ले जाने के लिए जब एंबुलेंस नहीं मिली तो बेबस परिजन प्रसूता को सरकारी स्ट्रेचर पर लेकर मुरादाबाद-हरिद्वार स्टेट हाईवे पर करीब एक किलोमीटर दौड़े। हाईवे पर फर्राटा भरते वाहनों और तेज शोर के बीच स्ट्रेचर पर लेटी प्रसूता की हर सांस के साथ परिजनों की चिंता भी बढ़ती रही। गनीमत रही कि समय रहते वह दूसरे अस्पताल पहुंच गई जहां चिकित्सक ने सर्जरी कर उसका सुरक्षित प्रसव कराया।
अस्पताल परिसर में खड़ी थीं कई एंबुलेंस

खलीलपुर बसंतगढ़ निवासी रोहित ने बताया कि उसकी पत्नी सुनीता को प्रसव पीड़ा होने पर शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे सीएचसी लाए थे। सीएचसी पर करीब डेढ़ घंटा उसे रखा गया। इसके बाद दर्द तेज हुए तो बिजनौर जिला अस्पताल ले जाने को कह दिया। कैसे ले जाना, यह नहीं बताया। सुनीता की तबीयत ज्यादा बिगड़ती देखी तो वह वार्ड से स्ट्रेचर से ही उसे करीब एक किलोमीटर दूर आरएसपी मार्ग स्थित निजी अस्पताल की ओर निकल पड़े। वहां पहुंचने के लिए परिजनों को मुरादाबाद-हरिद्वार मुख्य मार्ग पार करना पड़ा। परिजनों का कहना है कि अस्पताल परिसर में कई एंबुलेंस खड़ी होने के बावजूद प्रसूता को दूसरे अस्पताल तक पहुंचाने के लिए उन्हें एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी।
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पहले अस्पताल में नहीं मिले चिकित्सक, दूसरे में हुआ प्रसव
परिजन प्रसूता को लेकर आरएसपी मार्ग स्थित निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां भी चिकित्सक उपलब्ध नहीं था। इसके बाद वे प्रसूता को दूसरे अस्पताल ले गए। वहां सर्जरी की गई और सुरक्षित प्रसव कराया। प्रसूता और नवजात की स्थिति सुरक्षित बताई गई है।
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चिकित्सक बोलीं, प्रसव होने वाला था नहीं माने परिजन

सीएचसी पर ड्यूटी पर तैनात डाॅ. रहमत जहां, स्टाफ नर्स राशिदा और नीरज देवी का कहना है कि महिला का प्रसव होने वाला था, लेकिन परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले जाने पर अड़ गए। हालांकि, सवाल यह है कि यदि परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले जाना चाहते थे तो गंभीर हालत में उसे सुरक्षित पहुंचाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था क्यों नहीं हो सकी।

निजी अस्पताल में सरकारी एंबुलेंस भेजने का नियम नहीं है। मामले की जांच कराई जाएगी। किस वजह से सीएचसी पर प्रसव नहीं हुआ। ....डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
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