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अमर उजाला अभियान शिक्षा: खेल-खेल में छात्र-छात्राओं को कराएंगे अक्षर ज्ञान, परिषदीय विद्यालयों ने जारी किया शैक्षिक कैलेंडर
Fri, 08 Apr 2022 01:27 PM IST
कपिल kapil
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: कपिल kapil
Updated Fri, 08 Apr 2022 01:27 PM IST
सार
कोरोनाकाल के बाद पटरी पर लौटी शिक्षा में छात्रों को रुटीन में ढालने की तैयारी कर ली है। शासन व बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा एक में आने वाले बच्चों को अंक व अक्षर ज्ञान सहित आगे की पढ़ाई के लिए शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है।
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अमर उजाला अभियान शिक्षा
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
देश के बाकी हिस्सों की तरह बिजनौर में भी दो वर्ष कोरोनाकाल के कारण परिषदीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य बंद रहा। इससे छात्रों की शिक्षा प्रभावित हुई। इसके लिए शासन व बेसिक शिक्षा विभाग ने कक्षा एक में आने वाले बच्चों को अंक व अक्षर ज्ञान सहित आगे की पढ़ाई के लिए शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है। इसमें शिक्षक अपने क्षेत्र के आधार पर कक्षा एक के बच्चों को अक्षर व अंक ज्ञान कराएंगे। साथ ही दूसरे सप्ताह की गतिविधियों के बारे में बताया गया है। इसकी निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
यह भी पढ़ें: शामली डबल मर्डर केस: आखिर दबोचा गया मुख्य आरोपी सिपाही, हत्या में प्रयुक्त पिस्टल समेत असलहा बरामद, अब खुलेंगे बड़े राज
शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा परिषदीय विद्यालयों में नवाचार का प्रयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में निपुण भारत के तहत एनसीआरईटी द्वारा विकसित विद्या प्रवेश के लिए यूनिसेफ के सहयोग से 12 सप्ताह का शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है।
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डीसी प्रशिक्षण विवेक बंसल ने बताया कि इस कलेंडर के अनुसार कक्षा एक में आने वाले बच्चों को प्रारंभिक ज्ञान उनके क्षेत्रीय भाषा व परंपरा की गतिविधियों के आधार पर पढ़ाना है। ताकि वह आसानी से सीख जाएं। जैसे दशकों पहले ग्रामीण अंचल में मिट्टी की गोली से अंक गणना और फसलों की पहचान से अक्षर ज्ञान कराया जाएगा। इस कैलेंडर के अनुसार भाषा और गणित पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
निपुण योजना के तहत जारी कैलेंडर के अनुसार कक्षा एक के छात्रों को सिखाया जाएगा। इसके लिए प्राइमरी के शिक्षकों को कार्यक्रम चार-चार दिन का एफएलएन प्रशिक्षण इसी सप्ताह में दिया जाएगा। बाल वाटिका से जोड़ने की मुहिम भी शुरू की गई है। -जयकरन यादव, बीएसए
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शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा परिषदीय विद्यालयों में नवाचार का प्रयोग किया जा रहा है। इसी क्रम में निपुण भारत के तहत एनसीआरईटी द्वारा विकसित विद्या प्रवेश के लिए यूनिसेफ के सहयोग से 12 सप्ताह का शैक्षिक कैलेंडर जारी किया है।
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डीसी प्रशिक्षण विवेक बंसल ने बताया कि इस कलेंडर के अनुसार कक्षा एक में आने वाले बच्चों को प्रारंभिक ज्ञान उनके क्षेत्रीय भाषा व परंपरा की गतिविधियों के आधार पर पढ़ाना है। ताकि वह आसानी से सीख जाएं। जैसे दशकों पहले ग्रामीण अंचल में मिट्टी की गोली से अंक गणना और फसलों की पहचान से अक्षर ज्ञान कराया जाएगा। इस कैलेंडर के अनुसार भाषा और गणित पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।
निपुण योजना के तहत जारी कैलेंडर के अनुसार कक्षा एक के छात्रों को सिखाया जाएगा। इसके लिए प्राइमरी के शिक्षकों को कार्यक्रम चार-चार दिन का एफएलएन प्रशिक्षण इसी सप्ताह में दिया जाएगा। बाल वाटिका से जोड़ने की मुहिम भी शुरू की गई है। -जयकरन यादव, बीएसए