लगन और मेहनत के साथ कोई कार्य किया जाए, तो सफलता निश्चित प्राप्त होती है। यह कहावत कोतवाली देहात के उच्च प्राथमिक विद्यालय सैदपुरी महीचंद स्टाफ पर सार्थक साबित हो रही है। उच्च प्राथमिक विद्यालय जो अब संविलियन विद्यालय बन गया। विद्यालय के मुख्याध्यापक मुकेश कुमार ने अपने अभिनव प्रयास व स्टाफ के सहयोग से विद्यालय की सूरत बदलने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ा दी। उनके विद्यालय में करीब 150 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण हैं।
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अमर उजाला अभियान शिक्षा: निजी स्कूलों को मात दे रहा यूपी का यह सरकारी स्कूल, देखें क्यों है खास
Tue, 12 Apr 2022 02:15 PM IST
Dimple Sirohi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: Dimple Sirohi
Updated Tue, 12 Apr 2022 02:15 PM IST
सार
बिजनौर के उच्च प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा का सही उदाहरण पेश किया जा रहा है। स्मार्ट क्लास व साइंस लैब की दीवारों पर खिले स्लोगन प्रेरणा दे रहे हैं। कक्षा आठवीं पास छात्र-छात्राओं की करियर काउंसलिंग की जाती है। स्कूल चलो अभियान ने यहां सही तेजी देखी जा रही है।
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सैदपुरी महीचंद का सरकारी स्कूल-बिजनौर
- फोटो : amar ujala
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सैदपुरी महीचंद का सरकारी स्कूल-बिजनौर
- फोटो : amar ujala
उधर सर्व शिक्षा अभियान के डीसी विवेक बंसल का कहना है विद्यालय सुंदरीकरण व शिक्षा की गुणवत्ता पर किसी से कम नहीं है। अन्य शिक्षकों को भी प्रेरित होकर कार्य करना चाहिए। मुख्याध्यापक मुकेश कुमार ने बताया वह कक्षा आठ पास करने वाले छात्र-छात्राओं की कॅरियर काउंसिलिंग करते हैं। छात्रों की बौद्धिक क्षमता के अनुसार आगे की पढ़ाई करने में सहायता प्रदान की जाती है। ताकि वह अपनी क्षमता और रुचि के अनुसार आगे की पढ़ाई कर भविष्य संवार सकें।
सैदपुरी महीचंद का सरकारी स्कूल-बिजनौर
- फोटो : amar ujala
कई बार जनपद स्तर पर हुए सम्मानित
मुख्याध्यापक मुकेश कुमार ने बताया कि उत्कृष्ट कार्य पर उन्हें वर्ष 2018 से वर्ष 2021 तक लगातार जिलाधिकारी, बीएसए द्वारा सम्मान मिलता आ रहा है। तहसील स्तर पर एसडीएम द्वारा सम्मानित किया गया था। कोरोनाकाल में भी उन्होंने ऑनलाइन, मोहल्ला क्लास व वर्कशीट के माध्यम से अधिकांश छात्रों को शिक्षा से जोड़े रखा है।
प्रेरित होकर कई विद्यालयों में हुआ कार्य
शिक्षक ने बताया कि उनके ब्लॉक के आसपास के विद्यालयों के स्टाफ ने भी उनसे प्रेरित होकर अपने विद्यालय में भौतिक व शैक्षिक वातावरण बदल दिया है। छात्रों के अनुकूल विद्यालयों में कार्य कर रहे हैं।
यह भी पढ़ें: एक्सक्लूसिव: दिल्ली-देहरादून कॉरिडार के निर्माण के लिए हटेंगे आधा दर्जन विद्युत ट्रांसमिशन टावर, अधिग्रहण की गई भूमि
मुख्याध्यापक मुकेश कुमार ने बताया कि उत्कृष्ट कार्य पर उन्हें वर्ष 2018 से वर्ष 2021 तक लगातार जिलाधिकारी, बीएसए द्वारा सम्मान मिलता आ रहा है। तहसील स्तर पर एसडीएम द्वारा सम्मानित किया गया था। कोरोनाकाल में भी उन्होंने ऑनलाइन, मोहल्ला क्लास व वर्कशीट के माध्यम से अधिकांश छात्रों को शिक्षा से जोड़े रखा है।
प्रेरित होकर कई विद्यालयों में हुआ कार्य
शिक्षक ने बताया कि उनके ब्लॉक के आसपास के विद्यालयों के स्टाफ ने भी उनसे प्रेरित होकर अपने विद्यालय में भौतिक व शैक्षिक वातावरण बदल दिया है। छात्रों के अनुकूल विद्यालयों में कार्य कर रहे हैं।
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सैदपुरी महीचंद का सरकारी स्कूल-बिजनौर
- फोटो : amar ujala
कौशल विकास में सीख रहे कार्य
मुख्याध्यापक मुकेश कुमार ने बताया कि उनके स्कूल में विषयों के ज्ञान के साथ साथ कौशल विकास पर भी कार्य किया जा रहा है। बीच बीच में कार्यशाला के माध्यम छात्राओं को सिलाई -कढ़ाई, बुनाई तथा छात्रों को कृषि के क्षेत्र के बारे में बताया जाता है।
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सैदपुरी महीचंद का सरकारी स्कूल-बिजनौर
- फोटो : amar ujala
संविलियन विद्यालय सैदपुरी महीचंद में प्रधानाध्यापक व अन्य स्टाफ का अभिनव प्रयास है। ऐसे स्कूलों की सूची बनाई जा रही है। ताकि इन से प्रेरित होकर अन्य विद्यालयों के शिक्षक अपने यहा ऐसे कार्य कर उत्कृष्ट बनें। -जयकरन यादव, बीएसए