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अल्जाइमर से हो सकता है व्यक्तित्व और व्यवहार में परिवर्तन

Sun, 20 Sep 2020 11:12 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 20 Sep 2020 11:12 PM IST
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Alzheimer's destroys the memory
बिजनौर। व्यक्तित्व और व्यवहार में परिवर्तन होना अल्जाइमर हो सकता है। अल्जाइमर रोग में मस्तिष्क में होने वाले परिवर्तन के कारण कार्य करने के तरीके और महसूस करने के तरीके भी प्रभावित होते हैं। चिकित्सकों की मानें तो कभी-कभी अल्जाइमर के रोगियों की स्थिति इतनी बुरी हो जाती है कि वे कपड़े पहनना और नहाने जैसे कार्यों को कैसे करना है, यह तक भी भूल जाते हैं।
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अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, जो आदमी की याददाश्त को नष्ट कर देती है। शुरुआती तौर पर अल्जाइमर से ग्रसित व्यक्ति को बातें याद रखने में कठिनाई हो सकती है । फिर धीरे-धीरे व्यक्ति अपने जीवन में महत्वपूर्ण लोगों को भी भूल जाता है। इसमें याद्दाश्त कमजोर होने के साथ-साथ कुछ और भी लक्षण दिखाई देने लगते हैं जैसे- पहले लोगों के नाम भूल जाना, अपने विचारों को व्यक्त करने में कठिनाई, निर्देशों का पालन करने में दिक्कत, किसी बात को समझने में भी परेशानी आदि होती है। इसका सबसे मूल कारण यह है कि मस्तिष्क विकारों का एक समूह जिसमें बौद्धिक और सामाजिक कौशल को नुकसान पहुंचता है। अल्जाइमर रोग में, मस्तिष्क की कोशिकाएं कमजोर होकर नष्ट हो जाती हैं, जिससे स्मृति और मानसिक कार्यों में लगातार गिरावट आती है।
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न्यूरो फिजीशियन डा. सौरभ कुमार के अनुसार अल्जाइमर रोग मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर उन्हें नष्ट कर देता है। एक स्वस्थ मस्तिष्क की तुलना में अल्जाइमर रोग से प्रभावित मस्तिष्क में बहुत कम कोशिकाएं होती हैं और जीवित कोशिकाओं के बीच बहुत कम मेल होता है। शुरुआत में भूलने की बीमारी या हल्के भ्रम का होना अल्जाइमर रोग का एकमात्र लक्षण हो सकता है। फिर धीरे-धीरे ये बीमारी सारी याद्दाश्त को खा जाती है। इस बीमारी के लक्षण हर व्यक्ति में भिन्न होते हैं।
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डा. अशोक चाहल ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति अल्जाइमर से पीड़ित होता है, तो उसके ब्रेन की सेल्स डाउन होने लगते हैं। यह रोग अधिकांश मधुमेह और अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित रोगियों को ही होता है। इसका उपचार बहुत ही सीमित है। इससे बचने के लिए अपने आहार में प्रतिदिन अखरोट, बादाम आदि का सेवन करें। साथ ही दैनिक जीवन में कम से कम एक घंटा योग को जरूर शामिल करें।

डा. अवधेश वशिष्ठ का कहना है कि अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, इसे दवाओं के आधार पर केवल उच्च और निम्न स्तर पर तो कर सकते हैं, लेकिन इसे जड़ से समाप्त नहीं किया जा सकता। यह रोग अधिकांश 55 साल से ऊपर वाले लोगों को इसके होने की अधिक संभावना रहती है। कभी-कभार हर किसी की मेमोरी लैप्स होती है, लेकिन अल्जाइमर से पीड़ित व्यक्ति का मेमोरी लॉस सामान्य नहीं है। यह धीरे-धीरे और भी बिगड़ जाती है। जिससे रोगी की कार्य-क्षमता प्रभावित होती है।
अल्जाइमर के लक्षण
- बार-बार बात और प्रश्न दोहराना।
- बातचीत, अपॉइंटमेंट या ईवेंट भूलना और बाद में याद न आना।
- चीजों को खो देना और वापस ढूंढ़ने में असमर्थ होना।
- अपनी ही जगह को न पहचानना।
- परिवार के सदस्यों और रोजमर्रा की वस्तुओं के नाम भूल जाना।
- वस्तुओं को पहचानने, विचार व्यक्त करने या बातचीत करने में सही शब्द खोजने में परेशानी होना।
- डिप्रेशन, उदासीनता, समाज से दूरी बनाना।
- दूसरों पर शक करना, चिड़चिड़ापन और गुस्सा आना।
- नींद की आदतों में बदलाव, भ्रम करना।
बचाव के उपाय
- प्रतिदिन कम से कम एक घंटा योगासन करें।
- अधिक ऑयली खाद्य और पेय पदार्थों के सेवन से बचें।
- नियमित रूप से निर्धारित मात्रा में बादाम, अखरोट खाएं।
- ताजे फल और हरी सब्जियों आदि का सेवन करें।
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