फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Agricultural law canceled, then the income of the market committee will increase

कृषि कानून रद्द, फिर बढ़ेगी मंडी समिति की आमदनी

Tue, 14 Dec 2021 12:24 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 14 Dec 2021 12:24 AM IST
विज्ञापन
Agricultural law canceled, then the income of the market committee will increase
कृषि कानून रद्द, फिर बढ़ेगी मंडी समिति की आमदनी
विज्ञापन

चांदपुर। केंद्र सरकार की ओर से तीन कृषि कानूनों को रद्द किए जाने के बाद मंडी समिति की कृषि कानून से प्रभावित आय फिर से बढ़कर अपनी पुरानी स्थिति में आ जाएगी। कृषि कानूनों के कारण मंडी समिति की आय पर भारी प्रभाव पड़ा था। अब मंडी समिति पूर्व की भांति समिति परिसर से बाहर होने वाले कारोबार पर भी मंडी शुल्क वसूलेगी।
चांदपुर कृषि उत्पादन मंडी समिति का गुड़ मंडी के रूप में प्रदेश में बड़ा नाम है। मुजफ्फरनगर गुड़ मंडी के बाद चांदपुर गुड़ मंडी का नाम लिया जाता है। क्षेत्र में बड़ी संख्या में कोल्हू संचालित हैं। जिनमें तैयार होने वाला गुड़ बड़ी तादाद में चांदपुर मंडी में आता है। मंडी से व्यापारियों के माध्यम से गुड़ बिहार, छत्तीसगढ़, बंगाल, झारखंड, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब आदि राज्यों में जाता है। मंडी में सब्जी, फल आदि की भी अच्छी मात्रा में आवक होती है।
विज्ञापन

सरकार द्वारा तीन कृषि कानून लाने से मंडी समिति परिसर में गुड़ सहित कृषि उत्पादन की आवक कम हो गई थी। क्योंकि सरकार द्वारा मंडी शुल्क के रूप में मंडी समिति परिसर में आने वाले कृषि उत्पादन पर दो प्रतिशत शुल्क लिया जाता था। मंडी समिति परिसर के बाहर कृषि उत्पादन की खरीद फरोख्त पर मंडी शुल्क समाप्त कर दिया था। जिससे अनेक कृषि उत्पादन की खरीद फरोख्त मंडी समिति परिसर से बाहर होने लगी थी। सरकार द्वारा मंडी शुल्क घटाने पर कृषि उत्पादन मंडी समिति परिसर में आना तो शुरू हो गया था, लेकिन उत्पादक की पूरी आवक मंडी समिति परिसर में नहीं होती थी। मंडी समिति परिसर के बाहर मंडी शुल्क न लगने से मंडी समिति परिसर में जहां कृषि उत्पादन की आवक कम हुई थी। वहीं, मंडी शुल्क घटने मंडी समिति की आय भी बुरी तरह से प्रभावित हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

शासन से आए मंडी शुल्क वसूलने के आदेश
2020 में नए कृषि कानूनों के लागू होने के बाद राज्य सरकार द्वारा आठ जून 2020 को शासनादेश जारी कर मंडी समिति परिसर के बाहर कारोबार करने पर व्यापारियों से किसी तरह का मंडी शुल्क वसूलने की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी। मंडी परिसर के अंदर के कारोबार पर ही मंडी शुल्क देना होता था। सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर एक दिसंबर 2021 से तीनों कृषि कानून रद्द किए जाने के बाद राज्य सरकार ने एक बार फिर आठ जून 2020 से पहले लागू मंडी शुल्क वसूलने की व्यवस्था बहाल करने का निर्णय लिया है। इसके आदेश भी मंडी समिति में आ गए हैं। कृषि उत्पादन मंडी समिति चांदपुर के इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने बताया कि तीन कृषि कानून लागू होने से मंडी समिति के बाहर मंडी शुल्क न लिए जाने के कारण मंडी परिसर में कृषि उत्पादन की आवक कम हो गई थी, जिससे मंडी समिति की आमदनी कम हो गई थी। कृषि कानून रद्द होने से मंडी समिति की आय अब फिर से बढ़ जाएगी।

मंडी समिति के दायरे से बाहर कारोबार
तीन कृषि कानून लागू होने पर क्रेशर इकाई, प्लाईवुड, फ्लोर मिल, आरा मशीन, राइस मिल, लकड़ी का व्यापार आदि अनेक व्यापार मंडी परिसर के बाहर होने के कारण मंडी समिति के दायरे से बाहर हो गए थे। तीन कृषि कानून लागू होने से पूर्व मंडी समिति की आय करीब छह करोड़ 90 लाख रुपये सालाना था। कृषि कानून लागू होने के बाद मंडी समिति की आय घटकर करीब दो करोड़ 20 लाख रह गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed