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डेढ़ साल बाद परिजनों से मिले तो रो पड़े बंदी
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डेढ़ साल बाद परिजनों से मिले तो रो पड़े बंदी
बिजनौर। जिला कारागार में बंदियों से डेढ़ साल बाद मुलाकात शुरू होने के बाद वहां पर बहुत भावुक माहौल नजर आ रहा है। बंदी अपने परिजनों से मिलकर भावुक होकर फूट फूटकर रो रहे हैं। अभी एक दिन में केवल 50 परिजनों को ही जेल में बंदियों से मिलने के लिए जाने दिया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के कारण पिछले साल मार्च से बंदियों से मुलाकात पर रोक लगी हुई थी। बंदियों से केवल जेल में स्थित पीसीओ से उनके परिजनों से बात कराई जा रही थी। परिजन बंदियों को जेल में कोई सामान भी नहीं भिजवा पा रहे थे। वे एक दूसरे का चेहरा देखने के लिए तरस गए थे। शासन ने इसी महीने 16 तारीख से बंदियों और परिजनों की मुलाकात करानी शुरू की है। हालांकि बंदियों से मुलाकात के लिए नियम और शर्त लागू की गई हैं। मुलाकात के लिए बंदियों के परिजनों के पास पिछले 72 घंटे की कोरोना आरटीपीसीआर की निगेटिव जांच होनी चाहिए। जिनके पास जांच नहीं होगी उन्हें नहीं मिलने दिया जाएगा।
जेल में मुलाकात शुरू हुई तो बंदी और परिजन एक दूसरे को देखकर आंखों में आंसू छलक उठे। कई लोग तो फूट फूटकर रो रहे हैं। अभी एक दिन में 50 लोगों को ही जेल के अंदर एंट्री दी जा रही है। जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह के अनुसार जेल में बंदियों से परिजनों की मुलाकात शुरू करा दी गई है। नियमों के अनुसार ही मुलाकात कराई जा रही है। एक दूसरे से मिलकर परिजन और बंदी बहुत भावुक हो रहे हैं।
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बिजनौर। जिला कारागार में बंदियों से डेढ़ साल बाद मुलाकात शुरू होने के बाद वहां पर बहुत भावुक माहौल नजर आ रहा है। बंदी अपने परिजनों से मिलकर भावुक होकर फूट फूटकर रो रहे हैं। अभी एक दिन में केवल 50 परिजनों को ही जेल में बंदियों से मिलने के लिए जाने दिया जा रहा है।
कोरोना संक्रमण के कारण पिछले साल मार्च से बंदियों से मुलाकात पर रोक लगी हुई थी। बंदियों से केवल जेल में स्थित पीसीओ से उनके परिजनों से बात कराई जा रही थी। परिजन बंदियों को जेल में कोई सामान भी नहीं भिजवा पा रहे थे। वे एक दूसरे का चेहरा देखने के लिए तरस गए थे। शासन ने इसी महीने 16 तारीख से बंदियों और परिजनों की मुलाकात करानी शुरू की है। हालांकि बंदियों से मुलाकात के लिए नियम और शर्त लागू की गई हैं। मुलाकात के लिए बंदियों के परिजनों के पास पिछले 72 घंटे की कोरोना आरटीपीसीआर की निगेटिव जांच होनी चाहिए। जिनके पास जांच नहीं होगी उन्हें नहीं मिलने दिया जाएगा।
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जेल में मुलाकात शुरू हुई तो बंदी और परिजन एक दूसरे को देखकर आंखों में आंसू छलक उठे। कई लोग तो फूट फूटकर रो रहे हैं। अभी एक दिन में 50 लोगों को ही जेल के अंदर एंट्री दी जा रही है। जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह के अनुसार जेल में बंदियों से परिजनों की मुलाकात शुरू करा दी गई है। नियमों के अनुसार ही मुलाकात कराई जा रही है। एक दूसरे से मिलकर परिजन और बंदी बहुत भावुक हो रहे हैं।
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