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Bijnor News: प्रशासन की पाबंदी का नहीं हुआ असर, लगातार काटी जा रही गन्ने की फसल
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- सरकारी जमीन पर खड़ी गन्ने की फसल नहीं काटने के लिए प्रशासन ने कराई थी मुनादी
- गंगा किनारे हजारों बीघा जमीन पर भूमाफियाओं का अवैध कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदक। गन्ने की फसल काटने पर प्रशासन ने पाबंदी लगा दी थी। मगर इसका भूमाफियाओं पर कोई असर नहीं हुआ। सरकारी जमीन पर खड़ी फसल को लगातार काटा जा रहा है।
मंडावर थाना क्षेत्र के बालाबाली गंगा घाट से लेकर रावली तक गंगा खादर में हजारों बीघा सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं का कब्जा है। इस जमीन पर फसल की बुवाई कराने के लिए कुछ लोग अवैध वसूली भी करते हैं। उक्त जमीन पर फसल बोने के लिए यूपी ही नहीं बल्कि उतराखंड के माफियाओं की भी नजर रहती है। जिस कारण पूर्व में कई बार उक्त भूमि को लेकर भूमाफियाओं में विवाद भी हो चुका है।
बालाबाली गंगा घाट के समीप गंगा की भूमि के बंटवारे को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए थे, एक पक्ष का आरोप था के दूसरे पक्ष ने ग्राम समाज की लगभग चार हजार बीघा भूमि पर कब्जा कर उसमें गन्ने की फसल बो रखी है, वहीं दूसरे पक्ष पर भी गंगा की भूमि पर अवैध रूप से सब्जी, खीरा ककड़ी आदि सब्जी बोने के लिए जमीन कब्जाने का आरोप लगाया था। दोनों पक्षों के आमने सामने आने की सूचना के बाद मंडावर पुलिस ने मौके पर जाकर मामले का पटाक्षेप कराया था।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत जाहनवाद के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा था। आरोप था कि कुछ भूमाफियाओं द्वारा गंगा खादर में ग्राम समाज की हजारों बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर गन्ने की फसल बो रखी है। इस शिकायती पत्र के आधार पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग की ओर से 23 दिसंबर को मुनादी कर गंगा खादर के मौजा जाहनवाद, शाहपुर खादर, सिहोरा, निजामावाद रामनगर के किसानों को अवगत किया था के ग्राम समाज की भूमि पर खड़ी किसी भी फसल को काटा नहीं जाएगा। मगर इसके बाद भी भूमाफिया लगातार उक्त भूमि पर खड़ी गन्ने की फसल को काटकर बेच रहे हैं।
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शिकायत कर्ता ने बताया कि माफियाओं द्वारा रोक के बाद भी सरकारी फसल को काटने की सूचना हल्का लेखपाल को दी गयी है। हल्का लेखपाल सनातन ने बताया कि फसल काटने पर रोक लगाई गई है, मगर कुछ लोग अभी भी फसल काट रहे हैं।
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- गंगा किनारे हजारों बीघा जमीन पर भूमाफियाओं का अवैध कब्जा
संवाद न्यूज एजेंसी
चंदक। गन्ने की फसल काटने पर प्रशासन ने पाबंदी लगा दी थी। मगर इसका भूमाफियाओं पर कोई असर नहीं हुआ। सरकारी जमीन पर खड़ी फसल को लगातार काटा जा रहा है।
मंडावर थाना क्षेत्र के बालाबाली गंगा घाट से लेकर रावली तक गंगा खादर में हजारों बीघा सरकारी भूमि पर भूमाफियाओं का कब्जा है। इस जमीन पर फसल की बुवाई कराने के लिए कुछ लोग अवैध वसूली भी करते हैं। उक्त जमीन पर फसल बोने के लिए यूपी ही नहीं बल्कि उतराखंड के माफियाओं की भी नजर रहती है। जिस कारण पूर्व में कई बार उक्त भूमि को लेकर भूमाफियाओं में विवाद भी हो चुका है।
बालाबाली गंगा घाट के समीप गंगा की भूमि के बंटवारे को लेकर दो पक्ष आमने सामने आ गए थे, एक पक्ष का आरोप था के दूसरे पक्ष ने ग्राम समाज की लगभग चार हजार बीघा भूमि पर कब्जा कर उसमें गन्ने की फसल बो रखी है, वहीं दूसरे पक्ष पर भी गंगा की भूमि पर अवैध रूप से सब्जी, खीरा ककड़ी आदि सब्जी बोने के लिए जमीन कब्जाने का आरोप लगाया था। दोनों पक्षों के आमने सामने आने की सूचना के बाद मंडावर पुलिस ने मौके पर जाकर मामले का पटाक्षेप कराया था।
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इसी क्रम में ग्राम पंचायत जाहनवाद के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक शिकायती पत्र सौंपा था। आरोप था कि कुछ भूमाफियाओं द्वारा गंगा खादर में ग्राम समाज की हजारों बीघा भूमि पर अवैध कब्जा कर गन्ने की फसल बो रखी है। इस शिकायती पत्र के आधार पर कार्रवाई करते हुए राजस्व विभाग की ओर से 23 दिसंबर को मुनादी कर गंगा खादर के मौजा जाहनवाद, शाहपुर खादर, सिहोरा, निजामावाद रामनगर के किसानों को अवगत किया था के ग्राम समाज की भूमि पर खड़ी किसी भी फसल को काटा नहीं जाएगा। मगर इसके बाद भी भूमाफिया लगातार उक्त भूमि पर खड़ी गन्ने की फसल को काटकर बेच रहे हैं।
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शिकायत कर्ता ने बताया कि माफियाओं द्वारा रोक के बाद भी सरकारी फसल को काटने की सूचना हल्का लेखपाल को दी गयी है। हल्का लेखपाल सनातन ने बताया कि फसल काटने पर रोक लगाई गई है, मगर कुछ लोग अभी भी फसल काट रहे हैं।