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Bijnor News: साइन बोर्ड घोटाले में शुरू हुई कार्रवाई
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- फर्जी बिल पर 11 साइन बोर्ड का भुगतान लेने वाली संस्था श्याम स्वयं सहायता समूह ब्लैक लिस्टेड
- किए गए भुगतान 55 हजार की रिकवरी का हुआ आदेश
- सहायक लेखाकार और कंप्यूटर ऑपरेटर पर मनरेगा एक्ट के तहत एक-एक हजार रुपए का अर्थ दंड
संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा (बिजनौर)। ग्राम लांबाखेड़ा में बिना साइन बोर्ड लगाए फर्जी बिल लगाकर भुगतान करने के मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है। साइन बोर्ड की आपूर्ति करने वाली संस्था श्याम स्वयं सहायता समूह को ब्लैक लिस्टेड करते हुए फर्जी बिलों पर किया गया 55 हजार रुपये की रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। साथ ही सहायक लेखाकार मनरेगा और कंप्यूटर ऑपरेटर को मनरेगा एक्ट के तहत एक-एक हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया गया है।
गांव लाम्बाखेड़ा में मनरेगा के अंतर्गत किए गए कार्यों पर साइन बोर्ड लगने थे, जिसकी आपूर्ति करने के लिए श्याम स्वयं सहायता समूह को टेंडर दिया गया था। श्याम स्वयं सहायता समूह मुबारकपुर मधु ने गांव में बिना साइन बोर्ड लगाए कंप्यूटर ऑपरेटर नवनीत कुमार और सहायक लेखाकार मनरेगा नंदकिशोर से मिलीभगत कर फर्जी बिल फीड करा कर 11 बोर्ड के 55 हजार रुपये निकाल लिए थे।
शिकायत के बाद हुई जांच में घोटाले का खुलासा होने पर खंड विकास अधिकारी रामकुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर नवनीत, सहायक लेखाकार नंदकिशोर व श्याम स्वयं सहायता समूह दोषी पाए गये थे। इनकी विभागीय जांच चल रही है। शुक्रवार को हुई कार्रवाई में खंड विकास अधिकारी ने साइन बोर्ड की आपूर्ति करने वाली संस्था श्याम स्वयं सहायता समूह को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। साथ ही फर्जी बिलों पर निकाए गए 55 हजार रुपये को उप्र ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना समिति के खाते में जमा करने के आदेश दिए है।
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इसके साथ ही सहायक लेखाकार मनरेगा नंदकिशोर और कंप्यूटर ऑपरेटर नवनीत को एक -एक हजार रुपये का अर्थ दंड जमा करने के आदेश दिए है।
-यह जानबूझ कर किया अपराध है। इस कारण संस्था को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। कंप्यूटर ऑपरेटर व सहायक लेखाकार पर भी मनरेगा एक्ट के तहत अर्थ दंड लगाया गया है। - रामकुमार, खंड विकास अधिकारी, स्योहारा
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- किए गए भुगतान 55 हजार की रिकवरी का हुआ आदेश
- सहायक लेखाकार और कंप्यूटर ऑपरेटर पर मनरेगा एक्ट के तहत एक-एक हजार रुपए का अर्थ दंड
संवाद न्यूज एजेंसी
स्योहारा (बिजनौर)। ग्राम लांबाखेड़ा में बिना साइन बोर्ड लगाए फर्जी बिल लगाकर भुगतान करने के मामले में कार्रवाई शुरू हो गई है। साइन बोर्ड की आपूर्ति करने वाली संस्था श्याम स्वयं सहायता समूह को ब्लैक लिस्टेड करते हुए फर्जी बिलों पर किया गया 55 हजार रुपये की रिकवरी के आदेश दिए गए हैं। साथ ही सहायक लेखाकार मनरेगा और कंप्यूटर ऑपरेटर को मनरेगा एक्ट के तहत एक-एक हजार रुपये का अर्थ दंड लगाया गया है।
गांव लाम्बाखेड़ा में मनरेगा के अंतर्गत किए गए कार्यों पर साइन बोर्ड लगने थे, जिसकी आपूर्ति करने के लिए श्याम स्वयं सहायता समूह को टेंडर दिया गया था। श्याम स्वयं सहायता समूह मुबारकपुर मधु ने गांव में बिना साइन बोर्ड लगाए कंप्यूटर ऑपरेटर नवनीत कुमार और सहायक लेखाकार मनरेगा नंदकिशोर से मिलीभगत कर फर्जी बिल फीड करा कर 11 बोर्ड के 55 हजार रुपये निकाल लिए थे।
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शिकायत के बाद हुई जांच में घोटाले का खुलासा होने पर खंड विकास अधिकारी रामकुमार, कंप्यूटर ऑपरेटर नवनीत, सहायक लेखाकार नंदकिशोर व श्याम स्वयं सहायता समूह दोषी पाए गये थे। इनकी विभागीय जांच चल रही है। शुक्रवार को हुई कार्रवाई में खंड विकास अधिकारी ने साइन बोर्ड की आपूर्ति करने वाली संस्था श्याम स्वयं सहायता समूह को ब्लैक लिस्टेड कर दिया है। साथ ही फर्जी बिलों पर निकाए गए 55 हजार रुपये को उप्र ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना समिति के खाते में जमा करने के आदेश दिए है।
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इसके साथ ही सहायक लेखाकार मनरेगा नंदकिशोर और कंप्यूटर ऑपरेटर नवनीत को एक -एक हजार रुपये का अर्थ दंड जमा करने के आदेश दिए है।
-यह जानबूझ कर किया अपराध है। इस कारण संस्था को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। कंप्यूटर ऑपरेटर व सहायक लेखाकार पर भी मनरेगा एक्ट के तहत अर्थ दंड लगाया गया है। - रामकुमार, खंड विकास अधिकारी, स्योहारा