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रकबा घटा, लेकिन बढ़ी फसलों की पैदावार

Wed, 24 Feb 2021 12:01 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Feb 2021 12:01 AM IST
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Acreage decreased, yields increasing
रकबा घट गया, बढ़ रही पैदावार
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बिजनौर। जिले में खेती की जमीन का रकबा लगातार कम होता जा रहा है। पिछले दस सालों में खेती की करीब 11 हजार हेक्टेयर जमीन कम हुई है। जमीन बेचने से किसानों को पहली बार में जमीन के दाम जरूर अच्छे मिल रहे हों, लेकिन खेती से होने वाली आमदनी लगातार कम होती जा रही है। हालांकि सिक्के का एक दूसरा पहलू यह भी है कि खेती का रकबा कम होने के बाद भी फसलों का उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। फसल उत्पादन बढ़ने से किसानों की आमदनी भी बढ़ी है।
बिजनौर जिला कृषि प्रधान है। कृषि प्रधान जिले के किसान खेती में मेहनत करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। खेती में लगे किसान अब खेती में वैज्ञानिक पद्धति भी अपना रहे हैं। जिले में 2010 में खेती का रकबा तीन लाख 90 हजार हेक्टेयर था। तब सड़क, कॉलोनी, उद्योगों में 55 हजार 53 हेक्टेयर रकबा था। लेकिन लगातार बढ़ रहे शहर खेती के रकबे को कम कर रहे हैं। शहर बढ़े, नए उद्योग केंद्र लगे, होटल खुले और सड़कें बनीं। जाहिर है कि इसमें जो भी जमीन गई वह खेती की है। शहरों के विस्तार होने का असर सीधे-सीधे किसानों की जमीन पर ही पड़ा है। पहले आबादी, सड़क, उद्योगों में जिले की 55 हजार 53 हेक्टेयर जमीन घिरी हुई थी, अब 2020 में इसका रकबा बढ़कर 65 हजार 980 हेक्टेयर हो गया है। यानि खेती से करीब 11 हजार हेक्टेयर जमीन आबादी और सड़कों में खत्म हो गई है।
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साल गन्ना धान गेहूं सरसों
2011-12 576.88 23.97 32.94 11.40
2012-13 584.72 25.24 31.93 13.74
2013-14 599.32 23.29 33.04 12.74
2014-15 657.44 26.16 27.03 8.84
2015-16 686.56 25.90 31 11.74
2016-17 784.04 25.29 34.57 12.77
2017-18 843.50 25.11 34.69 15.18
2018-19 859.52 24.16 37.51 14.11
2019-20 864.92 26.55 34.99 12.54
नोट: आंकड़े क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हैं और गन्ना विभाग से लिए गए हैं।
रकबा घटा पर उत्पादन बढ़ा
जमीन का रकबा कम हुआ है, लेकिन फसलों का उत्पादन बढ़ा है। यह सब किसानों के उन्नत प्रजातियों के बीज अपनाने की वजह से हो रहा है। किसान लगातार खेती की पद्धति को भी बदल रहे हैं। इसकी वजह से फसलों की पैदावार लगातार बढ़ रही है। काफी किसान खेती में उर्वरक के प्रयोग को बढ़ा रहे हैं जबकि बहुत से किसान ऐसे भी हैं जो खेतों में रासायनिक खाद का प्रयोग बिल्कुल नहीं कर रहे हैं। ये किसान केवल जैविक खेती कर रहे हैं और जैविक फसल उगा रहे हैं। इनकी फसल के दाम बाजार से अधिक मिलते हैं।
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बढ़ रही पूंजीपतियों की आमदनी
भाकियू के युवा प्रदेश अध्यक्ष दिगंबर सिंह के अनुसार खेती का रकबा घट रहा है। किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार को कुछ करना चाहिए। लेकिन सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के बजाए पूंजीपतियों की आमदनी बढ़ाने में लगी है।
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