{"_id":"48-78436","slug":"Bijnor-78436-48","type":"story","status":"publish","title_hn":"600 ग्राम पंचायतों का प्रस्ताव निरस्त ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
600 ग्राम पंचायतों का प्रस्ताव निरस्त
Bijnor
Updated Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
विज्ञापन
बिजनौर। जिले में करीब 600 गांवों के ग्रामीणों की ओर से नई पंचायत के गठन के लिए दिया गया प्रस्ताव निरस्त हो गया है। पंचायतों के गठन में कोई पारदर्शिता नहीं बरती गई है। प्रस्तावों पर आपत्तियां तक नहीं सुनी गईं। ज्यादातर गांवों के लोग डीपीआरओ कार्यालय के चक्कर लगाते रहे। फिलहाल जिले से केवल 150-160 ग्राम पंचायतों का ही गठन किया जा रहा है।
शासन के आदेशानुसार वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर एक हजार या इससे अधिक आबादी वाले समस्त गांवों को नई ग्राम पंचायत बनाया जाना था। अपने गांव को नई पंचायत बनवाने के लिए 750 ग्रामों के लोगों ने विकासखंड कार्यालय के माध्यम से जिला पंचायत राज विभाग को प्रस्ताव दिए थे। जांच में करीब 600 प्रस्ताव निरस्त कर दिये गये हैं। किसी गांव के प्रस्ताव में आबादी कम दर्शाकर निरस्त किया गया है तो कुछ गांवों के प्रस्ताव ऐसे भी हैं, जो सियासत की बलि चढ़ गए हैं। फिलहाल जिले में 150-160 गांवों के प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया है। इन पंचायतों के गठन को अंतिम रूप देने के लिए शासन को नई ग्राम पंचायतों की सूची भेजी जा रही है। उधर, डीपीआरओ मनीष कुमार का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप वर्ष 2011 की जनगणना रिपोर्ट के आधार पर नई पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है। जिन पंचायतों के प्रस्तावों को जिला स्तर पर मंजूरी मिली हैं, उन्हें अब शासन को भेजा जा रहा है। पंचायतों के नाम अभी बताना मुश्किल है। जल्द ही स्थिति साफ कर दी जाएगी। पंचायतों के पुनर्गठन में किसी तरह की धांधली नहीं हुई है।
विज्ञापन
शासन के आदेशानुसार वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर एक हजार या इससे अधिक आबादी वाले समस्त गांवों को नई ग्राम पंचायत बनाया जाना था। अपने गांव को नई पंचायत बनवाने के लिए 750 ग्रामों के लोगों ने विकासखंड कार्यालय के माध्यम से जिला पंचायत राज विभाग को प्रस्ताव दिए थे। जांच में करीब 600 प्रस्ताव निरस्त कर दिये गये हैं। किसी गांव के प्रस्ताव में आबादी कम दर्शाकर निरस्त किया गया है तो कुछ गांवों के प्रस्ताव ऐसे भी हैं, जो सियासत की बलि चढ़ गए हैं। फिलहाल जिले में 150-160 गांवों के प्रस्तावों को स्वीकृत किया गया है। इन पंचायतों के गठन को अंतिम रूप देने के लिए शासन को नई ग्राम पंचायतों की सूची भेजी जा रही है। उधर, डीपीआरओ मनीष कुमार का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप वर्ष 2011 की जनगणना रिपोर्ट के आधार पर नई पंचायतों का पुनर्गठन किया गया है। जिन पंचायतों के प्रस्तावों को जिला स्तर पर मंजूरी मिली हैं, उन्हें अब शासन को भेजा जा रहा है। पंचायतों के नाम अभी बताना मुश्किल है। जल्द ही स्थिति साफ कर दी जाएगी। पंचायतों के पुनर्गठन में किसी तरह की धांधली नहीं हुई है।
विज्ञापन