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कभी राजस्थान, कभी एमपी में मिल रही आतंकियों की लोकेशन
Bijnor
Updated Wed, 08 Oct 2014 05:31 AM IST
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बिजनौर। फरार आतंकी कहां चले गए, इसे लेकर पुलिस, एसटीएफ और एटीएस दुविधा में है। किसी को भी आतंकियों की सही लोके शन नहीं मिल पा रही है। कभी राजस्थान तो कभी मध्य प्रदेश में आतंकियोें की लोके शन मिल रही है। रतलाम के बजरंग दल नेता के मर्डर का शक भी फरार तीन आतंकियों पर किया जा रहा है। ऐसे में माना जा रहा है कि फरार सभी आतंकी मध्यप्रदेश तो नहीं पहुंच गए।
बिजनौर के मोहल्ला जाटान में 12 सितंबर को विस्फोट होने के बाद आतंकी एजाजुद्दीन, असलम और जाकिर हुसैन ने उस दिन ही बिजनैार शहर छोड़ दिया था। अमजद, सालिक झुलसे साथी महबूब को लेकर भाटान के किराए वाले मकान पर चले गए। इसके बाद से आतंकी दो दिन तक उमरी गांव के जंगल में रहे। इसके बाद तीनों आतंकियों का कोई पता नहीं चला। तीनों आतंकियोें के कभी भूरापुर तो कभी मलकपुर डेहरी के जंगल में छिपने की बात ग्रामीण पुलिस अफसरों को बताते रहे। जंगलाें में सर्च अभियान भी चला, लेकिन कोई आतंकी नहीं मिला। फरार दो आतंकी अमजद और सालिक की लोकेशन पांच दिन पहले राजस्थान में मिली थी। दोनों आतंकियों के साथ महबूब नहीं था।
खुफिया सूत्र मान रहे है कि या तो झुलसे महबूब की मौत हो गई, या फिर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर आतंकी राजस्थान पहुंचे हैं। एजाजुद्दीन, असलम, जाकिर हुसैन का नाम मध्य प्रदेश केरतलाम में 27 सितंबर को हुए बजरंग दल के सह जिला संयोजक कपिल राठौड़ उसके कर्मचारी पुखराज पालीवाल के कत्ल में आने से मध्य प्रदेश, यूपी समेत कई जगह की एटीएस सक्रिय हो गई है तथा यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वाकई इन तीनों आतंकियों ने ही ये कत्ल किए हैं। रतलाम पुलिस हालांकि हैदर शेरानी समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर चुकी है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक फरार आतंकियों के लिए मध्य प्रदेश छिपने के लिए मुफीद रहा है। आतंकी मध्य प्रदेश के हर छोटे बड़े शहर से वाकिफ हैं। हो सकता है सभी आतंकी मध्य प्रदेश पहुंच कर वहां छिपे हों, लेकिन उनकी पुख्ता लोकेशन नहीं मिल रही है। मध्य प्रदेश की एटीएस आतंकियों के बारे में सारी जानकारी जुटाने में लगी है। कई राज्यों की पुलिस मध्य प्रदेश क ी एटीएस, एसटीएफ संपर्क में है।
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उधर, एसपी सतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि आतंकियों की कहीं भी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। सभी टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। आसपास के प्रदेशों में भी संपर्क किया जा रहा है।
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बिजनौर के मोहल्ला जाटान में 12 सितंबर को विस्फोट होने के बाद आतंकी एजाजुद्दीन, असलम और जाकिर हुसैन ने उस दिन ही बिजनैार शहर छोड़ दिया था। अमजद, सालिक झुलसे साथी महबूब को लेकर भाटान के किराए वाले मकान पर चले गए। इसके बाद से आतंकी दो दिन तक उमरी गांव के जंगल में रहे। इसके बाद तीनों आतंकियों का कोई पता नहीं चला। तीनों आतंकियोें के कभी भूरापुर तो कभी मलकपुर डेहरी के जंगल में छिपने की बात ग्रामीण पुलिस अफसरों को बताते रहे। जंगलाें में सर्च अभियान भी चला, लेकिन कोई आतंकी नहीं मिला। फरार दो आतंकी अमजद और सालिक की लोकेशन पांच दिन पहले राजस्थान में मिली थी। दोनों आतंकियों के साथ महबूब नहीं था।
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खुफिया सूत्र मान रहे है कि या तो झुलसे महबूब की मौत हो गई, या फिर उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर आतंकी राजस्थान पहुंचे हैं। एजाजुद्दीन, असलम, जाकिर हुसैन का नाम मध्य प्रदेश केरतलाम में 27 सितंबर को हुए बजरंग दल के सह जिला संयोजक कपिल राठौड़ उसके कर्मचारी पुखराज पालीवाल के कत्ल में आने से मध्य प्रदेश, यूपी समेत कई जगह की एटीएस सक्रिय हो गई है तथा यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वाकई इन तीनों आतंकियों ने ही ये कत्ल किए हैं। रतलाम पुलिस हालांकि हैदर शेरानी समेत कई लोगों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर चुकी है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक फरार आतंकियों के लिए मध्य प्रदेश छिपने के लिए मुफीद रहा है। आतंकी मध्य प्रदेश के हर छोटे बड़े शहर से वाकिफ हैं। हो सकता है सभी आतंकी मध्य प्रदेश पहुंच कर वहां छिपे हों, लेकिन उनकी पुख्ता लोकेशन नहीं मिल रही है। मध्य प्रदेश की एटीएस आतंकियों के बारे में सारी जानकारी जुटाने में लगी है। कई राज्यों की पुलिस मध्य प्रदेश क ी एटीएस, एसटीएफ संपर्क में है।
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उधर, एसपी सतेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि आतंकियों की कहीं भी लोकेशन नहीं मिल पा रही है। सभी टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं। आसपास के प्रदेशों में भी संपर्क किया जा रहा है।