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जेल से करता था रावण बातें
Bijnor
Updated Thu, 14 Feb 2013 05:30 AM IST
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बिजनौर। सुंदर भाटी गैंग के हाथों ढेर हुआ नरेंद्र उर्फ रावण जेल से खूब बातें करता था। इसकी पोल तलाशी के दौरान बरामद हुए उस सिमकार्ड से खुली है। जो रावण की हत्या से दो दिन पूर्व ही बंद हुआ था। इससे यह भी खुलासा हुआ है कि जेल में रहकर भी बंदी मोबाइल फोन का जमकर इस्तेमाल करते हैं।
पुलिस कस्टडी में गैंगवार में मारे गए नरेंद्र उर्फ रावण की तलाशी के दौरान जब उसके पास से सिमकार्ड बरामद हुआ तो पुलिस हैरान रह गई। इस सिमकार्ड के मिलने से यह बात साफ हो गई है कि जेल में बंदी मोबाइल से खूब बातचीत करते हैं। जेल अफसर हालांकि इस बात से इंकार करते हैं। अगर ऐसा है तो रावण के पास से सिमकार्ड कहां से आया और वह उसे कहां छिपाकर रखता था? पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर बंदी अपने पास सिम छिपाकर रखते हैं। पेशी पर जाने के दौरान पैसे देकर अपने किसी परिचित के मोबाइल में सिम डालकर खूब बात करते हैं। अपराधियों का यह खेल खूब चल रहा है। उधर रावण से मिले सिमकार्ड की जांच में पाया गया कि घटना से दो दिन पहले से यह सिमकार्ड बंद था। इससे पहले इस पर खूब बातचीत हुई। रावण ने इस सिमकार्ड के माध्यम से किन-किन लोगों से बात की, पुलिस इसकी कॉल डिटेल खंगाल रही है।
बब्लू पर दर्ज मिले तीन केस
पुलिस के हाथों मारे गए भाटी गैंग के शूटर बब्लू गुर्जर पर जिला गौतमबुद्धनगर में तीन केस दर्ज पाए गए हैं। एसपी एससी वाजपेयी के अनुसार बब्लू ने थाना कासना क्षेत्र में वर्ष 2010 में अपने साथी कपिल के साथ कार लूटी थी। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बब्लू से यह कार बरामद की थी। तब उस पर धारा 307 का केस भी दर्ज हुआ था। बब्लू से तमंचा बरामद होने पर 25 आर्म्स एक्ट का अलग से केस दर्ज किया गया था। वहीं बब्लू के जूते के अंदर छिपा अगर मोबाइल फोन बरामद न होता तो शायद पुलिस उसकी पहचान में अभी तक अटकी रहती। इस मोबाइल के माध्यम से पुलिस बब्लू गुर्जर तक पहुंच पाई। मोबाइल व पिस्टल के अलावा बब्लू के पास कुछ नहीं मिला।
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पुलिस कस्टडी में गैंगवार में मारे गए नरेंद्र उर्फ रावण की तलाशी के दौरान जब उसके पास से सिमकार्ड बरामद हुआ तो पुलिस हैरान रह गई। इस सिमकार्ड के मिलने से यह बात साफ हो गई है कि जेल में बंदी मोबाइल से खूब बातचीत करते हैं। जेल अफसर हालांकि इस बात से इंकार करते हैं। अगर ऐसा है तो रावण के पास से सिमकार्ड कहां से आया और वह उसे कहां छिपाकर रखता था? पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर बंदी अपने पास सिम छिपाकर रखते हैं। पेशी पर जाने के दौरान पैसे देकर अपने किसी परिचित के मोबाइल में सिम डालकर खूब बात करते हैं। अपराधियों का यह खेल खूब चल रहा है। उधर रावण से मिले सिमकार्ड की जांच में पाया गया कि घटना से दो दिन पहले से यह सिमकार्ड बंद था। इससे पहले इस पर खूब बातचीत हुई। रावण ने इस सिमकार्ड के माध्यम से किन-किन लोगों से बात की, पुलिस इसकी कॉल डिटेल खंगाल रही है।
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बब्लू पर दर्ज मिले तीन केस
पुलिस के हाथों मारे गए भाटी गैंग के शूटर बब्लू गुर्जर पर जिला गौतमबुद्धनगर में तीन केस दर्ज पाए गए हैं। एसपी एससी वाजपेयी के अनुसार बब्लू ने थाना कासना क्षेत्र में वर्ष 2010 में अपने साथी कपिल के साथ कार लूटी थी। ग्रेटर नोएडा पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान बब्लू से यह कार बरामद की थी। तब उस पर धारा 307 का केस भी दर्ज हुआ था। बब्लू से तमंचा बरामद होने पर 25 आर्म्स एक्ट का अलग से केस दर्ज किया गया था। वहीं बब्लू के जूते के अंदर छिपा अगर मोबाइल फोन बरामद न होता तो शायद पुलिस उसकी पहचान में अभी तक अटकी रहती। इस मोबाइल के माध्यम से पुलिस बब्लू गुर्जर तक पहुंच पाई। मोबाइल व पिस्टल के अलावा बब्लू के पास कुछ नहीं मिला।
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