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भाई का टीका करने जेल पहुंची बहनें
Bijnor
Updated Fri, 16 Nov 2012 12:00 PM IST
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बिजनौर। भाईदूज पर सभी बहनें अपने भाई की लंबी आयु की कामना करती हैं। गुरुवार को भाईदूज पर कारावास काट रहे भाइयों को तिलक करने उनकी बहनें जेल पहुंची। साथ ही जेल में बंद महिलाओं से टीका करवाने उनके भाई भी आए।
भाईदूज पर भाई-बहिनों के त्योहार का रंग जेल में भी देखने का मिला। यहां पहुंची बहनों ने अपने भाइयों को तिलक किया और उनकी दीर्घायु की कामना की। जेल में बंद भाई बहिन इस अवसर पर अपने आंसू नहीं रोक पाए। जेल पर सुबह से ही भाई बहिनों का तांता लगा रहा। जेल में इस समय 1150 बंदी है जिनमें से आधे हिंदू है। इसी तरह 25 हिंदू महिला बंदी भी हैं। जेल में बंद करीब 200 भाइयों का तिलक करने तो बहनें और 25 महिलाओं से उनके भाई तिलक कराने पहुंचे। बहनों ने तिलक करने के बाद भाइयों को मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा किया। जेल अधीक्षक अशोक सागर ने बताया कि भाई-बहनाें के मिलने पर कोई रोकटोक नहीं थी। जांच के बाद मिठाई भी उन्हें अंदर ले जाने दी गईं।
चांदपुर निवासी गुड्डी भाईदूज पर अपने भाई विकास से मिलने के लिए छह साल व मौजीपुर निवासी सरिता अपने भाई रूपेश से मिलने के लिए सात साल से जेल आ रही हैं। नहटौर निवासी शिवानी अपने भाई मीनू से मिलने व स्योहारा निवासी संगीता अपने भाई जितेंद्र से मिलने के लिए जेल पहुुंची। अपने भाई को जेल में बंद देख उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने बताया कि इस मौके पर भाइयों द्वारा बहनों को शगुन देने की रस्म है, लेकिन जेल में बंद उनके भाई उनको कुछ भी नहीं दे पाए जिससे उनके भाईयों की आंखों में आंसू थे।
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भाई से मिलने पहुंची तीन बहनें
चांदपुर निवासी हेमलता, राजबाला व बिजनौर निवासी जयमाला बहनें अपने भाई प्रलोक से मिलने के लिए जेल पहुंची। उन्होंने बताया कि चौथी बहन अस्वस्थ होने के कारण नहीं आ पाई। वे लगातार दूसरी बार भैयादूज के मौके पर भाई से मिलने जेल आईं हैं।
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भाईदूज पर भाई-बहिनों के त्योहार का रंग जेल में भी देखने का मिला। यहां पहुंची बहनों ने अपने भाइयों को तिलक किया और उनकी दीर्घायु की कामना की। जेल में बंद भाई बहिन इस अवसर पर अपने आंसू नहीं रोक पाए। जेल पर सुबह से ही भाई बहिनों का तांता लगा रहा। जेल में इस समय 1150 बंदी है जिनमें से आधे हिंदू है। इसी तरह 25 हिंदू महिला बंदी भी हैं। जेल में बंद करीब 200 भाइयों का तिलक करने तो बहनें और 25 महिलाओं से उनके भाई तिलक कराने पहुंचे। बहनों ने तिलक करने के बाद भाइयों को मिठाई खिलाकर उनका मुंह मीठा किया। जेल अधीक्षक अशोक सागर ने बताया कि भाई-बहनाें के मिलने पर कोई रोकटोक नहीं थी। जांच के बाद मिठाई भी उन्हें अंदर ले जाने दी गईं।
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चांदपुर निवासी गुड्डी भाईदूज पर अपने भाई विकास से मिलने के लिए छह साल व मौजीपुर निवासी सरिता अपने भाई रूपेश से मिलने के लिए सात साल से जेल आ रही हैं। नहटौर निवासी शिवानी अपने भाई मीनू से मिलने व स्योहारा निवासी संगीता अपने भाई जितेंद्र से मिलने के लिए जेल पहुुंची। अपने भाई को जेल में बंद देख उनकी आंखें भर आईं। उन्होंने बताया कि इस मौके पर भाइयों द्वारा बहनों को शगुन देने की रस्म है, लेकिन जेल में बंद उनके भाई उनको कुछ भी नहीं दे पाए जिससे उनके भाईयों की आंखों में आंसू थे।
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भाई से मिलने पहुंची तीन बहनें
चांदपुर निवासी हेमलता, राजबाला व बिजनौर निवासी जयमाला बहनें अपने भाई प्रलोक से मिलने के लिए जेल पहुंची। उन्होंने बताया कि चौथी बहन अस्वस्थ होने के कारण नहीं आ पाई। वे लगातार दूसरी बार भैयादूज के मौके पर भाई से मिलने जेल आईं हैं।