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गन्ना भुगतान व अन्य मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:12 AM IST
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गन्ना भुगतान की मांग को लेकर बेमियादी धरना शुरू
बिजनौर। भाकियू भानू के बैनर तले चीनी मिल न चलने व अवशेष गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। शत प्रतिशत गन्ना भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गन्ना समिति कार्यालय में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष वीर सिंह सहरावत ने कहा कि गन्ना भुगतान न होने से किसान आर्थिक रूप से बहुत परेशान है। केंद्र और राज्य सरकार किसानों की अनदेखी कर रही हैं। इससे किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य है। कहा कि गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाना चाहिए। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। किसानों ने शत प्रतिशत गन्ना भुगतान 14 दिन के अंदर कराने, 30 अक्तूबर तक चीनी मिल चलाने, गन्ना सट्टे की कमियों को दूर कराने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, भागूवाला में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण रूप से बंद कराने, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की गई। मांगें पूरी न होने तक जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में धरना देने का एलान किया गया। इस दौरान पदम सिंह, रामकुमार, अर्पण चौधरी, विजय सिंह, डोरी पहलवान, सत्यवीर, प्रीतम सिंह, मोनू, अजय पाल, छत्रपाल सिंह, कल्याण सिंह आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर। भाकियू भानू के बैनर तले चीनी मिल न चलने व अवशेष गन्ना भुगतान की मांग को लेकर किसानों ने जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। शत प्रतिशत गन्ना भुगतान न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
गन्ना समिति कार्यालय में हुई बैठक में जिलाध्यक्ष वीर सिंह सहरावत ने कहा कि गन्ना भुगतान न होने से किसान आर्थिक रूप से बहुत परेशान है। केंद्र और राज्य सरकार किसानों की अनदेखी कर रही हैं। इससे किसान आंदोलन करने के लिए बाध्य है। कहा कि गन्ने का भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाना चाहिए। इसके बाद किसान नारेबाजी करते हुए जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पहुंचे और धरना देकर बैठ गए। किसानों ने शत प्रतिशत गन्ना भुगतान 14 दिन के अंदर कराने, 30 अक्तूबर तक चीनी मिल चलाने, गन्ना सट्टे की कमियों को दूर कराने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, भागूवाला में चकबंदी प्रक्रिया पूर्ण रूप से बंद कराने, ओलावृष्टि से हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग की गई। मांगें पूरी न होने तक जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय में धरना देने का एलान किया गया। इस दौरान पदम सिंह, रामकुमार, अर्पण चौधरी, विजय सिंह, डोरी पहलवान, सत्यवीर, प्रीतम सिंह, मोनू, अजय पाल, छत्रपाल सिंह, कल्याण सिंह आदि मौजूद रहे।
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