{"_id":"5b22bd954f1c1b95598b456d","slug":"91529003413-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ने की फसल में लगा रोग, किसान परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ने की फसल में लगा रोग, किसान परेशान
Updated Fri, 15 Jun 2018 12:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गन्ने की फसल में लगा पोखा बोइंग रोग
फोटो - 14एनजेडबी05आर
अमर उजाला ब्यूरो
नांगलसोती/नजीबाबाद। गन्ने की फसल में पोखा बोइंग रोग लगने से किसान परेशान हैं। नांगलसोती के कई क्षेत्रों में गन्ने की फसल पोखा बोइंग से प्रभावित है। विशेषज्ञों ने किसानों से फसल पर कोराजन लगाकर तीन दिन तक फसल की सिंचाई करने की सलाह दी है।
नांगलसोती के शहजादपुर, हरचंदपुर, सौफतपुर में गन्ने की नौलख फसल पोखा बोइंग रोग से बुरी तरह प्रभावित है। लगभग दो से ढाई फीट की फसल खेतों में खड़ी है। एक सप्ताह से गन्ने के पौधे में पोखा बोइंग कीट का प्रभाव है। गन्ने की गूली सूख रही है, पत्तियां पीली पड़ रहीं हैं और गन्ने की बढ़वार प्रभावित है। किसानों ने 0238 प्रजाति का गन्ना बोया था। अधिकांश फसल रोग से प्रभावित है। क्षेत्रीय किसानों इस्लामुद्दीन, राजू, विनोद कुमार, इरशाद अहमद, दिव्यांश सिंह सहित कई किसानों के खेतों में रोग लग चुका है।
उत्तम शुगर मिल के गन्ना विकास अधिकारी ने किसानों को तत्काल रोग से प्रभावित गन्ने की फसल पर कोराजन लगाने तथा उसके थोड़ी देर बाद ही सिंचाई करने की सलाह दी है। उन्होंने कोराजन इस्तेमाल के बाद दो-तीन दिन तक लगातार गन्ने की फसल की सिंचाई करने को कहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो - 14एनजेडबी05आर
अमर उजाला ब्यूरो
नांगलसोती/नजीबाबाद। गन्ने की फसल में पोखा बोइंग रोग लगने से किसान परेशान हैं। नांगलसोती के कई क्षेत्रों में गन्ने की फसल पोखा बोइंग से प्रभावित है। विशेषज्ञों ने किसानों से फसल पर कोराजन लगाकर तीन दिन तक फसल की सिंचाई करने की सलाह दी है।
नांगलसोती के शहजादपुर, हरचंदपुर, सौफतपुर में गन्ने की नौलख फसल पोखा बोइंग रोग से बुरी तरह प्रभावित है। लगभग दो से ढाई फीट की फसल खेतों में खड़ी है। एक सप्ताह से गन्ने के पौधे में पोखा बोइंग कीट का प्रभाव है। गन्ने की गूली सूख रही है, पत्तियां पीली पड़ रहीं हैं और गन्ने की बढ़वार प्रभावित है। किसानों ने 0238 प्रजाति का गन्ना बोया था। अधिकांश फसल रोग से प्रभावित है। क्षेत्रीय किसानों इस्लामुद्दीन, राजू, विनोद कुमार, इरशाद अहमद, दिव्यांश सिंह सहित कई किसानों के खेतों में रोग लग चुका है।
विज्ञापन
उत्तम शुगर मिल के गन्ना विकास अधिकारी ने किसानों को तत्काल रोग से प्रभावित गन्ने की फसल पर कोराजन लगाने तथा उसके थोड़ी देर बाद ही सिंचाई करने की सलाह दी है। उन्होंने कोराजन इस्तेमाल के बाद दो-तीन दिन तक लगातार गन्ने की फसल की सिंचाई करने को कहा।
विज्ञापन