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बिजली निगम का सरकारी महकमों पर 15 करोड़ बकाया
Updated Wed, 21 Mar 2018 12:04 AM IST
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बिजनौर। विद्युत निगम का सरकारी विभागों पर करीब 15 करोड़ बकाया है। शिक्षा विभाग बकाया देनदारी में टॉप पर है। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग का नंबर है। निगम की ओर से बकाएदार विभागों को रेड नोटिस भेज दिए गए हैं। एक सप्ताह बाद तहसीलों को वसूलयाबी के लिए प्रकरण भेजने शुरू किए जाएंगे।
एसई विद्युत सीपी सिंह के अनुसार निगम ने बकाया वसूलयाबी अभियान चला रखा है। ग्रामीण और शहरी बकाएदारों समेत बिजली बिल न जमा करने वाले सरकारी विभागों पर शिकंजा कसा जा रहा है। शिक्षा विभाग बिजली बिल जमा करने में सबसे पीछे है। नजीबाबाद डिवीजन के शिक्षा विभाग कार्यालयों पर सबसे अधिक करीब पौने पांच करोड़ की देनदारी है। इसके बाद धामपुर डिवीजन पर करीब साढे़ तीन करोड़ का बकाया है। स्वास्थ्य विभाग की चांदपुर डिवीजन एक करोड़ 22 लाख बकाया है। धामपुर डिवीजन को करीब 50 लाख बकाया देना है। जिले में करीब 14 सरकारी महकमे ऐसे हैं जिन्हें विद्युत निगम का करीब 15 करोड़ बकाया देना है। एसई के मुताबिक जिले के 10 कस्बों में डेढ़ लाख कनेक्शन हैं। गांवों में साढ़े तीन लाख नलकूप एवं लाइट पंखे के कनेक्शन है। बकाएदारों को रेड नोटिस भेज दिए गए हैं। सरकारी महकमों को भी कोई रियायत नहीं दी जा रही है। वसूलयाबी का दबाव बढ़ने पर कुछ महकमों ने पैसा जमा करना शुरू कर दिया है। कुछ विभागों ने शासन से पैसा नहीं आने की बात कही है।
निगम के पांच बड़े बकाएदार सरकारी महकमे
विभाग बकाया धनराशि
शिक्षा विभाग नौ करोड़
स्वाथय विभाग सवा दो करोड़
पुलिस विभाग 63 लाख
सिंचाई विभाग 50 लाख
प्रशासनिक विभाग 30 लाख
बकाएदारों को रेड नोटिस भेजे गए
एसई सीपी सिंह के मुताबिक जिले के करीब डेढ़ हजार बकाएदार उपभोक्ताओं को वसूलयाबी के लिए कुर्की के लिए प्रकरण तहसील को भेजे गए हैं। बकाएदारों को सामान्य प्रक्रिया के तहत नोटिस भेजने के साथ साथ करीब दो हजार रेड नोटिस भेजे हैं।
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एसई विद्युत सीपी सिंह के अनुसार निगम ने बकाया वसूलयाबी अभियान चला रखा है। ग्रामीण और शहरी बकाएदारों समेत बिजली बिल न जमा करने वाले सरकारी विभागों पर शिकंजा कसा जा रहा है। शिक्षा विभाग बिजली बिल जमा करने में सबसे पीछे है। नजीबाबाद डिवीजन के शिक्षा विभाग कार्यालयों पर सबसे अधिक करीब पौने पांच करोड़ की देनदारी है। इसके बाद धामपुर डिवीजन पर करीब साढे़ तीन करोड़ का बकाया है। स्वास्थ्य विभाग की चांदपुर डिवीजन एक करोड़ 22 लाख बकाया है। धामपुर डिवीजन को करीब 50 लाख बकाया देना है। जिले में करीब 14 सरकारी महकमे ऐसे हैं जिन्हें विद्युत निगम का करीब 15 करोड़ बकाया देना है। एसई के मुताबिक जिले के 10 कस्बों में डेढ़ लाख कनेक्शन हैं। गांवों में साढ़े तीन लाख नलकूप एवं लाइट पंखे के कनेक्शन है। बकाएदारों को रेड नोटिस भेज दिए गए हैं। सरकारी महकमों को भी कोई रियायत नहीं दी जा रही है। वसूलयाबी का दबाव बढ़ने पर कुछ महकमों ने पैसा जमा करना शुरू कर दिया है। कुछ विभागों ने शासन से पैसा नहीं आने की बात कही है।
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निगम के पांच बड़े बकाएदार सरकारी महकमे
विभाग बकाया धनराशि
शिक्षा विभाग नौ करोड़
स्वाथय विभाग सवा दो करोड़
पुलिस विभाग 63 लाख
सिंचाई विभाग 50 लाख
प्रशासनिक विभाग 30 लाख
बकाएदारों को रेड नोटिस भेजे गए
एसई सीपी सिंह के मुताबिक जिले के करीब डेढ़ हजार बकाएदार उपभोक्ताओं को वसूलयाबी के लिए कुर्की के लिए प्रकरण तहसील को भेजे गए हैं। बकाएदारों को सामान्य प्रक्रिया के तहत नोटिस भेजने के साथ साथ करीब दो हजार रेड नोटिस भेजे हैं।
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