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अलर्ट के चलते कार्बेट टाइगर रिजर्व में कर्मियों, अधिकारियों की छुटिटयों पर रोक
Updated Thu, 28 Dec 2017 12:09 AM IST
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कालागढ़ (बिजनौर)। नववर्ष पर कार्बेट टाइगर रिजर्व में जारी अलर्ट के चलते अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियों पर कार्बेट प्रशासन ने रोक लगा दी है।
नववर्ष पर जहां जश्न मनाने की तैयारियां हो रही हैं वही कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा पर उत्तर प्रदेश और कार्बेट टाइगर रिजर्व की टीमें संयुक्त रूप से गश्त कर रही है। 31 दिसंबर और एक जनवरी को दक्षिणी सीमा की रेंज के इलाके में फ्लैग मार्च किया जाएगा। 26 दिसंबर की रात में भी विशेष गश्त की गई। कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक अमित वर्मा का कहना है कि उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद डिविजन और अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की टीमों के साथ कार्बेट टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीमें गश्त कर रही है। अक्सर नववर्ष पर वन्यजीव तस्कर सक्रिय हो जाते है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा पर पाखरों से झिरना तक अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, नगीना रेंज, साहूवाला रेंज और नजीबाबाद के जंगल की सीमा मिलती है। जहां से वन्यजीव तस्कर के प्रवेश का खतरा हो सकता है।
कालागढ़, झिरना, सोनानदी रेंज के जंगल में अधिक सक्रियता
कालागढ़ के रेंज अधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि कार्बेट टाइगर रिजर्व में प्रवेश के लिए कालागढ़ का क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील है। इसलिए यहां अधिक सक्रियता बरती जा रही है। सोना नदी रेंज के रेंजर हरीश चंद्र भट्ट का कहना है कि गांव देहात के इलाके से अक्सर बाहरी व्यक्ति जंगलों में आ जाते है। जिन पर निगाह रखी जा रही है।
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नववर्ष पर जहां जश्न मनाने की तैयारियां हो रही हैं वही कार्बेट टाइगर रिजर्व प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा पर उत्तर प्रदेश और कार्बेट टाइगर रिजर्व की टीमें संयुक्त रूप से गश्त कर रही है। 31 दिसंबर और एक जनवरी को दक्षिणी सीमा की रेंज के इलाके में फ्लैग मार्च किया जाएगा। 26 दिसंबर की रात में भी विशेष गश्त की गई। कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक अमित वर्मा का कहना है कि उत्तर प्रदेश के नजीबाबाद डिविजन और अमानगढ़ टाइगर रिजर्व की टीमों के साथ कार्बेट टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीमें गश्त कर रही है। अक्सर नववर्ष पर वन्यजीव तस्कर सक्रिय हो जाते है। कार्बेट टाइगर रिजर्व की दक्षिणी सीमा पर पाखरों से झिरना तक अमानगढ़ टाइगर रिजर्व, नगीना रेंज, साहूवाला रेंज और नजीबाबाद के जंगल की सीमा मिलती है। जहां से वन्यजीव तस्कर के प्रवेश का खतरा हो सकता है।
कालागढ़, झिरना, सोनानदी रेंज के जंगल में अधिक सक्रियता
कालागढ़ के रेंज अधिकारी आरके भट्ट का कहना है कि कार्बेट टाइगर रिजर्व में प्रवेश के लिए कालागढ़ का क्षेत्र सबसे अधिक संवेदनशील है। इसलिए यहां अधिक सक्रियता बरती जा रही है। सोना नदी रेंज के रेंजर हरीश चंद्र भट्ट का कहना है कि गांव देहात के इलाके से अक्सर बाहरी व्यक्ति जंगलों में आ जाते है। जिन पर निगाह रखी जा रही है।
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