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गांव मटौरा में राजस्व कर्मी बन वसूली करने वाले दो युवकों को बंधक बनाया
Updated Mon, 28 Aug 2017 12:28 AM IST
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दोनों राजस्वकर्मी पर अवैध वसूली का लगाया आरोप
एसडीएम के आश्वासन पर दोनों को छोड़ा गया
धामपुर। गांव मटौरा दरगाह में किसानों ने दो राजस्वलोगों को बंधक बना लिया। आरोप है कि यह दोनों कर्मचारी सरकार की ऋण माफी योजना के तहत सूची सत्यापन के नाम पर अवैध वसूल कर रहे थे। एसडीएम से शिकायत करने के बाद किसानों ने इन दोनों लोगों को बंधक मुक्त किया। एसडीएम का कहना है कि मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी।
गांव के अनुज कुमार, दिनेश कुमार, देवेंद्र कुमार, सुनील का कहना है कि ऋण माफी योजना की सूची सत्यापन के तहत राजस्व विभाग के कर्मचारी आए दिन वसूली कर रहे हैं। रविवार को चौथी बार सत्यापन के नाम पर वसूली करने पहुंचे थे। किसानों ने जब इन कर्मियों से पूछा कि सरकार ने तो 31 मार्च 2016 तक के किसानों के कर्ज माफ किए हैं। उनके कहने के मुताबिक 30 जून 2017 तक के कर्जे माफ होने का कोई औचित्य नहीं है। दोनों कर्मचारियों के सही जवाब न देने पर गांववालों ने हंगामा कर दिया और दोनों कर्मचारियों को बंधक बना लिया। मामले से एसडीएम को अवगत कराया गया। हालांकि एसडीएम आजाद भगत सिंह ने बताया कि वह इलाहाबाद में है। वह तहसीलदार और इंस्पेक्टर धामपुर को मामले से अवगत करा रहे हैं। एसडीएम ने ग्रामीणों को यह भी सुझाव दिया कि वह फूटी कौड़ी भी किसी को न दें। यदि कोई मांगता है कि तो उनके फोटो खींचकर उनके व्हाट्सएप पर भेज दें। एसडीएम ने इस मामले की जांच तहसीलदार सुरेश कुमार को सौंपी है। तहसीलदार को निर्देशित किया है कि वह निष्पक्ष जांच रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराएं।
मैं तो आज ही वापस लौटा हूं: तहसीलदार
तहसीलदार सुरेश कुमार का कहना है कि वह रविवार को चार दिन के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट से वापस लौटे हैं। ऋण माफी योजना सूची सत्यापन के नाम पर किसानों से वसूली नहीं की जा सकती है। यदि कोई ऐसा कर रहा है तो गलत है। ऐसे कर्मियों पर कार्रवाई होगी।
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मैने वसूली करने नहीं भेजा: लेखपाल
हलका लेखपाल राहुल देव का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से दो प्राइवेट लोगों को किसानों के मोबाइल नंबर और आधार कार्ड नंबर लेने के लिए भेजा था। अगर वह फर्द व हिस्सा फाड़ के नाम पर वसूली कर रहे हैं तो गलत है। वह उनके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।
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एसडीएम के आश्वासन पर दोनों को छोड़ा गया
धामपुर। गांव मटौरा दरगाह में किसानों ने दो राजस्वलोगों को बंधक बना लिया। आरोप है कि यह दोनों कर्मचारी सरकार की ऋण माफी योजना के तहत सूची सत्यापन के नाम पर अवैध वसूल कर रहे थे। एसडीएम से शिकायत करने के बाद किसानों ने इन दोनों लोगों को बंधक मुक्त किया। एसडीएम का कहना है कि मामले की जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी।
गांव के अनुज कुमार, दिनेश कुमार, देवेंद्र कुमार, सुनील का कहना है कि ऋण माफी योजना की सूची सत्यापन के तहत राजस्व विभाग के कर्मचारी आए दिन वसूली कर रहे हैं। रविवार को चौथी बार सत्यापन के नाम पर वसूली करने पहुंचे थे। किसानों ने जब इन कर्मियों से पूछा कि सरकार ने तो 31 मार्च 2016 तक के किसानों के कर्ज माफ किए हैं। उनके कहने के मुताबिक 30 जून 2017 तक के कर्जे माफ होने का कोई औचित्य नहीं है। दोनों कर्मचारियों के सही जवाब न देने पर गांववालों ने हंगामा कर दिया और दोनों कर्मचारियों को बंधक बना लिया। मामले से एसडीएम को अवगत कराया गया। हालांकि एसडीएम आजाद भगत सिंह ने बताया कि वह इलाहाबाद में है। वह तहसीलदार और इंस्पेक्टर धामपुर को मामले से अवगत करा रहे हैं। एसडीएम ने ग्रामीणों को यह भी सुझाव दिया कि वह फूटी कौड़ी भी किसी को न दें। यदि कोई मांगता है कि तो उनके फोटो खींचकर उनके व्हाट्सएप पर भेज दें। एसडीएम ने इस मामले की जांच तहसीलदार सुरेश कुमार को सौंपी है। तहसीलदार को निर्देशित किया है कि वह निष्पक्ष जांच रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराएं।
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मैं तो आज ही वापस लौटा हूं: तहसीलदार
तहसीलदार सुरेश कुमार का कहना है कि वह रविवार को चार दिन के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट से वापस लौटे हैं। ऋण माफी योजना सूची सत्यापन के नाम पर किसानों से वसूली नहीं की जा सकती है। यदि कोई ऐसा कर रहा है तो गलत है। ऐसे कर्मियों पर कार्रवाई होगी।
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मैने वसूली करने नहीं भेजा: लेखपाल
हलका लेखपाल राहुल देव का कहना है कि उन्होंने अपने स्तर से दो प्राइवेट लोगों को किसानों के मोबाइल नंबर और आधार कार्ड नंबर लेने के लिए भेजा था। अगर वह फर्द व हिस्सा फाड़ के नाम पर वसूली कर रहे हैं तो गलत है। वह उनके खिलाफ कार्रवाई कराएंगे।