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स्क्रब टाइफस को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, गाइड लाइन की जारी
Updated Wed, 05 Jul 2017 12:23 AM IST
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‘स्क्रब टाइफस’ को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क, जारी की गाइड लाइन
बिजनौर। पूरब के जिले में फैल रही स्क्रब टाइफस बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग बिजनौर में भी सतर्क हो गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने गाइड लाइन भी जारी की है। ताकि अगर जिले में कोई मरीज मिले तो उसका सही से उपचार किया जा सके।
पूरब के क्षेत्र में स्क्रब टाइफस बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। यह बीमारी पशुओं पर बैठने वाले पीसू (पशुओं में होने वाली जू) पंछी के काटने से फैलती है। स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रब टाइफस के बचाव, लक्षण और दवाई की गाइड लाइन जारी की है। डीएमओ ब्रजभूषण ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में इसकी दवाई उपलब्ध है। परेशानी होने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सक की सलाह लें।
कैसे होता है स्क्रब टाइफस
पीसू पंछी चूहे, बिल्ली, भैंस, कुत्तों आदि पशुओं पर बैठता है और इनके बैक्टीरिया प्राप्त कर लेता है। जब यह मनुष्य के शरीर में काटता है तो स्क्रब टाइफस बीमारी हो जाती है।
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लक्षण
स्क्रब टाइफस से पेट दर्द, पीठ दर्द, सिर दर्द होना, मांसपेशियों में दर्द, जी मिचलाना काटने के बाद उसी जगह पर काला दाग बनना, शुष्क खांसी होना औश्र तेज बुखार होना इसके मुख्य लक्षण है।
दवाई
स्क्रब टाइफस होने पर तुरंत अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। इसके लिए सभी अस्पतालों में डॉक्सिस्कीलाइन और एजीथ्रोमाइन उपलब्ध है। इसके इलाज के लिए यह दवाई जरूरी है।
बचाव
स्क्रब टाइफस बीमारी के बचाव के लिए सबसे पहले अपने आसपास कीटनाशक का छिड़काव करें। अधिक से अधिक स्नान करे और पीड़ित के कपड़े नहीं पहनें।
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बिजनौर। पूरब के जिले में फैल रही स्क्रब टाइफस बीमारी को लेकर स्वास्थ्य विभाग बिजनौर में भी सतर्क हो गया है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने गाइड लाइन भी जारी की है। ताकि अगर जिले में कोई मरीज मिले तो उसका सही से उपचार किया जा सके।
पूरब के क्षेत्र में स्क्रब टाइफस बीमारी तेजी से पैर पसार रही है। यह बीमारी पशुओं पर बैठने वाले पीसू (पशुओं में होने वाली जू) पंछी के काटने से फैलती है। स्वास्थ्य विभाग ने स्क्रब टाइफस के बचाव, लक्षण और दवाई की गाइड लाइन जारी की है। डीएमओ ब्रजभूषण ने बताया कि सभी सरकारी अस्पतालों में इसकी दवाई उपलब्ध है। परेशानी होने पर तुरंत अपने नजदीकी चिकित्सक की सलाह लें।
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कैसे होता है स्क्रब टाइफस
पीसू पंछी चूहे, बिल्ली, भैंस, कुत्तों आदि पशुओं पर बैठता है और इनके बैक्टीरिया प्राप्त कर लेता है। जब यह मनुष्य के शरीर में काटता है तो स्क्रब टाइफस बीमारी हो जाती है।
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लक्षण
स्क्रब टाइफस से पेट दर्द, पीठ दर्द, सिर दर्द होना, मांसपेशियों में दर्द, जी मिचलाना काटने के बाद उसी जगह पर काला दाग बनना, शुष्क खांसी होना औश्र तेज बुखार होना इसके मुख्य लक्षण है।
दवाई
स्क्रब टाइफस होने पर तुरंत अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में संपर्क करें। इसके लिए सभी अस्पतालों में डॉक्सिस्कीलाइन और एजीथ्रोमाइन उपलब्ध है। इसके इलाज के लिए यह दवाई जरूरी है।
बचाव
स्क्रब टाइफस बीमारी के बचाव के लिए सबसे पहले अपने आसपास कीटनाशक का छिड़काव करें। अधिक से अधिक स्नान करे और पीड़ित के कपड़े नहीं पहनें।