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लॉक डाउन में बढ़ गया 75 करोड़ का होम लोन

Sat, 05 Sep 2020 12:15 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2020 12:15 AM IST
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85 crore loan increased in lockdown
लॉकडाउन में बढ़ गया 85 करोड़ का लोन
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बिजनौर। लॉकडाउन में जिले के उपभोक्ताओं पर होम लोन व उद्योगों के लिए बैंकों से लिया गया ऋण बढ़ा है। होम लोन में करीब 75 करोड़ व उद्योगों के लिए हुए लोन में करीब दस करोड़ का इजाफा हुआ है। लॉकडाउन में बैंकों ने ज्यादा ऋण नहीं बांटा है। इसलिए माना जा रहा है कि यह इजाफा ब्याज में हुआ है। जिन उपभोक्ताओं के खाते समय से किस्त जमा न होने की वजह से खराब होने वाले थे, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से ऐसे लोगों को फायदा होगा। लॉकडाउन से छूट मिलने में काफी समय बीतने के बाद अब उपभोक्ता फिर से ऋण के लिए आवेदन कर रहे हैं।
खेती, उद्योग, व्यापार आदि से जुड़े उपभोक्ताओं को बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा बच्चों को शिक्षा दिलाने व मकान बनाने के लिए भी बैंक से ऋण मिलता है। इस तरह के लोन पर बैंकों द्वारा मासिक किस्त ली जाती हैं। लॉकडाउन के दौरान उपभोक्ताओं को किस्त जमा करने में छूट देते हुए केंद्र सरकार ने एलान किया था कि जो उपभोक्ता किस्त जमा नहीं कर सकते वे 31 अगस्त तक बैंकों को लिखकर दे दें। ऐसा न करने वालों के खातों से किस्त काटी जाएगी। काफी उपभोक्ताओं ने किस्त जमा करने में छूट मांगी तो काफी ने किस्त जमा भी की है।
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जिले में दिसंबर 2019 में उपभोक्ताओं पर होम लोन तीन हजार 757 करोड़, एजूकेशन के लिए 66 करोड़ व उद्योगों के लिए एक हजार 53 करोड़ का लोन था। फरवरी से देश में कोरोना संक्रमण का असर दिखने लगा था और मार्च में लॉकडाउन लगा दिया गया। लेकिन सरकार की छूट का फायदा लोगों ने उठाया और बैंकों को लिखित मेें देकर उनकी किस्त न काटने को कहा। अगर ऐसा न किया होता तो जिले भर के उपभोक्ताओें पर इन छह महीने में अरबों रुपये का ब्याज का बोझ ही बढ़ जाता। हालांकि अब भी उपभोक्ताओं पर कुल 85 करोड़ का ब्याज का बोझ बढ़ गया है।
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महीना उद्योग लोन होम लोन एजूकेशन लोन
दिसंबर 2019 1053 3757 66
मार्च 2020 1041 3250 68
जून 2020 1053 3324 65
नोट:सभी आंकड़े जिला अग्रणी प्रबंधक कार्यालय से लिए गए हैं।
15 प्रतिशत से ज्यादा लोन हुआ अनियमित
एक अनुमान के अनुसार जिले के कुल दस हजार करोड़ के लोन में से करीब 15 प्रतिशत से ज्यादा लोन एनपीए हो चुका है। मतलब समय से किस्त जमा न करने की वजह से इन उपभोक्ताओं का खाता अनियमित हो चुका है। जल्दी किस्त न चुकाने पर इनके खिलाफ आरसी जारी हो सकती है।
आयकरदाता को जल्दी मिलता है लोन
होम लोन व उद्योगों के लिए मिलने वाला लोन एकदम से नहीं मिलता है। होम लोन के लिए आयकर दाता होना जरूरी होता है या आवेदक को अपनी आय के सबूत देने होते हैं। इसके अलावा उद्यमियों को दिए जाने वाले लोन पर जीएसटीएन नंबर, उद्योग की आय या बाकी सबूत देने होते हैं।
मार्च में सबसे ज्यादा जमा करते हैं किस्त
आमतौर पर सबसे ज्यादा लोन की अदायगी मार्च में होती है। तब काफी कर्मचारियों को विभाग या कंपनी से प्रोत्साहन राशि आदि मिलता है और वेतन भी बढ़ता है। प्रमोशन को भी देखते हुए कर्मचारी अपनी किस्त से अधिक रुपया जमा कर देते हैं।
सरकारी कर्मचारियों को नहीं आई समस्या
लॉकडाउन के दौरान सरकारी कर्मचारियों को किस्त जमा करने में कोई समस्या नहीं आई। साकेत कॉलोनी निवासी निजी शिक्षिका अनीता देवी ने लॉक डाउन में होम लोन की किस्त जमा की जबकि आईटी में दिल्ली काम कर रहे गौरव ने लॉकडाउन के दौरान अपने होम लोन की किस्त को रुकवा दिया था।

संपत्ति बंधक होने से समय पर होती है किस्त जमा
इलाहाबाद बैंक के प्रबंधक नंदन चतुर्वेदी का कहना है कि होम लोन ज्यादा एनपीए नहीं होता है। इसमे संपत्ति को बंधक बनाया जाता है। संपत्ति को बंधक बनने से रोकने के लिए सभी अपनी किस्त समय से चुकाते हैं।
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