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बैंक का ऋण जमा न करने पर छत्रपाल सेक्रेटरी राजस्व हवालात में बंद
Updated Thu, 15 Nov 2018 12:48 AM IST
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बैंक का ऋण जमा न करने पर छत्रपाल हवालात में बंद
बिजनौर। पत्नी को जिला पंचायत का चुनाव लड़वाने के दौरान सपा नेताओं को जेल भिजवाने में चर्चा में रहे छत्रपाल सेक्रेटरी को द बिजनौर अरबन कोआपरेटिव बैंक का ऋण जमा न करने पर तहसील की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें राजस्व हवालात में बंद किया गया है। छत्रपाल सेक्रेटरी की पत्नी विजयवीरी जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। 2013 में छत्रपाल सेक्रेटरी ने अपनी पत्नी विजयवीरी देवी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़वाया था। सपा नेताओं के खेमे के सामने वे अपनी पत्नी को चुनाव नहीं जिता सके थे। इस चुनाव में छत्रपाल सेक्रेटरी का काफी पैसा लगा था। इस मामले में छत्रपाल सेक्रेटरी के समर्थक जिला पंचायत सदस्यों को ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट से उठा लेने के कारण सपा के पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान, उनके बेटे अमित चौहान, विधायक मनोज पारस, पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, पूर्व चेयरमैन शेरबाज पठान जेल जा चुके हैं। छत्रपाल सेके्रटरी ने द बिजनौर अरबन को ऑपरेटिव बैंक से पशु आहार बनाने के लिए करीब चार साल पहले दस लाख का ऋण लिया था। ऋण की अवधि अब बढ़कर 16 लाख रुपये हो गई थी। नोटिस देने के बाद भी ऋण जमा नहीं किया गया। बुधवार को बैंक की टीम ने छत्रपाल सेक्रेटरी को दबोच लिया।
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बिजनौर। पत्नी को जिला पंचायत का चुनाव लड़वाने के दौरान सपा नेताओं को जेल भिजवाने में चर्चा में रहे छत्रपाल सेक्रेटरी को द बिजनौर अरबन कोआपरेटिव बैंक का ऋण जमा न करने पर तहसील की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें राजस्व हवालात में बंद किया गया है। छत्रपाल सेक्रेटरी की पत्नी विजयवीरी जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। 2013 में छत्रपाल सेक्रेटरी ने अपनी पत्नी विजयवीरी देवी को जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़वाया था। सपा नेताओं के खेमे के सामने वे अपनी पत्नी को चुनाव नहीं जिता सके थे। इस चुनाव में छत्रपाल सेक्रेटरी का काफी पैसा लगा था। इस मामले में छत्रपाल सेक्रेटरी के समर्थक जिला पंचायत सदस्यों को ऋषिकेश के एक रिसॉर्ट से उठा लेने के कारण सपा के पूर्व मंत्री मूलचंद चौहान, उनके बेटे अमित चौहान, विधायक मनोज पारस, पूर्व जिलाध्यक्ष राशिद हुसैन, पूर्व चेयरमैन शेरबाज पठान जेल जा चुके हैं। छत्रपाल सेके्रटरी ने द बिजनौर अरबन को ऑपरेटिव बैंक से पशु आहार बनाने के लिए करीब चार साल पहले दस लाख का ऋण लिया था। ऋण की अवधि अब बढ़कर 16 लाख रुपये हो गई थी। नोटिस देने के बाद भी ऋण जमा नहीं किया गया। बुधवार को बैंक की टीम ने छत्रपाल सेक्रेटरी को दबोच लिया।