{"_id":"5bcb787abdec2269602c4865","slug":"81540061306-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुरानी पेंशन को लेकर आंदोलन पर अड़े कर्मचारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुरानी पेंशन को लेकर आंदोलन पर अड़े कर्मचारी
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
टाउन इंटर कालेज से पुरानी पेंशन नीति बहाल करने के लिए मशाल जुलूस निकालते शिक्षक।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुरानी पेंशन के लिए आंदोलन पर अड़े कर्मचारी
बिजनौर। पुरानी पेंशन योजना को लागू कराने के लिए कर्मचारी संगठन अडे़ हैं। शनिवार को डीएम द्वारा बुलाई गई कर्मचारी संगठनों की बैठक में प्रशासन ने नई पेंशन योजना के फायदे गिनाए तो कर्मचारी संगठनों ने नई पेंशन के नुकसान बताए। बैठक के उपरांत कर्मचारी संगठनों ने 2 से 27 अक्टूबर को पुरानी पेंशन बहाली के लिए हड़ताल पर रहने के निर्णय को कायम रखा है। प्रशासन भी कर्मचारियों की गतिविधि पर नजर रखे हुए है।
कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने पुरानी पेंशन बहाल कराने की मांग को लेकर 25 से 27 अक्टूबर तक हड़ताल पर रहने की घोषणा की है। शासन कर्मचारियों के आंदोलन पर नजर रखे है। शनिवार को डीएम अटल कुमार राय की अध्यक्षता में शिक्षकों, कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक कलक्ट्रेट के सभागार में आयोजित की गई। डीएम ने कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के फायदे बताए। कर्मचारियों को बताया गया कि एनपीएस के लिए की जा रही कटौती से ही पेंशन का भुगतान होगा। कर्मचारी नेताओं ने नई पेंशन के दोष गिनाए।
कर्मचारियों का कहना था कि एक कर्मचारी दस वर्ष सेवा करने पर सेवानिवृत्त हो गया है। नई पेंशन के रूप में उसकी पेंशन 1250 रुपये प्रति महीना बनी है। जबकि यदि वह पुरानी पेंशन में होता तो उसकी पेंशन कम से कम 16 हजार रुपये प्रति महीना बनती। बैठक के दौरान कर्मचारियों को शासन के निर्देशों से अवगत कराया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण मिश्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व अवधेश मिश्रा, जिला कोषाधिकारी सूरज कुमार के अलावा पुरानी पेंशन मंच के अध्यक्ष नागेश कुमार, संयोजक देशराज सिंह, राज्य कर्मचारियों के अध्यक्ष राकेश शर्मा, अटेवा के संगठन मंत्री चंद्रहास, ब्लाक अध्यक्ष अरविंद चौधरी, राहुल राठी, जिला मंत्री प्रशांत सिंह, रूपेश चौधरी, रुचिता सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरशद जमाली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर, प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में पुरानी पेंशन के लिए आंदोलन की रणनीति बनाई गई। नजीबाबाद के ब्लाक अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने कहा कि आंदोलन में सभी संगठन एकजुट रहें और पुरानी पेंशन बहाल कराने में सहयोग करें। बैठक में असीम चौहान, ब्लाक अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, जितेंद्र कुमार, अरविंद सिंह आदि ने विचार रखे।
नो वर्क, नो पे होगा लागू
शासन कर्मचारियों के आंदोलन पर सख्त है। आंदोलन से निपटने के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। शासन ने आंदोलन पर रहने वाले कर्मचारियों के लिए नो वर्क नो पे लागू करने को कहा है। प्रमुख सचिव ने इसके आदेश जिले के सभी अधिकारियों को दिए हैं। शनिवार को डीएम अटल कुमार राय ने भी कर्मचारी नेताओं को शासन के आदेश से अवगत करा दिया है। तीन दिन की हड़ताल पर रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों पर वेतन कटौती की गाज गिर सकती है।
विज्ञापन
बिजनौर। पुरानी पेंशन योजना को लागू कराने के लिए कर्मचारी संगठन अडे़ हैं। शनिवार को डीएम द्वारा बुलाई गई कर्मचारी संगठनों की बैठक में प्रशासन ने नई पेंशन योजना के फायदे गिनाए तो कर्मचारी संगठनों ने नई पेंशन के नुकसान बताए। बैठक के उपरांत कर्मचारी संगठनों ने 2 से 27 अक्टूबर को पुरानी पेंशन बहाली के लिए हड़ताल पर रहने के निर्णय को कायम रखा है। प्रशासन भी कर्मचारियों की गतिविधि पर नजर रखे हुए है।
कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने पुरानी पेंशन बहाल कराने की मांग को लेकर 25 से 27 अक्टूबर तक हड़ताल पर रहने की घोषणा की है। शासन कर्मचारियों के आंदोलन पर नजर रखे है। शनिवार को डीएम अटल कुमार राय की अध्यक्षता में शिक्षकों, कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक कलक्ट्रेट के सभागार में आयोजित की गई। डीएम ने कर्मचारियों को नई पेंशन योजना के फायदे बताए। कर्मचारियों को बताया गया कि एनपीएस के लिए की जा रही कटौती से ही पेंशन का भुगतान होगा। कर्मचारी नेताओं ने नई पेंशन के दोष गिनाए।
विज्ञापन
कर्मचारियों का कहना था कि एक कर्मचारी दस वर्ष सेवा करने पर सेवानिवृत्त हो गया है। नई पेंशन के रूप में उसकी पेंशन 1250 रुपये प्रति महीना बनी है। जबकि यदि वह पुरानी पेंशन में होता तो उसकी पेंशन कम से कम 16 हजार रुपये प्रति महीना बनती। बैठक के दौरान कर्मचारियों को शासन के निर्देशों से अवगत कराया गया। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण मिश्र, एडीएम वित्त एवं राजस्व अवधेश मिश्रा, जिला कोषाधिकारी सूरज कुमार के अलावा पुरानी पेंशन मंच के अध्यक्ष नागेश कुमार, संयोजक देशराज सिंह, राज्य कर्मचारियों के अध्यक्ष राकेश शर्मा, अटेवा के संगठन मंत्री चंद्रहास, ब्लाक अध्यक्ष अरविंद चौधरी, राहुल राठी, जिला मंत्री प्रशांत सिंह, रूपेश चौधरी, रुचिता सिंह, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अरशद जमाली आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर, प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक में पुरानी पेंशन के लिए आंदोलन की रणनीति बनाई गई। नजीबाबाद के ब्लाक अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने कहा कि आंदोलन में सभी संगठन एकजुट रहें और पुरानी पेंशन बहाल कराने में सहयोग करें। बैठक में असीम चौहान, ब्लाक अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, जितेंद्र कुमार, अरविंद सिंह आदि ने विचार रखे।
नो वर्क, नो पे होगा लागू
शासन कर्मचारियों के आंदोलन पर सख्त है। आंदोलन से निपटने के लिए अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए गए हैं। शासन ने आंदोलन पर रहने वाले कर्मचारियों के लिए नो वर्क नो पे लागू करने को कहा है। प्रमुख सचिव ने इसके आदेश जिले के सभी अधिकारियों को दिए हैं। शनिवार को डीएम अटल कुमार राय ने भी कर्मचारी नेताओं को शासन के आदेश से अवगत करा दिया है। तीन दिन की हड़ताल पर रहने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों पर वेतन कटौती की गाज गिर सकती है।