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योग से दूर होते हैं शारीरिक रोग : सोमदत
Updated Fri, 03 Aug 2018 12:29 AM IST
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योग से दूर होते हैं शारीरिक रोग : सोमदत्त
बिजनौर । सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों और आचार्यों को विभिन्न योगासनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सभी को योगाभ्यास कराकर दैनिक योग के लिए प्रेरित किया।
मोहल्ला जाटान स्थित विद्यालय में बच्चों को योग के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया । कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र, महा मृत्युंजय मंत्र एवं शांति पाठ के साथ योग व प्राणायाम आदि के साथ किया। योगाचार्य सोमदत्त शर्मा ने कहा कि नियमित योग करने से हमारे शरीर की समस्त मांसपेशियां, चुस्त रहती हैं। साथ ही इससे विटामिन डी मिलता है। उन्होंने बताया कि अनुलोम विलोम, उज्जैयी, भ्रामरी, उदगीय, प्राणायाम क्रमश: मस्तिष्क, माइग्रेन व स्मरण शक्ति को क्षीण करने से संबंधित बीमारियों को दूर करते हैं। प्राणायाम से शरीर की अशुद्ध वायु बाहर निकलती है। अग्निसार, कपाल भांति प्राणायाम पेट से संबंधित 80 प्रतिशत बीमारियों को दूर करते हैं। मर्कटासन से लीवर, गुर्दों, बवासीर जैसी बीमारियां दूर होती हैं। कुल मिलाकर कहने का मतलब ये है कि समस्त योगासन हमारी 72 हजार नस-नाड़ियों को स्वस्थ रखते हैं। उन्होंने सभी लोगों से अपने दैनिक जीवन योग को शामिल करने की अपील की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य स्वर्ण सिंह, विनोद कुमार, चित्रा चौहान आदि मौजूद रहे।
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बिजनौर । सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों और आचार्यों को विभिन्न योगासनों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। सभी को योगाभ्यास कराकर दैनिक योग के लिए प्रेरित किया।
मोहल्ला जाटान स्थित विद्यालय में बच्चों को योग के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया । कार्यक्रम का शुभारंभ गायत्री मंत्र, महा मृत्युंजय मंत्र एवं शांति पाठ के साथ योग व प्राणायाम आदि के साथ किया। योगाचार्य सोमदत्त शर्मा ने कहा कि नियमित योग करने से हमारे शरीर की समस्त मांसपेशियां, चुस्त रहती हैं। साथ ही इससे विटामिन डी मिलता है। उन्होंने बताया कि अनुलोम विलोम, उज्जैयी, भ्रामरी, उदगीय, प्राणायाम क्रमश: मस्तिष्क, माइग्रेन व स्मरण शक्ति को क्षीण करने से संबंधित बीमारियों को दूर करते हैं। प्राणायाम से शरीर की अशुद्ध वायु बाहर निकलती है। अग्निसार, कपाल भांति प्राणायाम पेट से संबंधित 80 प्रतिशत बीमारियों को दूर करते हैं। मर्कटासन से लीवर, गुर्दों, बवासीर जैसी बीमारियां दूर होती हैं। कुल मिलाकर कहने का मतलब ये है कि समस्त योगासन हमारी 72 हजार नस-नाड़ियों को स्वस्थ रखते हैं। उन्होंने सभी लोगों से अपने दैनिक जीवन योग को शामिल करने की अपील की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य स्वर्ण सिंह, विनोद कुमार, चित्रा चौहान आदि मौजूद रहे।
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