{"_id":"5b5b71364f1c1bde6d8b4dd1","slug":"81532719414-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह साल से गुम बच्ची का सोशल मीडिया से सुराग मिलने पर परिजनों में खुशी की लहर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह साल से गुम बच्ची का सोशल मीडिया से सुराग मिलने पर परिजनों में खुशी की लहर
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चांदपुर। नगर से करीब 11 साल पूर्व लापता हुई किशोरी सोशल मीडिया के माध्यम से शिमला के बालिका आश्रम से मिली। बालिका का पता चलने पर माता पिता में खुशी की लहर दौड़ गई। बेटी को घर लाने के लिए परिजन शिमला के लिए रवाना हो गए है।
मोहल्ला सरायरफी निवासी सुशील कुमार की सात वर्षीय पुत्री काजल 2007 में लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी काजल नहीं मिली थी। परिजनों ने काजल के मिलने की आस छोड़ दी थी। 11 वर्ष बाद सोशल मीडिया के माध्यम से काजल अपने परिजनों तक पहुंच गई है। कोतवाली निरीक्षक दुर्गेश कुमार मिश्रा व नगर के डा. भूपेंद्र तोमर ने सुशील कुमार से उनकी पुत्री के शिमला के बालिका आश्रम में होने का पता लगा तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
बास्टा क्षेत्र से एक अन्य युवती लापता चल रही है। युवती की तलाश के लिए कोतवाली निरीक्षक दुर्गेश मिश्रा ने सोशल मीडिया पर बने क्राइम ब्रांच के ग्रुप में चांदपुर क्षेत्र से एक युवती के लापता होने की सूचना डाली हुई थी। हरियाणा क्राइम ब्रांच के अफसरों ने इस सूचना को देख शिमला के बालिका आश्रम में रह रही चांदपुर निवासी गायब किशोरी की सूचना व फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि उन्होंने सूचना पढ़कर सोचा कि बास्टा की युवती मिल गई है, लेकिन जब फोटो देखा तो वह युवती को पहचान नहीं सके। कोतवाली निरीक्षक ने फोटो व पोस्ट स्थानीय ग्रुप पर पोस्ट कर दी। कोतवाली निरीक्षक की पोस्ट पढ़कर भाजपा नेता पुखराज सैनी व मोहल्ला सरायरफी निवासी डा.भूपेंद्र तोमर युवती की पहचान कराने में जुट गए। करीब दो घंटे में बाद चल पाया कि आश्रम में रहने वाली किशोरी सुशील कुुमार की बेटी काजल है। माता-पिता बेटी को लाने के लिए जाने की तैयारी में लगे हैं। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश मिश्रा के मुताबिक परिजन किशोरी को लेने शिमला गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मोहल्ला सरायरफी निवासी सुशील कुमार की सात वर्षीय पुत्री काजल 2007 में लापता हो गई थी। काफी तलाश के बाद भी काजल नहीं मिली थी। परिजनों ने काजल के मिलने की आस छोड़ दी थी। 11 वर्ष बाद सोशल मीडिया के माध्यम से काजल अपने परिजनों तक पहुंच गई है। कोतवाली निरीक्षक दुर्गेश कुमार मिश्रा व नगर के डा. भूपेंद्र तोमर ने सुशील कुमार से उनकी पुत्री के शिमला के बालिका आश्रम में होने का पता लगा तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
विज्ञापन
बास्टा क्षेत्र से एक अन्य युवती लापता चल रही है। युवती की तलाश के लिए कोतवाली निरीक्षक दुर्गेश मिश्रा ने सोशल मीडिया पर बने क्राइम ब्रांच के ग्रुप में चांदपुर क्षेत्र से एक युवती के लापता होने की सूचना डाली हुई थी। हरियाणा क्राइम ब्रांच के अफसरों ने इस सूचना को देख शिमला के बालिका आश्रम में रह रही चांदपुर निवासी गायब किशोरी की सूचना व फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दी। कोतवाली निरीक्षक ने बताया कि उन्होंने सूचना पढ़कर सोचा कि बास्टा की युवती मिल गई है, लेकिन जब फोटो देखा तो वह युवती को पहचान नहीं सके। कोतवाली निरीक्षक ने फोटो व पोस्ट स्थानीय ग्रुप पर पोस्ट कर दी। कोतवाली निरीक्षक की पोस्ट पढ़कर भाजपा नेता पुखराज सैनी व मोहल्ला सरायरफी निवासी डा.भूपेंद्र तोमर युवती की पहचान कराने में जुट गए। करीब दो घंटे में बाद चल पाया कि आश्रम में रहने वाली किशोरी सुशील कुुमार की बेटी काजल है। माता-पिता बेटी को लाने के लिए जाने की तैयारी में लगे हैं। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश मिश्रा के मुताबिक परिजन किशोरी को लेने शिमला गए हैं।
विज्ञापन