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किसान भूमि अधिग्रहण संघर्ष समिति ने उठाया मुआवजे का मुद्दा
Updated Tue, 23 Jan 2018 11:53 PM IST
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जलालाबाद(बिजनौर)। हरिद्वार-काशीपुर फोरलेन बाईपास मार्ग के लिए अर्जित भूमि का वाजिब मुआवजा नहीं मिलने पर जलालाबाद निवासी भूमि नहीं देंगे। किसान भूमि अधिग्रहण संघर्ष समिति की बैठक में यह फैसला लिया गया।
मंगलवार को जलालाबाद में समिति की बैठक आयोजित हुई। पूर्व चेयरमैन खलील राईन ने कहा कि फोरलेन बाईपास मार्ग में जलालाबाद क्षेत्र के कई किसानों की जमीन अर्जित करने के लिए अगस्त 2013 में 2500 रुपये प्रति वर्गमीटर मूल्य निर्धारित किया गया था। जिस पर किसानों ने सहमति व्यक्त की थी। विभिन्न क्षेत्रों में किसानों की जमीन लेकर उन्हें मुआवजा दे दिया गया, लेकिन नगर पंचायत जलालाबाद को नजरअंदाज किया गया।
खुर्शीद शेख ने कहा कि वर्तमान में जलालाबाद क्षेत्र में जिस स्थान से फोरलेन बाईपास गुजारा जाना है, वह आवासीय भूमि है और नगर पंचायत क्षेत्र में आती है। नगर पंचायत की ओर से प्रत्येक रजिस्ट्री पर दो प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क भी वसूल किया जाता है। उन्होंने किसान हित में जमीन का मूल्य पांच हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित कर मुआवजा देने की मांग की। बैठक में शामिल लोगों ने तय किया कि इससे कम पर वे जमीन नहीं देंगे। मो. शाहिद की अध्यक्षता में हुई बैठक में डॉ. एस प्रसाद, ताहिर राईन, डॉ. आजाद, हाजी जुल्फकार, इबादुर्रहमान, शमीम अहमद, काजी बिलाल, हरिया, इंदर, शहजाद आदि शामिल हुए।
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मंगलवार को जलालाबाद में समिति की बैठक आयोजित हुई। पूर्व चेयरमैन खलील राईन ने कहा कि फोरलेन बाईपास मार्ग में जलालाबाद क्षेत्र के कई किसानों की जमीन अर्जित करने के लिए अगस्त 2013 में 2500 रुपये प्रति वर्गमीटर मूल्य निर्धारित किया गया था। जिस पर किसानों ने सहमति व्यक्त की थी। विभिन्न क्षेत्रों में किसानों की जमीन लेकर उन्हें मुआवजा दे दिया गया, लेकिन नगर पंचायत जलालाबाद को नजरअंदाज किया गया।
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खुर्शीद शेख ने कहा कि वर्तमान में जलालाबाद क्षेत्र में जिस स्थान से फोरलेन बाईपास गुजारा जाना है, वह आवासीय भूमि है और नगर पंचायत क्षेत्र में आती है। नगर पंचायत की ओर से प्रत्येक रजिस्ट्री पर दो प्रतिशत रजिस्ट्री शुल्क भी वसूल किया जाता है। उन्होंने किसान हित में जमीन का मूल्य पांच हजार रुपये प्रति वर्गमीटर निर्धारित कर मुआवजा देने की मांग की। बैठक में शामिल लोगों ने तय किया कि इससे कम पर वे जमीन नहीं देंगे। मो. शाहिद की अध्यक्षता में हुई बैठक में डॉ. एस प्रसाद, ताहिर राईन, डॉ. आजाद, हाजी जुल्फकार, इबादुर्रहमान, शमीम अहमद, काजी बिलाल, हरिया, इंदर, शहजाद आदि शामिल हुए।
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