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खत्म होने लगा गन्ना, मिलों का इंडेंट हो रहा फेल
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खत्म होने लगा गन्ना, मिलों का इंडेंट हो रहा फेल
बिजनौर। किसानों का गन्ना खत्म होने लगा है। गन्ने की कमी के चलते मिलों का इंडेंट फेल होने लगा है। गन्ना विभाग ने पेराई सत्र का आखिरी समय आने पर सर्वे कराना शुरू कर दिया है। देखा जा रहा है कि कितने किसान ऐसे हैं जिनके पास 20 से ज्यादा गन्ना पर्ची हैं। साथ ही पर्ची से अधिक सट्टे वाले किसानों की भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
गन्ने की पैदावार पिछले साल के मुकाबले कम निकल रही है। चालू पेराई सत्र में चीनी मिलों के देरी से चलने के बाद भी चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति कम हो रही है। मिल किसानों को जो इंडेंट भेजती हैं, उसी के अनुसार किसान पर्ची पर गन्ना मिलों और क्रय केंद्रों को देते हैं। किसानों के पास चालू पेराई सत्र में गन्ना कम होने लगा है। बुंदकी चीनी मिल का हर रोज करीब 12 प्रतिशत इंडेंट फेल हो रहा है। किसान गन्ना लेकर नहीं आ रहे हैं। इससे चीनी मिलों को भी पेराई के अनुसार गन्ना नहीं मिल रहा है और कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। गन्ना कम मिलने के चलते गन्ना विभाग ने किसानों के पास खड़े गन्ने का सर्वे कराना शुरू किया है। देखा जा रहा है कि किस किसान के पास 20 से ज्यादा गन्ना पर्ची हैं। इसका भी सर्वे किया जा रहा है कि किन किसानों के पास सट्टे से अधिक गन्ना है। चीनी मिल इन किसानों को पहले से ज्यादा पर्ची देंगी।
शत प्रतिशत गन्ना पेरेंगी मिल
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह का कहना है कि गन्ने का सर्वे कराया जा रहा है। किसानों के शत प्रतिशत गन्ने की पेराई कराई जाएगी। जब तक किसानों के खेत में गन्ना है तब तक सभी चीनी मिल चलेंगी।
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चीनी मिल पेराई क्षमता
धामपुर 140000
स्योहारा 130000
बिलाई 90000
बहादरपुर 75000
बरकातपुर 70000
बुंदकी 65000
चांदपुर 45000
बिजनौर 35000
नजीबाबाद 30000
योग 680000
नोट : ये आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। पेराई क्षमता क्विंटल प्रतिदिन में है।
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बिजनौर। किसानों का गन्ना खत्म होने लगा है। गन्ने की कमी के चलते मिलों का इंडेंट फेल होने लगा है। गन्ना विभाग ने पेराई सत्र का आखिरी समय आने पर सर्वे कराना शुरू कर दिया है। देखा जा रहा है कि कितने किसान ऐसे हैं जिनके पास 20 से ज्यादा गन्ना पर्ची हैं। साथ ही पर्ची से अधिक सट्टे वाले किसानों की भी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
गन्ने की पैदावार पिछले साल के मुकाबले कम निकल रही है। चालू पेराई सत्र में चीनी मिलों के देरी से चलने के बाद भी चीनी मिलों को गन्ने की आपूर्ति कम हो रही है। मिल किसानों को जो इंडेंट भेजती हैं, उसी के अनुसार किसान पर्ची पर गन्ना मिलों और क्रय केंद्रों को देते हैं। किसानों के पास चालू पेराई सत्र में गन्ना कम होने लगा है। बुंदकी चीनी मिल का हर रोज करीब 12 प्रतिशत इंडेंट फेल हो रहा है। किसान गन्ना लेकर नहीं आ रहे हैं। इससे चीनी मिलों को भी पेराई के अनुसार गन्ना नहीं मिल रहा है और कार्यक्षमता प्रभावित हो रही है। गन्ना कम मिलने के चलते गन्ना विभाग ने किसानों के पास खड़े गन्ने का सर्वे कराना शुरू किया है। देखा जा रहा है कि किस किसान के पास 20 से ज्यादा गन्ना पर्ची हैं। इसका भी सर्वे किया जा रहा है कि किन किसानों के पास सट्टे से अधिक गन्ना है। चीनी मिल इन किसानों को पहले से ज्यादा पर्ची देंगी।
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शत प्रतिशत गन्ना पेरेंगी मिल
जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह का कहना है कि गन्ने का सर्वे कराया जा रहा है। किसानों के शत प्रतिशत गन्ने की पेराई कराई जाएगी। जब तक किसानों के खेत में गन्ना है तब तक सभी चीनी मिल चलेंगी।
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चीनी मिल पेराई क्षमता
धामपुर 140000
स्योहारा 130000
बिलाई 90000
बहादरपुर 75000
बरकातपुर 70000
बुंदकी 65000
चांदपुर 45000
बिजनौर 35000
नजीबाबाद 30000
योग 680000
नोट : ये आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। पेराई क्षमता क्विंटल प्रतिदिन में है।