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दो घंटे बिना डॉक्टर चली जिला अस्पताल की इमरजेंसी
Updated Sat, 01 Dec 2018 12:20 AM IST
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अमरोहा। इसे जिला अस्पताल प्रशासन की मनमानी कहें या डाक्टरों की लापरवाही। आपातकालीन सेवा के लिहाज से महत्वपूर्ण जिला अस्पताल की इमरजेंसी शुक्रवार को दो घंटे बिना डॉक्टर के रही। दोपहर साढ़े बारह बजे से ढाई बजे तक इमरजेंसी में ईएमओ की कुर्सी खाली रही। इस दौरान इमरजेंसी में पहुंची मरीजों को फार्मेसिस्ट ने अटेंड किया या फिर मरीज बिना इलाज लौट गया।
शुक्रवार को दिन में डा. चरन सिंह की इमरजेंसी ड्यूटी लगी थी। उनकी ड्यूटी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक थी। इस बीच वह करीब साढ़े बारह बजे शवों का पोस्टमार्टम करने पोस्टमार्टम हाउस चले गए। इसके बाद इमरजेंसी में ईएमओ की कुर्सी खाली हो गई।
हालांकि अस्पताल प्रशासन ने दूसरे डाक्टर इमरजेंसी ड्यूटी करने के लिए बुलाया। लेकिन डॉक्टर को बाहर से आकर अस्पताल में ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके चलते डॉक्टर को ड्यूटी पर पहुंचने में समय लग गया।
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वह ढाई बजे अस्पताल पहुंचे। तब तक करीब दो घंटे तक इमरजेंसी बिना डाक्टर चलती रही। इस इंतजाम से जिला अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर सवालिया निशान लग गया है। इस दौरान पहुंचे मरीज इमरजेंसी में डाक्टर न होने पर निराश लौट गए।
जबरन कराए जा रहे पोस्टमार्टम
इमरजेंसी में देर से ड्यूटी पर पहुंचे ईएमओ डॉ. चंद्रपाल सिंह का कहना है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों से जबरन पोस्टमार्टम करवाए जा रहे हैं। इसके चलते डॉक्टर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का ठीक ढंग से इलाज नहीं कर पा रहे हैं। गुरुवार को भी इमरजेंसी में ड्यूटी होने के बावजूद दो पोस्टमार्टम करने पड़े। अस्पताल प्रशासन जानबूझकर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों से पोस्टमार्टम करा रहा है। इससे इमरजेंसी सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
दो डॉक्टरों गए थे पोस्टमार्टम ड्यूटी
सीएमएस डॉ. रामनिवास ने कहा कि ईएमओ डॉ. चरन सिंह और डॉ. चंद्रपाल सिंह से ही पोस्टमार्टम ड्यूटी कराया जाता है। इत्तिफाक से शुक्रवार को दोनों की इमरजेंसी में डयूटी लगी थी। डॉ. चरन सिंह की अनुपस्थिति में डॉ. चंद्रपाल सिंह को ड्यूटी पर पहुंचने में समय लग गया। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल के दो डॉक्टर के अलावा बाकि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर सीएमओ के अधीन हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के पोस्टमार्टम करने से इमरजेंसी सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। इस संबंध में सीमएओ से बात कर पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की डिमांड की जाएगी।
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शुक्रवार को दिन में डा. चरन सिंह की इमरजेंसी ड्यूटी लगी थी। उनकी ड्यूटी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक थी। इस बीच वह करीब साढ़े बारह बजे शवों का पोस्टमार्टम करने पोस्टमार्टम हाउस चले गए। इसके बाद इमरजेंसी में ईएमओ की कुर्सी खाली हो गई।
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हालांकि अस्पताल प्रशासन ने दूसरे डाक्टर इमरजेंसी ड्यूटी करने के लिए बुलाया। लेकिन डॉक्टर को बाहर से आकर अस्पताल में ड्यूटी करनी पड़ती है। इसके चलते डॉक्टर को ड्यूटी पर पहुंचने में समय लग गया।
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वह ढाई बजे अस्पताल पहुंचे। तब तक करीब दो घंटे तक इमरजेंसी बिना डाक्टर चलती रही। इस इंतजाम से जिला अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर सवालिया निशान लग गया है। इस दौरान पहुंचे मरीज इमरजेंसी में डाक्टर न होने पर निराश लौट गए।
जबरन कराए जा रहे पोस्टमार्टम
इमरजेंसी में देर से ड्यूटी पर पहुंचे ईएमओ डॉ. चंद्रपाल सिंह का कहना है कि इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों से जबरन पोस्टमार्टम करवाए जा रहे हैं। इसके चलते डॉक्टर इमरजेंसी में आने वाले मरीजों का ठीक ढंग से इलाज नहीं कर पा रहे हैं। गुरुवार को भी इमरजेंसी में ड्यूटी होने के बावजूद दो पोस्टमार्टम करने पड़े। अस्पताल प्रशासन जानबूझकर इमरजेंसी में तैनात डॉक्टरों से पोस्टमार्टम करा रहा है। इससे इमरजेंसी सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।
दो डॉक्टरों गए थे पोस्टमार्टम ड्यूटी
सीएमएस डॉ. रामनिवास ने कहा कि ईएमओ डॉ. चरन सिंह और डॉ. चंद्रपाल सिंह से ही पोस्टमार्टम ड्यूटी कराया जाता है। इत्तिफाक से शुक्रवार को दोनों की इमरजेंसी में डयूटी लगी थी। डॉ. चरन सिंह की अनुपस्थिति में डॉ. चंद्रपाल सिंह को ड्यूटी पर पहुंचने में समय लग गया। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल के दो डॉक्टर के अलावा बाकि पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर सीएमओ के अधीन हैं। जिला अस्पताल के डॉक्टरों के पोस्टमार्टम करने से इमरजेंसी सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। इस संबंध में सीमएओ से बात कर पोस्टमार्टम के लिए डॉक्टरों की डिमांड की जाएगी।