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सफाई कर्मचारी ने डीपीआरओ पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप

Wed, 19 Sep 2018 12:31 AM IST
Updated Wed, 19 Sep 2018 12:31 AM IST
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सफाई कर्मचारी ने डीपीआरओ पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
सफाई कर्मचारी ने डीपीआरओ पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
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बिजनौर/हीमपुरदीपा। सफाई से जुड़े उपकरण चोरी करने व ड्यूटी पर न जाने के आरोप में बर्खास्तगी की कार्रवाई का सामना कर रहे एक सफाई कर्मचारी ने जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर सफाई कर्मचारी ने मनीष कुमार के भ्रष्टाचार की जांच किसी ईमानदार अधिकारी से कराने की मांग की है। ऐसा न होने पर 11वें दिन परिवार सहित आत्मदाह करने की चेतावनी दी है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पुलिस उसके घर पहुंची तो सफाई कर्मचारी पत्नी व बच्चों सहित गायब मिला।

गांव भवानीपुर निवासी ओमवीर वाल्मीकि ग्राम पंचायत सफाई कर्मचारी है व पद से निलंबित चल रहा है। उस पर गांवों में तैनाती के दौरान सफाई से जुड़ी ट्राली आदि बेचने तथा महीनों तक काम पर न जाने का आरोप है। पिछले साल उसने बहाली के लिए रात में किसी समय विकास भवन व जलीलपुर ब्लॉक के गेट पर ताला जड़ दिया था और हीमपुरदीपा में एक कंपनी के टावर पर चढ़ गया था। उसने आत्महत्या की धमकी देते हुए काफी हंगामा किया था। पुलिस ने किसी तरह उसे टावर से नीचे उतारा था। अब उसने सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल की है। वायरल वीडियो में कहा कि सफाई कर्मचारियों का वेतन अकारण रोक कर पांच हजार रुपये महीना लेकर जारी किया जाता है। ट्रांसफर के लिए उनसे 12 से 15 हजार रुपये लिए जाते हैं। किसी कागज पर डीपीआरओ की मुहर चाहिए तो भी 15 हजार रुपये लिए जाते हैं। शिकायत करने पर निलंबित कर देते हैं और बहाल करने के नाम पर 30 हजार रुपये लिए जाते हैं। इसके मास्टर माइंड जिला पंचायत रात अधिकारी मनीष कुमार हैं। उसके अनुसार इस हिसाब से विभाग में जिले में एक करोड़ रुपये महीना का भ्रष्टाचार किया जा रहा है। कहा कि उसने शिकायत की तो उसे दो बार निलंबित किया जा चुका है। किसी ईमानदार अधिकारी से इस मामले में दस दिन के अंदर जांच की मांग की है। ऐसा न होने पर योगी आदित्यनाथ के लखनऊ में होने वाले जनता दरबार में 11वें दिन परिवार सहित आत्महत्या की बात कही है। जिला पंचायत राज अधिकारी मनीष कुमार का कहना है कि ओमवीर वाल्मीकि को कई गंभीर आरोपों के मामले में बर्खास्त किया जा रहा है। उसने सामान चोरी भी किया है। वह गलत दबाव बनाने के लिए ऐसी वीडियो जारी कर रहा है। उन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप गलत है। वहीं वीडियो वायरल होने के बाद से पुलिस में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस दो बार ओमवीर के घर जा चुकी है। घर पर ओमवीर के पिता आशाराम व मां रेखा ही मिले। उन्होंने बताया कि ओमवीर अपनी पत्नी मोना व तीन बच्चों के साथ सोमवार को लखनऊ चला गया है। उनका कहना है कि ओमवीर का अधिकारी आर्थिक शोषण कर रहे हैं। बीडीओ नौबहार सिंह का कहना है कि ओमवीर अपनी ड्यूटी के प्रति लापरवाह है। अनावश्यक दबाव डालने के लिए वह ऐसा करता है।
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