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गर्मी शुरु होते ही बढ़ा मच्छरों का प्रकोप
Updated Tue, 03 Apr 2018 11:36 PM IST
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मच्छरों का प्रकोप बढ़ा, बीमारी का खतरा
नूरपुर (बिजनौर)। गर्मी शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इसके कारण मलेरिया एवं डेंगू बीमारियों के पैर पसारने का खतरा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांवों में कीटनाशक दवाई का छिड़काव कराए जाने की मांग की है।
अप्रैल का महीना शुरू होते ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। मच्छरों की बढ़ती संख्या के चलते मलेरिया, डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों के पैर पसारने का खतरा हो गया है। दो वर्ष पूर्व क्षेत्र के गांव चेहला, रवाना शिकारपुर एवं राजा का ताजपुर में बुखार के कारण करीब 50 से अधिक मौतें हुई थीं। उस समय स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में कई दिन तक कैंप करना पड़ा था। सतवीर सिंह, ओमप्रकाश सिंह, रामजस सिंह, मुजाहिद आदि का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग समय से गांवों में कीटनाशक का छिड़काव करे तो मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों को काफी हद तक रोका जा सकता है। पीएचसी प्रभारी कुनाल कुमार ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में मशीन उपलब्ध हैं तथा ग्राम प्रधान अपनी पंचायत निधि से दवाइयों का छिड़काव करा सकते हैं।
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नूरपुर (बिजनौर)। गर्मी शुरू होते ही मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इसके कारण मलेरिया एवं डेंगू बीमारियों के पैर पसारने का खतरा है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांवों में कीटनाशक दवाई का छिड़काव कराए जाने की मांग की है।
अप्रैल का महीना शुरू होते ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है। मच्छरों की बढ़ती संख्या के चलते मलेरिया, डेंगू जैसी जानलेवा बीमारियों के पैर पसारने का खतरा हो गया है। दो वर्ष पूर्व क्षेत्र के गांव चेहला, रवाना शिकारपुर एवं राजा का ताजपुर में बुखार के कारण करीब 50 से अधिक मौतें हुई थीं। उस समय स्वास्थ्य विभाग की टीम को गांव में कई दिन तक कैंप करना पड़ा था। सतवीर सिंह, ओमप्रकाश सिंह, रामजस सिंह, मुजाहिद आदि का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग समय से गांवों में कीटनाशक का छिड़काव करे तो मच्छरों के कारण होने वाली बीमारियों को काफी हद तक रोका जा सकता है। पीएचसी प्रभारी कुनाल कुमार ने बताया कि सभी ग्राम पंचायतों में मशीन उपलब्ध हैं तथा ग्राम प्रधान अपनी पंचायत निधि से दवाइयों का छिड़काव करा सकते हैं।
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