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डीलर की जांच को गांव में पहुंची टीम को ग्रामीणों ने दौड़ाया
Updated Sun, 25 Jun 2017 12:27 AM IST
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गांव पहुंची पूर्ति विभाग की टीम को दौड़ाया
अफजलगढ़ (बिजनौर)। गांव हीरापुर गोकल के लोगों ने शनिवार को राशन डीलर की बहाली के लिए गई पूर्ति विभाग की टीम को दौड़ा लिया। अधिकारियों ने भाग कर जान बचाई । अधिकारियों का आरोप है कि ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बनाकर मारपीट करने का भी प्रयास किया। एआरओ महेश गौतम की ओर से ग्राम प्रधान सहित छह लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
गांववासियों का कहना है कि राशन वितरण में गड़बड़ी करने की शिकायत पर एसडीएम ने गांव के राशन डीलर की दुकान को निरस्त कर दिया था। आरोप है कि दुकान निरस्त होने के बाद पूर्ति विभाग ने गांव में खुली पंचायत कर नए डीलर के चयन को कोई प्रयास नहीं किया। इस दौरान विभाग की मिलीभगत से डीलर दीवान सिंह कोर्ट में चला गया और कोर्ट ने उसकी दुकान को बहाल कर दिया। शनिवार को जब एआरओ महेश गौतम के निर्देशन में पूर्ति विभाग के अधिकारियों की टीम गांव के प्राथमिक विद्यालय में पहुंची और टीम में शामिल एआरओ ने कोर्ट के आदेश से ग्रामीणों को अवगत कराने का प्रयास किया तो ग्रामीण भड़क गए। आक्रोशित लोगों ने एआरओ पर डीलर दीवान सिंह से मिलीभगत होने का आरोप लगाते हुए न केवल नारेबाजी की बल्कि टीम को दौड़ा लिया। टीम में शामिल अधिकारी गांव से भाग निकले। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। एआरओ ने गांव के छह लोगों को नामजद करते हुए पुलिस में तहरीर दी है। नामजद ग्राम प्रधान मुन्ने सिंह गौतम, शीतल कुमार, रामशरण सिंह, राजपाल सिंह आदि शामिल है। उधर, एआरओ महेश गौतम ने बताया कि राशन डीलर दीवान सिंह की निरस्त दुकान को पहले की तरह से बहाल कर दिया गया है।
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अफजलगढ़ (बिजनौर)। गांव हीरापुर गोकल के लोगों ने शनिवार को राशन डीलर की बहाली के लिए गई पूर्ति विभाग की टीम को दौड़ा लिया। अधिकारियों ने भाग कर जान बचाई । अधिकारियों का आरोप है कि ग्रामीणों ने उन्हें बंधक बनाकर मारपीट करने का भी प्रयास किया। एआरओ महेश गौतम की ओर से ग्राम प्रधान सहित छह लोगों को नामजद करते हुए तहरीर दी है। पुलिस ने जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
गांववासियों का कहना है कि राशन वितरण में गड़बड़ी करने की शिकायत पर एसडीएम ने गांव के राशन डीलर की दुकान को निरस्त कर दिया था। आरोप है कि दुकान निरस्त होने के बाद पूर्ति विभाग ने गांव में खुली पंचायत कर नए डीलर के चयन को कोई प्रयास नहीं किया। इस दौरान विभाग की मिलीभगत से डीलर दीवान सिंह कोर्ट में चला गया और कोर्ट ने उसकी दुकान को बहाल कर दिया। शनिवार को जब एआरओ महेश गौतम के निर्देशन में पूर्ति विभाग के अधिकारियों की टीम गांव के प्राथमिक विद्यालय में पहुंची और टीम में शामिल एआरओ ने कोर्ट के आदेश से ग्रामीणों को अवगत कराने का प्रयास किया तो ग्रामीण भड़क गए। आक्रोशित लोगों ने एआरओ पर डीलर दीवान सिंह से मिलीभगत होने का आरोप लगाते हुए न केवल नारेबाजी की बल्कि टीम को दौड़ा लिया। टीम में शामिल अधिकारी गांव से भाग निकले। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। एआरओ ने गांव के छह लोगों को नामजद करते हुए पुलिस में तहरीर दी है। नामजद ग्राम प्रधान मुन्ने सिंह गौतम, शीतल कुमार, रामशरण सिंह, राजपाल सिंह आदि शामिल है। उधर, एआरओ महेश गौतम ने बताया कि राशन डीलर दीवान सिंह की निरस्त दुकान को पहले की तरह से बहाल कर दिया गया है।
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