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डिप्टी सीएमओ ने लगाया आवास आवंटित न करने का आरोप
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बिजनौर। डिप्टी सीएमओ प्रशासन महेंद्र सिंह ने जिला अस्पताल के सीएमएस पर अस्पताल के सामने स्थित मेडिकल कॉलोनी में आवास आवंटित नहीं करने का आरोप लगाया है। शीघ्र ही आवास आवंटित नहीं करने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर करने की चेतावनी दी है।
सीएमएस सुखवीर सिंह को दिए प्रार्थना पत्र में डा. महेंद्र सिंह ने बताया कि वे मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में डिप्टी सीएमओ प्रशासन के पद पर कार्यरत हैं। उनका परिवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद में रहता है। इसके अलावा उन्होंने एक मकान नजीबाबाद में किराए पर भी ले रखा है। बस न मिलने के कारण कभी उन्हें किराए के मकान में रुकना पड़ता है। कहा कि वे प्रतिदिन करीब 80 किलोमीटर की यात्रा कर ड्यूटी करनी पड़ती है। रोजाना नजीबाबाद से आने जाने में उन्हें काफी परेशानी होती है। बताया कि जिला अस्पताल के सामने स्थित मेडिकल कॉलोनी में आवास खाली हैं। इसके लिए उन्होंने 11 जुलाई 2018 को सीएमएस को आवास आवंटित कराने की मांग की थी। तब से लेकर आज तक वे इस बारे में कई बार सीएमएस को प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। आरोप है कि सीएमएस इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस कारण उन्हें आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि ऐसे कर्मचारी अभी आवासों में जमे हैं जिनकी तैनाती जनपद से भी बाहर है। उधर, सीएमएस का कहना है कि यह आवास केवल अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए है। नियमानुसार आवास आवंटित किए गए है। डिप्टी सीएमओ के मामले में यदि हाईकोर्ट निर्देशित करेगा तो आवास आवंटित कर दिया जाएगा।
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सीएमएस सुखवीर सिंह को दिए प्रार्थना पत्र में डा. महेंद्र सिंह ने बताया कि वे मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में डिप्टी सीएमओ प्रशासन के पद पर कार्यरत हैं। उनका परिवार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नजीबाबाद में रहता है। इसके अलावा उन्होंने एक मकान नजीबाबाद में किराए पर भी ले रखा है। बस न मिलने के कारण कभी उन्हें किराए के मकान में रुकना पड़ता है। कहा कि वे प्रतिदिन करीब 80 किलोमीटर की यात्रा कर ड्यूटी करनी पड़ती है। रोजाना नजीबाबाद से आने जाने में उन्हें काफी परेशानी होती है। बताया कि जिला अस्पताल के सामने स्थित मेडिकल कॉलोनी में आवास खाली हैं। इसके लिए उन्होंने 11 जुलाई 2018 को सीएमएस को आवास आवंटित कराने की मांग की थी। तब से लेकर आज तक वे इस बारे में कई बार सीएमएस को प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। आरोप है कि सीएमएस इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस कारण उन्हें आर्थिक व मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आरोप है कि ऐसे कर्मचारी अभी आवासों में जमे हैं जिनकी तैनाती जनपद से भी बाहर है। उधर, सीएमएस का कहना है कि यह आवास केवल अस्पताल के चिकित्सकों और कर्मचारियों के लिए है। नियमानुसार आवास आवंटित किए गए है। डिप्टी सीएमओ के मामले में यदि हाईकोर्ट निर्देशित करेगा तो आवास आवंटित कर दिया जाएगा।
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