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नवनीत हत्याकांड में पिता पुत्र को आजीवन कारावास
Updated Fri, 15 Dec 2017 11:22 PM IST
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बिजनौर। प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव शर्मा ने नवनीत हत्याकांड में आरोपी पिता-पुत्र को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा के अनुसार थाना नहटौर के गांव जलालपुर निवासी राजीव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19 मार्च 2014 को वह अपने पिता समर सिंह, तहेरे भाई संजीव, चचेरे भाई योगेंद्र के साथ घर पर बैठा हुआ था। उसका भाई नवनीत गांव चौहड़पुर के नंदराम के खेत की ट्रैक्टर से जुताई करने गया था। नवनीत कुमार ने रात में फोन पर बताया कि उसे चौहड़वाला गांव के रास्ते पर जलालपुर निवासी आनंदस्वरूप, उसके पुत्र चंद्रदीप, कार्तिक पुत्र दीपक, एक अन्य ने रास्ते में बाइक खड़ा करके रोक लिया है। आरोपी उसकी पिटाई कर रहे हैं। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो कार्तिक ने तमंचे से नवनीत को गोली मार दी। उनके ललकारने पर आरोपी भाग गए। जबकि नवनीत की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
खेत की डौल को लेकर दोनों पक्षों में विवाद था। जिसके चलते रंजिश चल रही थी और इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। इस मामले की सुनवाई के दौरान कार्तिक का मामला नाबालिग होने के कारण किशोर न्यायालय को भेज दिया गया था। अदालत आनंदस्वरूप व उसके बेटे चंद्रदीप को नवनीत की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र शर्मा के अनुसार थाना नहटौर के गांव जलालपुर निवासी राजीव ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 19 मार्च 2014 को वह अपने पिता समर सिंह, तहेरे भाई संजीव, चचेरे भाई योगेंद्र के साथ घर पर बैठा हुआ था। उसका भाई नवनीत गांव चौहड़पुर के नंदराम के खेत की ट्रैक्टर से जुताई करने गया था। नवनीत कुमार ने रात में फोन पर बताया कि उसे चौहड़वाला गांव के रास्ते पर जलालपुर निवासी आनंदस्वरूप, उसके पुत्र चंद्रदीप, कार्तिक पुत्र दीपक, एक अन्य ने रास्ते में बाइक खड़ा करके रोक लिया है। आरोपी उसकी पिटाई कर रहे हैं। परिवार के लोग मौके पर पहुंचे तो कार्तिक ने तमंचे से नवनीत को गोली मार दी। उनके ललकारने पर आरोपी भाग गए। जबकि नवनीत की घटनास्थल पर ही मौत हो गई।
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खेत की डौल को लेकर दोनों पक्षों में विवाद था। जिसके चलते रंजिश चल रही थी और इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया। इस मामले की सुनवाई के दौरान कार्तिक का मामला नाबालिग होने के कारण किशोर न्यायालय को भेज दिया गया था। अदालत आनंदस्वरूप व उसके बेटे चंद्रदीप को नवनीत की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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