फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   अंतरिम बजट से हैं जिलेवासियों को बहुत उम्मीदें

अंतरिम बजट से हैं जिलेवासियों को बहुत उम्मीदें

Thu, 31 Jan 2019 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 31 Jan 2019 11:27 PM IST
विज्ञापन
अंतरिम बजट से हैं जिलेवासियों को बहुत उम्मीदें
अंतरिम बजट से है जिलेवासियों को बहुत उम्मीदें
विज्ञापन

बिजनौर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार शुक्रवार को अंतरिम बजट पेश करेगी। बजट को लेकर जिलेवासियों को बहुत उम्मीद हैं। किसान, व्यापारी, उद्योगपति और देश की तरक्की का मुख्य आधार माना जाने वाला मध्यम वर्ग बजट की ओर बहुत आस लगाकर देख रहा है। बजट के बहुत लोकलुभावना होने के भी कयास लगाए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य : केंद्र सरकार ने अपने अंतिम पूर्ण बजट में आम जनता को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पांच लाख तक का हेल्थ कवर देकर अभूतपूर्व घोषणा की थी। सरकार ने देश की जनता के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण योजना शुरू की थी। इस योजना में एक परिवार को साल भर के इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक का बीमा कवर दिया जाता है। लेकिन अभी भी पात्रों को इसके कार्ड आदि नहीं मिल पाए हैं। निजी चिकित्सक भी इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। बजट में निजी चिकित्सकों को इससे जोड़ने की आस लगाई जा रही है।
विज्ञापन


कृषि क्षेत्र : जिले में साढ़े चार लाख हेक्टेयर से अधिक जमीन में खेती होती है। भाजपा ने लोकसभा चुनाव से पहले फसलों की लागत का डेढ़ गुना मूल्य देने और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का वादा किया था। उसके ये वादे अब तक जमीन पर नहीं उतरे हैं। फसलों का लागत मूल्य डेढ़ गुना और स्वामीनाथन आयोग रिपोर्ट लागू करने की घोषणा हो सकती है। इसके अलावा किसानों को प्रति एकड़ जमीन पर प्रोत्साहन राशि देने के भी बजट से उम्मीद लगाई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पशुपालन : दुग्ध उत्पादन में किसानों को पिछले कुछ समय से नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके अलावा भाजपा देशी गायों को बढ़ावा देने की तो बात कहती है, लेकिन इसे आम जनता से जोड़ने के लिए कुछ किया नहीं गया है। दूध पर सब्सिडी व गरीब परिवारों को गाय दिए जाने की बजट में घोषणा होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

आयकर में नहीं मिली छूट : आयकर की सीमा में बढ़ोतरी व स्लैब में परिवर्तन को लेकर चार साल से व्यापारी वर्ग की निगाहें भाजपा पर थी। करदाता टैक्स की सीमा पांच लाख से अधिक करने की मांग करते रहे हैं। पिछले साल टैक्स स्लैब में कुछ भी परिवर्तन नहीं किया गया। अब तक पुरुषों की आयकर सीमा ढाई लाख रुपये, महिलाओं की तीन लाख तक है। कर्मचारी व व्यापारी वर्ग टैक्स सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। आठ लाख तक की आय वाले सवर्ण परिवारों को आरक्षण में शामिल करने के बाद कुछ लोग आठ लाख तक आय सीमा में छूट देने की भी मांग कर रहे हैं।

सीनियर सिटीजन : सीनियर सिटीजन को भी आयकर की सीमा में छूट की उम्मीद है। इसके अलावा कई सीनियर सिटीजन सरकार द्वारा उन्हें देशाटन कराने व स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की उम्मीद है। सीनियर सिटीजन सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं की घोषणा की आस लगा रहे हैं।

शिक्षा : पिछले बजट में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए भी केंद्र सरकार ने पहली की थी। इसके अंतर्गत इस साल कई परिषदीय स्कूलों में इंग्लिश मीडियम की तर्ज पर पढ़ाई शुरू हुई है। इससे शिक्षा का स्तर सुधरने के कयास लगाए जा रहे हैं। परिषदीय स्कूलों में इंग्लिश मीडियम स्कूलों की तरह बाकी सुविधा देने की भी आस सभी लगा रहे हैं।

रोजगार : युवा वर्ग के लिए की जाने वाली घोषणाओं पर हर बार सभी की नजर होती है। बजट में युवाओं को लेकर फोकस किया गया है। तकनीकी शिक्षा के केंद्र बढ़ाने की आस है। इसके अलावा बेरोजगारों को भत्ता देने संबंधी चर्चा भी जोरो पर है। माना जा रहा है कि बेरोजगारों को लुभाने के लिए केंद्र सरकार बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा कर सकती है।

उद्यमी : जिले में काष्ठ कला व हैंडलूम का काम बड़े स्तर पर होता है। इनका बना माल विदेशों में भी निर्यात होता है। काष्ठ कला के नमूने विदेशों में निर्यात होते हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि सरकार काष्ठ कला की वस्तुएं निर्यात करने पर प्रोत्साहन राशि की घोषणा करे। इससे उद्यमियों को बहुत लाभ होगा।


रेल : रेलवे में जिले के लिए सबसे ज्यादा काम मोदी सरकार में ही हुआ। गजरौला-मौजमपुर मार्ग का विद्युतीकरण अंतिम चरण में है। कई फ्लाईओवर को भी मंजूरी मिली है। काशीपुर बाया धामपुर रेलवे ट्रैक का सर्वे शुरू हो गया है। हालांकि सालों से चली आ रही मुंबई को ट्रेन चलाने की मांग अब तक पूरी नहीं हुई है। 1993 में भेजे गए 63.5 किलोमीटर लंबे बिजनौर बाया हस्तिनापुर दौराला रेलवे मार्ग के लिए भी बजट नहीं दिया गया। बिजनौर से दिल्ली की दूरी 189 किलोमीटर है। अगर यह रेलवे मार्ग बन जाए तो दिल्ली की दूरी 50 किलोमीटर कम हो जाएगी। मेरठ के लिए बिजनौर से कोई ट्रेन भी नहीं है। जिले को आखिरी ट्रेन 2004 में गढ़वाल एक्सप्रेस मिली थी। इसके अलावा दिल्ली व लखनऊ के लिए ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की मांग भी चली आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed