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बाघों की तीसरे चरण की गणना के लिए वन कर्मियों को दिया प्रशिक्षण
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:18 AM IST
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बाघों की तीसरे चरण की गणना के लिए दिया प्रशिक्षण
रेहड़। बंगाल टाइगर की गणना की तीसरे चरण के लिए अमानगढ़ के विश्राम गृह परिसर में वन रेंज के अधिकारियों और कर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण हुआ। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया अमानगढ़ में बाघों की गणना के लिए संयुक्त रूप से नजीबाबाद, शिवालिक, अमानगढ़ रेंज के वनकर्मियों को बाघ गणना के लिये 24 जनवरी को प्रथम चरण की गणना के लिये प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण में वनकर्मीयों को बाघों की गणना के लिये आधुनिक तकनीकी और बाघों के बारे में विस्तार से बताया गया था।
प्रशिक्षण में डीएफओ एम सेम्मारन, उप प्रभागीय वन निदेशक हरि सिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ परियोजना अधिकारी डॉ. प्रज्ञाकर्ता, महराज अनवर रहे। पहला चरण पूरा होने के बाद बाघों की गणना का दूसरा चरण आठ फरवरी को शुरू होगा। जिसमें बाघों के पदचिह्न, पेड़ों पर बाघ के पंजों की खरोच, हाथी, गुलदारों के पैरों के निशान, मल आदि को तलाशना था।
शुक्रवार की दुपहर अमानगढ़ के विश्राम गृह पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी, प्रशिक्षक डॉ. प्रज्ञाकर्ता ने बताया कि बाघों की वन क्षेत्रों के बाघों की मौजूदगी की सही जानकारी के लिए 90 कैमरा ट्रैप पर लगाए जाएंगे। इसके लिए वन क्षेत्र को 44 हिस्सों में बांटा गया है। तीसरे चरण की बाघ गणना लगभग 30 दिन चलेगी। गणना के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक समन्वयक अधिकारी महराज अनवर के वन विभाग के कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी भी दी। डब्ल्यू डब्ल्यू एफ के परियोजना अधिकारी, प्रशिक्षक देवरत पवार का कहना है कि बाघों की गणना चार चरणों में पूरी होगी। पहला चरण फरवरी से पूरा होगा। पूरी गणना मई जून तक पूरी होगी।
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रेहड़। बंगाल टाइगर की गणना की तीसरे चरण के लिए अमानगढ़ के विश्राम गृह परिसर में वन रेंज के अधिकारियों और कर्मियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण हुआ। अमानगढ़ टाइगर रिजर्व एरिया अमानगढ़ में बाघों की गणना के लिए संयुक्त रूप से नजीबाबाद, शिवालिक, अमानगढ़ रेंज के वनकर्मियों को बाघ गणना के लिये 24 जनवरी को प्रथम चरण की गणना के लिये प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण में वनकर्मीयों को बाघों की गणना के लिये आधुनिक तकनीकी और बाघों के बारे में विस्तार से बताया गया था।
प्रशिक्षण में डीएफओ एम सेम्मारन, उप प्रभागीय वन निदेशक हरि सिंह, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ परियोजना अधिकारी डॉ. प्रज्ञाकर्ता, महराज अनवर रहे। पहला चरण पूरा होने के बाद बाघों की गणना का दूसरा चरण आठ फरवरी को शुरू होगा। जिसमें बाघों के पदचिह्न, पेड़ों पर बाघ के पंजों की खरोच, हाथी, गुलदारों के पैरों के निशान, मल आदि को तलाशना था।
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शुक्रवार की दुपहर अमानगढ़ के विश्राम गृह पर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी, प्रशिक्षक डॉ. प्रज्ञाकर्ता ने बताया कि बाघों की वन क्षेत्रों के बाघों की मौजूदगी की सही जानकारी के लिए 90 कैमरा ट्रैप पर लगाए जाएंगे। इसके लिए वन क्षेत्र को 44 हिस्सों में बांटा गया है। तीसरे चरण की बाघ गणना लगभग 30 दिन चलेगी। गणना के लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के सहायक समन्वयक अधिकारी महराज अनवर के वन विभाग के कर्मचारियों को तकनीकी जानकारी भी दी। डब्ल्यू डब्ल्यू एफ के परियोजना अधिकारी, प्रशिक्षक देवरत पवार का कहना है कि बाघों की गणना चार चरणों में पूरी होगी। पहला चरण फरवरी से पूरा होगा। पूरी गणना मई जून तक पूरी होगी।
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