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एडीजीपी प्रेम प्रकाश ने किया थाने का निरीक्षण
Updated Wed, 11 Apr 2018 12:56 AM IST
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एडीजीपी प्रेम प्रकाश ने किया थाने का निरीक्षण
किरतपुर।
एडीजीपी बरेली जोन प्रेम प्रकाश ने मंगलवार की सुबह पुलिस स्टेशन का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने के अभिलेखों का घंटों तक बड़ी बारीकी से निरीक्षण किया। मौजूद पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी निरीक्षक को क्राइम कंट्रोल के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। एडीजीपी से मिलने थाने पहुंचे भाजपाईयों ने पालिकाध्यक्ष पर आरोप लगाए।
एडीजीपी सुबह नौ बजे बिना पूर्व सूचना के थाने पहुंचे तथा थाना प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार को साथ लेकर कंप्यूटर रूम, शस्त्रागार, हवालात, मालखाना, बैरक, मैस आदि का निरीक्षण किया। अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान करीब साढ़े दस बजे एसपी उमेश कुमार सिंह भी थाने आ गए। इसी दौरान दर्जन भर भाजपा थाने पहुंचे तथा उनके सामने सत्ता में होने के बावजूद पुलिस द्वारा उन्हे कोई महत्व नहीं देने का दुखड़ा सुनाया। भाजपाईयों का कहना था कि नगरपालिका चेयरमैन अब्दुल मन्नान एवं उनका भाई फैजान हिस्ट्रीशीटर हैं तथा दोनों भाई हत्या, हत्या का प्रयास, आर्मस एक्ट एवं अन्य कई गंभीर अपराधों में कई वर्षों तक जेल में रह चुके हैं। बताया कि 12 -13 दिन पूर्व मंडावर रोड पर छप्पर वाली मस्जिद वाले व्यस्त तिराहे पर दो मुस्लिम गुटों में खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें एक पक्ष द्वारा चेयरमैन अब्दुल मन्नान तथा उसके दो भाईयों को भी नामजद किया गया। मगर पुलिस ने उनमें एक को भी गिरफ्तार नहीं किया। इस दौरान नगर अध्यक्ष संजय चौहान, सुभाष शर्मा, सोनू वर्मा, आलोक अग्रवाल, डॉ. छतरपाल, प्रदुमन चड्ढा, अमित अग्रवाल, राकेश साहनी आदि मौजूद रहे।
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किरतपुर।
एडीजीपी बरेली जोन प्रेम प्रकाश ने मंगलवार की सुबह पुलिस स्टेशन का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने थाने के अभिलेखों का घंटों तक बड़ी बारीकी से निरीक्षण किया। मौजूद पुलिस अधीक्षक एवं थाना प्रभारी निरीक्षक को क्राइम कंट्रोल के लिए पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए। एडीजीपी से मिलने थाने पहुंचे भाजपाईयों ने पालिकाध्यक्ष पर आरोप लगाए।
एडीजीपी सुबह नौ बजे बिना पूर्व सूचना के थाने पहुंचे तथा थाना प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार को साथ लेकर कंप्यूटर रूम, शस्त्रागार, हवालात, मालखाना, बैरक, मैस आदि का निरीक्षण किया। अभिलेखों के निरीक्षण के दौरान करीब साढ़े दस बजे एसपी उमेश कुमार सिंह भी थाने आ गए। इसी दौरान दर्जन भर भाजपा थाने पहुंचे तथा उनके सामने सत्ता में होने के बावजूद पुलिस द्वारा उन्हे कोई महत्व नहीं देने का दुखड़ा सुनाया। भाजपाईयों का कहना था कि नगरपालिका चेयरमैन अब्दुल मन्नान एवं उनका भाई फैजान हिस्ट्रीशीटर हैं तथा दोनों भाई हत्या, हत्या का प्रयास, आर्मस एक्ट एवं अन्य कई गंभीर अपराधों में कई वर्षों तक जेल में रह चुके हैं। बताया कि 12 -13 दिन पूर्व मंडावर रोड पर छप्पर वाली मस्जिद वाले व्यस्त तिराहे पर दो मुस्लिम गुटों में खूनी संघर्ष हुआ था। इसमें एक पक्ष द्वारा चेयरमैन अब्दुल मन्नान तथा उसके दो भाईयों को भी नामजद किया गया। मगर पुलिस ने उनमें एक को भी गिरफ्तार नहीं किया। इस दौरान नगर अध्यक्ष संजय चौहान, सुभाष शर्मा, सोनू वर्मा, आलोक अग्रवाल, डॉ. छतरपाल, प्रदुमन चड्ढा, अमित अग्रवाल, राकेश साहनी आदि मौजूद रहे।
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