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2013 तक की प्रभावी लिस्ट के अनुसार मुआवजा न दिया तो 15 से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू
Updated Mon, 09 Apr 2018 12:24 AM IST
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धामपुर। किसानों ने हाईवे स्थित एक धर्मकांटे पर पंचायत कर एनएच विकास प्राधिकरण के अधिकारियों पर मुआवजा निर्धारण एवं भू-अधिग्रहण अधिनियम का पूर्ण रूप से उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। किसानों ने निर्माण कार्य को पूरी तरह से प्रतिबंध करते हुए 15 अप्रैल से धरना-प्रदर्शन का एलान किया है।
रविवार सवेरे हुई किसान पंचायत में बड़ी संख्या में किसानों से शिरकत की। किसान अनिल कुमार चौहान ने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। वर्ष 2013 में जब सरकार की ओर से हाईवे 74 के चौड़ीकरण के लिए कृषि जमीन को अधिग्रहीत करने का प्रयास किया जा रहा था, तब जमीन के सर्किल रेट 1.55 करोड़ प्रति हेक्टेयर थे, लेकिन सरकार ने मनमानी करते हुए स्वयं की इस रेट को घटाकर 32 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया। सरकार को सर्किल रेट 1.55 करोड़ के हिसाब से चार गुना रेट पर प्रति हेक्टेयर जमीन को अधिग्रहीत करना था, पर सरकार 32 लाख का चार गुना कर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से उनकी जमीन को अधिग्रहीत करने का प्रयास कर रही है, जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे। अपने हक के लिए किसान पिछले चार साल से संघर्षरत हैं। मजबूरी में उन्हें सरकार के खिलाफ 15अप्रैल से आंदोलन करने का एलान किया गया है। गांव जैतरा के पूर्व प्रधान ने कहा कि यह धरना प्रदर्शन हाईवे 74 पर सारंगा कान्वेंट स्कूल के पास उस स्थान पर करना है, जहां पर विभाग की ओर से निर्माण कंपनी माल को एकत्र कर कार्य करने का प्रयास कर रही है। डा. लोकेंद्र सिंह सरल ने कहा कि आंदोलन को सफल बनाने को छह किसानों की कमेटी को बनाना होगा। कुल मिलाकर आंदोलन की धार को तेज कर सरकार से किसानों को उनका वास्तविक हक दिलाना है। डा. लोकेंद्र सिंह भाकियू से आगे आकर मदद की मांग की है। दीपक जैन, संजीव जैन ने सरकार से 31 जुलाई 2013 तक प्रभावी लिस्ट के अनुसार जमीन को मुआवजा देने, मुआवजा निर्धारण भारतीय स्टांप नियमावली एवं भूमि अधिग्रहण एक्ट 2013 के अनुसार निष्पादित करने, किसानों की उपस्थिति में जमीन को निरीक्षण करने की मांग की। चेताया कि यदि सरकार ने अनदेखी करने का प्रयास किया तो लोकसभा चुनाव 2019 में उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। बैठक में देवेंद्र सूलजा, संदीप कुमार, पीतांबर सिंह, संजीव जैन, समरपाल सिंह, इंदरपाल सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह, ओमवती सिंह, विमल सिंह चौहान, सुरेंद्र कुमार, ज्योति सिंह, शिवकुमार सिंह, इमरान अहमद रहे। संचालन लोकेंद्र सिंह ने किया।
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रविवार सवेरे हुई किसान पंचायत में बड़ी संख्या में किसानों से शिरकत की। किसान अनिल कुमार चौहान ने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया है। वर्ष 2013 में जब सरकार की ओर से हाईवे 74 के चौड़ीकरण के लिए कृषि जमीन को अधिग्रहीत करने का प्रयास किया जा रहा था, तब जमीन के सर्किल रेट 1.55 करोड़ प्रति हेक्टेयर थे, लेकिन सरकार ने मनमानी करते हुए स्वयं की इस रेट को घटाकर 32 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर कर दिया। सरकार को सर्किल रेट 1.55 करोड़ के हिसाब से चार गुना रेट पर प्रति हेक्टेयर जमीन को अधिग्रहीत करना था, पर सरकार 32 लाख का चार गुना कर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से उनकी जमीन को अधिग्रहीत करने का प्रयास कर रही है, जिसे वे बर्दाश्त नहीं करेंगे। अपने हक के लिए किसान पिछले चार साल से संघर्षरत हैं। मजबूरी में उन्हें सरकार के खिलाफ 15अप्रैल से आंदोलन करने का एलान किया गया है। गांव जैतरा के पूर्व प्रधान ने कहा कि यह धरना प्रदर्शन हाईवे 74 पर सारंगा कान्वेंट स्कूल के पास उस स्थान पर करना है, जहां पर विभाग की ओर से निर्माण कंपनी माल को एकत्र कर कार्य करने का प्रयास कर रही है। डा. लोकेंद्र सिंह सरल ने कहा कि आंदोलन को सफल बनाने को छह किसानों की कमेटी को बनाना होगा। कुल मिलाकर आंदोलन की धार को तेज कर सरकार से किसानों को उनका वास्तविक हक दिलाना है। डा. लोकेंद्र सिंह भाकियू से आगे आकर मदद की मांग की है। दीपक जैन, संजीव जैन ने सरकार से 31 जुलाई 2013 तक प्रभावी लिस्ट के अनुसार जमीन को मुआवजा देने, मुआवजा निर्धारण भारतीय स्टांप नियमावली एवं भूमि अधिग्रहण एक्ट 2013 के अनुसार निष्पादित करने, किसानों की उपस्थिति में जमीन को निरीक्षण करने की मांग की। चेताया कि यदि सरकार ने अनदेखी करने का प्रयास किया तो लोकसभा चुनाव 2019 में उन्हें खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। बैठक में देवेंद्र सूलजा, संदीप कुमार, पीतांबर सिंह, संजीव जैन, समरपाल सिंह, इंदरपाल सिंह, वीरेंद्र कुमार सिंह, ओमवती सिंह, विमल सिंह चौहान, सुरेंद्र कुमार, ज्योति सिंह, शिवकुमार सिंह, इमरान अहमद रहे। संचालन लोकेंद्र सिंह ने किया।
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