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बिजनौर में गौशाला खोलेंगे बाबा रामदेव
Updated Tue, 09 Jan 2018 12:21 AM IST
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बिजनौर में गोशाला खोलेंगे बाबा रामदेव
बिजनौर।
योग गुरु बाबा रामदेव जिले में गोशाला खोलना चाहते हैं। उन्होंने पतंजलि के लिए उत्तर प्रदेश शासन से बिजनौर जिले में वन विभाग की 11 हजार बीघा जमीन मांगी है। बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने इस संबंध में पत्र लिखा है।
आचार्य बालकृष्ण ने गोशाला के लिए जमीन हरिद्वार की सीमा से सटी राजगढ़ वन रेंज में देने की मांग की है। शासन द्वारा इस मामले में जमीन को देने की संभावना के लिए बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद को पत्र भेजा गया है। वन और प्राकृतिक संपदा के आधार पर बिजनौर बहुत संपन्न जिला है। खेती आदि के लिए जमीन की कोई कमी यहां पर नहीं है। इसके अलावा जिले में दो सामाजिक वानिकी क्षेत्र हैं। बिजनौर और नजीबाबाद। नदी, पेड़ व वन्य पशुओं की दृष्टि से ये दोनों बहुत संपन्न क्षेत्र हैं। वहीं, राजगढ़ रेंज राजाजी नेशनल पार्क व कालागढ़ नेशनल पार्क से जुड़ा है। यहां पर शेड्यूल वन के वन्य पशु हाथी, बाघ आदि मिलते हैं। राजगढ़ हाथी रिजर्व एरिया है। यहां पर सड़क, पुल व विद्युत लाइन नहीं बनाई जा सकती हैं। यदि पतंजलि को यह जमीन मिलती है तो 11 हजार बीघा जमीन में लाखों गाय पाली जा सकती हैं। देशी नस्ल की गायों के संवर्धन के साथ दुग्ध उत्पादन व उसकी उत्पादों की पैकिंग का काम बड़े स्तर पर हो सकता है। पतंजलि के गाय के घी की बहुत मांग है। इससे रोजगार के अपार अवसर मिलेंगे। डीएफओ उदयवीर सिंह ने शासन स्तर से पतंजलि के संबंध में पत्र मिलने की पुष्टि की है। उनके अनुसार इस संबंध में नेशनल वाइल्ड लाइफ ही जमीन किसी अन्य को हस्तांतरित कर सकता है। इसके बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है।
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बिजनौर।
योग गुरु बाबा रामदेव जिले में गोशाला खोलना चाहते हैं। उन्होंने पतंजलि के लिए उत्तर प्रदेश शासन से बिजनौर जिले में वन विभाग की 11 हजार बीघा जमीन मांगी है। बाबा रामदेव के सहयोगी आचार्य बालकृष्ण ने इस संबंध में पत्र लिखा है।
आचार्य बालकृष्ण ने गोशाला के लिए जमीन हरिद्वार की सीमा से सटी राजगढ़ वन रेंज में देने की मांग की है। शासन द्वारा इस मामले में जमीन को देने की संभावना के लिए बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद को पत्र भेजा गया है। वन और प्राकृतिक संपदा के आधार पर बिजनौर बहुत संपन्न जिला है। खेती आदि के लिए जमीन की कोई कमी यहां पर नहीं है। इसके अलावा जिले में दो सामाजिक वानिकी क्षेत्र हैं। बिजनौर और नजीबाबाद। नदी, पेड़ व वन्य पशुओं की दृष्टि से ये दोनों बहुत संपन्न क्षेत्र हैं। वहीं, राजगढ़ रेंज राजाजी नेशनल पार्क व कालागढ़ नेशनल पार्क से जुड़ा है। यहां पर शेड्यूल वन के वन्य पशु हाथी, बाघ आदि मिलते हैं। राजगढ़ हाथी रिजर्व एरिया है। यहां पर सड़क, पुल व विद्युत लाइन नहीं बनाई जा सकती हैं। यदि पतंजलि को यह जमीन मिलती है तो 11 हजार बीघा जमीन में लाखों गाय पाली जा सकती हैं। देशी नस्ल की गायों के संवर्धन के साथ दुग्ध उत्पादन व उसकी उत्पादों की पैकिंग का काम बड़े स्तर पर हो सकता है। पतंजलि के गाय के घी की बहुत मांग है। इससे रोजगार के अपार अवसर मिलेंगे। डीएफओ उदयवीर सिंह ने शासन स्तर से पतंजलि के संबंध में पत्र मिलने की पुष्टि की है। उनके अनुसार इस संबंध में नेशनल वाइल्ड लाइफ ही जमीन किसी अन्य को हस्तांतरित कर सकता है। इसके बारे में शासन को अवगत करा दिया गया है।
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