{"_id":"59989a224f1c1b4d158b47de","slug":"41503173154-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार नगर पालिकाओं में नालों पर बनेगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चार नगर पालिकाओं में नालों पर बनेगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
Updated Sun, 20 Aug 2017 01:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नालों पर बनेगा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट
बिजनौर।
बिजनौर में अब नालियों के गंदे पानी को शुद्ध कर फिर से प्रयोग करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। पीने के अलावा यह पानी किसी भी प्रयोग में लाया जा सकता है। इस पानी को फिर से निर्माण कार्य, पार्कों में पेड़-पौधों, फसलों की सिंचाई आदि में प्रयोग किया जाएगा। पानी को शुद्ध करने से भूगर्भ जल का दोहन कम होगा। पूरे प्रदेश से केवल चार नगर पालिकाओं में यह ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे।
घरों से निकलने वाला पानी घरों से निकलकर नाली में ही बहता है। बारिश का पानी भी बेकार ही चला जाता है। जबकि यह पानी इतना अशुद्ध नहीं होता कि इसको शुद्ध न किया जा सके। ट्रीटमेंट प्लांट के जरिये इस पानी को शुद्ध करके अन्य प्रयोगों में लाया जा सकता है। पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए शासन ने बिजनौर, चुनार, रामनगर व गंगाघाट नगर पालिका का चयन किया है। इन नगर पालिकाओं में प्रमुख नाले के पास ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर पानी को शुद्ध किया जाएगा। प्लांट के पास इस पानी को ऐसे पौधों के बीच बहाया जाएगा जो पानी में मौजूद हानिकारक तत्वों को निष्क्रिय कर देते हैं।
बाद में इस पानी का प्रयोग में लाया जाएगा। इस पानी को निर्माण, कपड़े धोने, नहाने से लेकर खेती में फसलों की सिंचाई के लिए भी प्रयोग कर सकते हैं। इस पानी में किसी तरह की गंध नहीं आती है। बिजनौर नगर पालिका ईओ इंद्रपाल सिंह इस प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन देखने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ पांच दिन का भ्रमण कराया गया है। बंगलूरू में पानी ट्रीट करके दो किलोमीटर लंबी एक झील बनाई गई है। इस झील में नागरिक अपने परिवारों के साथ नौका विहार का आनंद लेते हैं। इस पक्षियों के लिए रिजर्व घोषित किया गया है। नगर पालिका ईओ इंद्रपाल सिंह के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए बिजनौर नगर पालिका का चयन हो गया है। पानी को शुद्ध करने से हर रोज हजारों लीटर पानी को फिर से प्रयोग में लाया जाएगा। इससे भूजल का दोहन रुकेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर।
बिजनौर में अब नालियों के गंदे पानी को शुद्ध कर फिर से प्रयोग करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाया जाएगा। पीने के अलावा यह पानी किसी भी प्रयोग में लाया जा सकता है। इस पानी को फिर से निर्माण कार्य, पार्कों में पेड़-पौधों, फसलों की सिंचाई आदि में प्रयोग किया जाएगा। पानी को शुद्ध करने से भूगर्भ जल का दोहन कम होगा। पूरे प्रदेश से केवल चार नगर पालिकाओं में यह ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे।
घरों से निकलने वाला पानी घरों से निकलकर नाली में ही बहता है। बारिश का पानी भी बेकार ही चला जाता है। जबकि यह पानी इतना अशुद्ध नहीं होता कि इसको शुद्ध न किया जा सके। ट्रीटमेंट प्लांट के जरिये इस पानी को शुद्ध करके अन्य प्रयोगों में लाया जा सकता है। पानी को साफ करने के लिए ट्रीटमेंट प्लांट लगाने के लिए शासन ने बिजनौर, चुनार, रामनगर व गंगाघाट नगर पालिका का चयन किया है। इन नगर पालिकाओं में प्रमुख नाले के पास ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर पानी को शुद्ध किया जाएगा। प्लांट के पास इस पानी को ऐसे पौधों के बीच बहाया जाएगा जो पानी में मौजूद हानिकारक तत्वों को निष्क्रिय कर देते हैं।
विज्ञापन
बाद में इस पानी का प्रयोग में लाया जाएगा। इस पानी को निर्माण, कपड़े धोने, नहाने से लेकर खेती में फसलों की सिंचाई के लिए भी प्रयोग कर सकते हैं। इस पानी में किसी तरह की गंध नहीं आती है। बिजनौर नगर पालिका ईओ इंद्रपाल सिंह इस प्रोजेक्ट का क्रियान्वयन देखने के लिए विभागीय अधिकारियों के साथ पांच दिन का भ्रमण कराया गया है। बंगलूरू में पानी ट्रीट करके दो किलोमीटर लंबी एक झील बनाई गई है। इस झील में नागरिक अपने परिवारों के साथ नौका विहार का आनंद लेते हैं। इस पक्षियों के लिए रिजर्व घोषित किया गया है। नगर पालिका ईओ इंद्रपाल सिंह के अनुसार ट्रीटमेंट प्लांट बनाने के लिए बिजनौर नगर पालिका का चयन हो गया है। पानी को शुद्ध करने से हर रोज हजारों लीटर पानी को फिर से प्रयोग में लाया जाएगा। इससे भूजल का दोहन रुकेगा।
विज्ञापन