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पानी से नहीं हुई थी चमरावाला में फूड प्वाइजनिंग
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बिजनौर। करीब एक माह पूर्व नगीना क्षेत्र के गांव चमरावाला में फूड प्वाइजनिंग पानी की वजह से नहीं हुई थी। गांव में लगे इंडिया मार्का हैंडपंप और कुछ लोगों के घरों के नलों के पानी का नमूना लेकर जांच के लिए गोरखपुर स्थित राजकीय अन्वेषण प्रयोगशाला भेजा था। वहां से आई जांच रिपोर्ट में चमरावाला का पानी शुद्धता की कसौटी पर खरा उतरा है।
नगीना क्षेत्र के गांव चमरावाला के ग्रामीणों के अनुसार 11 अप्रैल को गांव निवासी सुनील कुमार की पुत्री की बरात आई थी। इस दौरान बरातियों के साथ-साथ गांव के लोगों की भी दावत की गई थी। दावत में उड़द और चावल थे। लोगों का कहना था कि दावत का खाना खाकर सभी लोग अपने घरों को चले गए। इसके बाद लोगों को अचानक उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें गांव में ही प्राइवेट चिकित्सकों को दिखाया। स्थिति नियंत्रण में नहीं होने पर ग्राम प्रधान के पुत्र अमित कुमार ने डायल 108 और एसडीएम गजेंद्र कुमार को दी सूचना देकर एंबुलेंस से सभी मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया था। एसडीएम गजेंद्र कुमार के अनुसार गांव चमरावाला में फूड प्वाइजनिंग की सूचना मिलने पर उपचार के लिए गांव में चिकित्सकों और नमूने लेने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भेजी थी। इस दौरान चिकित्सकों ने पानी पीने से भी फूड प्वाइजनिंग होने की संभावना जताई थी। इसी के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने गांव में स्थित इंडिया मार्का और बीमार व्यक्तियों के घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय अन्वेषण प्रयोगशाला गोरखपुर भेज दिए थे। जिला अभिहित अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि जांच में गांव चमरावाला के नलों का पानी मानकों पर खरा उतरा है। वहां के लोगों को पानी से फूड प्वाइजनिंग नहीं हुई थी।
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नगीना क्षेत्र के गांव चमरावाला के ग्रामीणों के अनुसार 11 अप्रैल को गांव निवासी सुनील कुमार की पुत्री की बरात आई थी। इस दौरान बरातियों के साथ-साथ गांव के लोगों की भी दावत की गई थी। दावत में उड़द और चावल थे। लोगों का कहना था कि दावत का खाना खाकर सभी लोग अपने घरों को चले गए। इसके बाद लोगों को अचानक उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें गांव में ही प्राइवेट चिकित्सकों को दिखाया। स्थिति नियंत्रण में नहीं होने पर ग्राम प्रधान के पुत्र अमित कुमार ने डायल 108 और एसडीएम गजेंद्र कुमार को दी सूचना देकर एंबुलेंस से सभी मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया था। एसडीएम गजेंद्र कुमार के अनुसार गांव चमरावाला में फूड प्वाइजनिंग की सूचना मिलने पर उपचार के लिए गांव में चिकित्सकों और नमूने लेने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम भेजी थी। इस दौरान चिकित्सकों ने पानी पीने से भी फूड प्वाइजनिंग होने की संभावना जताई थी। इसी के आधार पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने गांव में स्थित इंडिया मार्का और बीमार व्यक्तियों के घरों से पानी के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय अन्वेषण प्रयोगशाला गोरखपुर भेज दिए थे। जिला अभिहित अधिकारी पंकज कुमार ने बताया कि जांच में गांव चमरावाला के नलों का पानी मानकों पर खरा उतरा है। वहां के लोगों को पानी से फूड प्वाइजनिंग नहीं हुई थी।
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