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चेक डिसऑनर होने पर एक साल की सजा 19-08-49
Updated Sun, 29 Jul 2018 01:05 AM IST
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चेक बाउंस होने पर एक साल की सजा
बिजनौर। एडिशनल कोर्ट के न्यायाधीश आरए कौशिक ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी रचना चौधरी को एक वर्ष के कारावास नौ लाख 90 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि अर्थदंड की राशि में से नौ लाख 50 हजार रुपये परिवादी रजनीश को दिए जाएं।
चांदपुर के मोहल्ला कायस्थान निवासी रजनीश कुमार ने न्यायालय में दाखिल परिवाद में कहा था कि वह कंप्यूटर द्वारा कंवर्जन का काम करता है। हल्द्वानी निवासी कैंट कंप्यूटर एकेडमी की प्रोपराइटर रचना चौधरी ने तीन बार में उससे चार लाख 97 हजार रुपये का कंवर्जन का काम कराया था। भुगतान के रूप में उसे 20 अक्तूबर 2005 को एसबीआई हल्द्वानी का चार लाख 97 हजार रुपये का चेक दिया था जो 26 नवंबर 2005 को डिसऑनर हो गया। नोटिस के बाद भी रचना चौधरी ने भुगतान नहीं किया। कोर्ट ने यह माना कि खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हुआ। कोर्ट ने इसके लिए रचना चौधरी को दंडित किया है।
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बिजनौर। एडिशनल कोर्ट के न्यायाधीश आरए कौशिक ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी रचना चौधरी को एक वर्ष के कारावास नौ लाख 90 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि अर्थदंड की राशि में से नौ लाख 50 हजार रुपये परिवादी रजनीश को दिए जाएं।
चांदपुर के मोहल्ला कायस्थान निवासी रजनीश कुमार ने न्यायालय में दाखिल परिवाद में कहा था कि वह कंप्यूटर द्वारा कंवर्जन का काम करता है। हल्द्वानी निवासी कैंट कंप्यूटर एकेडमी की प्रोपराइटर रचना चौधरी ने तीन बार में उससे चार लाख 97 हजार रुपये का कंवर्जन का काम कराया था। भुगतान के रूप में उसे 20 अक्तूबर 2005 को एसबीआई हल्द्वानी का चार लाख 97 हजार रुपये का चेक दिया था जो 26 नवंबर 2005 को डिसऑनर हो गया। नोटिस के बाद भी रचना चौधरी ने भुगतान नहीं किया। कोर्ट ने यह माना कि खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हुआ। कोर्ट ने इसके लिए रचना चौधरी को दंडित किया है।
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