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प्रवासी पक्षी ने डाला डेरा
Updated Thu, 15 Feb 2018 12:24 AM IST
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बिजनौर। ईरान, मंगोलिया आदि एशियाई देशों में रहने वाले बार हेडेड गीज प्रजाति के पक्षी को जिले की धरती भा गई है। जिले में इस बार इस प्रजाति के एक हजार से अधिक पक्षियों ने डेरा डाला है। इतनी अधिक संख्या में पहले कभी यह पक्षी बिजनौर नहीं आता था। बार हेडेड गीज पक्षी की संख्या बढ़ने से वन अधिकारी भी गद्गद हैं।
प्रवासी पक्षियों के लिए जिले की धरती पसंदीदा स्थान बनती जा रही है। हर साल टीम को बर्ड वॉचिंग के दौरान डारटर, ब्लू रॉक, पिनटेल, कामन टेल, बार हेडेड गीज, लार्ज एरागेट, ग्रे लग ग्रीस, बेडर ग्रीस, पोस्टर पनकोन आदि पक्षी दिखाई देते हैं। ये पक्षी अफगानिस्तान, ईरान, मंगोलिया आदि देशों से आते हैं। हिमालय के क्षेत्र के आसपास से भी ये पक्षी यहां आते हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस समय इनके रहने के स्थानों में अधिक सर्दी होती है, इसलिए ये यहां पर आते हैं। जिले में गंगा, मालन, रामगंगा नदियों के तट पर ये डेरा डालते हैं। ये पक्षी नवंबर में आते हैं और मार्च में यहां से अपने ठिकानों को लौटने लगते हैं। हर साल प्रवासी पक्षियों की प्रजाति व संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है। इस साल बार हेडेड गीज पक्षी जिले में बहुत अधिक संख्या में आया है। बाकी सालों में जिले में इस प्रजाति के पक्षी की संख्या 500 के आसपास रहती थी, लेकिन इस साल इस पक्षी की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है। बाकी प्रजाति के पक्षी भी बढ़े हैं। इस प्रजाति के पक्षी की इतनी संख्या देखकर वन अधिकारी भी फूले नहीं समा रहे हैं। आने वाले सालों में प्रवासी पक्षियों की प्रजाति व संख्या में और वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक बार हेडेड गीज प्रजाति के पक्षी जिले में बढ़े हैं। गंगा किनारे इन पक्षियों के बड़े-बड़े झुंड देखे जा रहे हैं।
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प्रवासी पक्षियों के लिए जिले की धरती पसंदीदा स्थान बनती जा रही है। हर साल टीम को बर्ड वॉचिंग के दौरान डारटर, ब्लू रॉक, पिनटेल, कामन टेल, बार हेडेड गीज, लार्ज एरागेट, ग्रे लग ग्रीस, बेडर ग्रीस, पोस्टर पनकोन आदि पक्षी दिखाई देते हैं। ये पक्षी अफगानिस्तान, ईरान, मंगोलिया आदि देशों से आते हैं। हिमालय के क्षेत्र के आसपास से भी ये पक्षी यहां आते हैं। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस समय इनके रहने के स्थानों में अधिक सर्दी होती है, इसलिए ये यहां पर आते हैं। जिले में गंगा, मालन, रामगंगा नदियों के तट पर ये डेरा डालते हैं। ये पक्षी नवंबर में आते हैं और मार्च में यहां से अपने ठिकानों को लौटने लगते हैं। हर साल प्रवासी पक्षियों की प्रजाति व संख्या में बढ़ोतरी होती जा रही है। इस साल बार हेडेड गीज पक्षी जिले में बहुत अधिक संख्या में आया है। बाकी सालों में जिले में इस प्रजाति के पक्षी की संख्या 500 के आसपास रहती थी, लेकिन इस साल इस पक्षी की संख्या एक हजार से अधिक हो गई है। बाकी प्रजाति के पक्षी भी बढ़े हैं। इस प्रजाति के पक्षी की इतनी संख्या देखकर वन अधिकारी भी फूले नहीं समा रहे हैं। आने वाले सालों में प्रवासी पक्षियों की प्रजाति व संख्या में और वृद्धि होने का अनुमान लगाया जा रहा है। डीएफओ डा.एम सेम्मारन के मुताबिक बार हेडेड गीज प्रजाति के पक्षी जिले में बढ़े हैं। गंगा किनारे इन पक्षियों के बड़े-बड़े झुंड देखे जा रहे हैं।
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