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अब कान्हा की शरण में रहेगा गौवंश
Updated Sat, 28 Oct 2017 01:19 AM IST
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बिजनौर। सड़कों पर घूमने वाली गाय अब कूड़ा-करकट या पॉलीथीन खाकर पेट भरने को मजबूर नहीं होगी। गोवंश को अब कन्हैया की शरण मिलेगी। प्रदेश सरकार ने गोवंश व अन्य पशुओं के लिए कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना में गोशाला खोलने की घोषणा की है। बिजनौर नगर पालिका को गोशाला बनाने के लिए 60 लाख रुपये जारी भी हो चुके हैं।
गाय में हिंदू समाज की अपार श्रद्धा है। गाय की सेवा करने के लिए अनेक हिंदू संगठन समय-समय पर अभियान चलाते रहते हैं, लेकिन यह भी कड़वा सच है कि गोवंश को रोजमर्रा अपने खाने व रहने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। कई बार तो उन्हें भोजन के लिए कूड़ेदान की ओर भी रुख करना पड़ जाता है। कई शहरों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं कि गाय की मौत के बाद पोस्टमार्टम या अन्य जांच की गई तो उसके पेट में पॉलीथीन भरी पाई गई। भाजपा नेता गाय की सुरक्षा का मुद्दा उठाते रहते हैं। प्रदेश सरकार ने अब गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना शुरू की है। योजना के अंतर्गत खुलने वाली गोशाला में गोवंश के अलावा विशेष परिस्थितियों में भैंस या बकरी को भी रखा जा सकता है।
गोशाला में ही पशुओं के खाने के लिए भूसे व पानी आदि की व्यवस्था होगी। गोशाला के संचालन में स्वयंसेवी संस्थाओं, सरकारी विभागों से मदद ली जाएगी। गौशाला के लिए स्टाफ की नियुक्ति नगर पालिका या डीएम द्वारा की जाएगी। गोशाला में प्रकाश व पानी के लिए मोटर आदि चलाने के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। संचालन में खर्च होने वाली राशि की भी पूरी निगरानी रखी जाएगी। पूरे खर्च का ऑडिट भी कराया जाएगा। एडीएम प्रशासन मदन सिंह के अनुसार कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय के लिए जमीन तलाशी जा रही है।
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गाय में हिंदू समाज की अपार श्रद्धा है। गाय की सेवा करने के लिए अनेक हिंदू संगठन समय-समय पर अभियान चलाते रहते हैं, लेकिन यह भी कड़वा सच है कि गोवंश को रोजमर्रा अपने खाने व रहने के लिए कड़ा संघर्ष करना पड़ता है। कई बार तो उन्हें भोजन के लिए कूड़ेदान की ओर भी रुख करना पड़ जाता है। कई शहरों में ऐसे मामले सामने आ चुके हैं कि गाय की मौत के बाद पोस्टमार्टम या अन्य जांच की गई तो उसके पेट में पॉलीथीन भरी पाई गई। भाजपा नेता गाय की सुरक्षा का मुद्दा उठाते रहते हैं। प्रदेश सरकार ने अब गोवंश को सुरक्षित रखने के लिए कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना शुरू की है। योजना के अंतर्गत खुलने वाली गोशाला में गोवंश के अलावा विशेष परिस्थितियों में भैंस या बकरी को भी रखा जा सकता है।
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गोशाला में ही पशुओं के खाने के लिए भूसे व पानी आदि की व्यवस्था होगी। गोशाला के संचालन में स्वयंसेवी संस्थाओं, सरकारी विभागों से मदद ली जाएगी। गौशाला के लिए स्टाफ की नियुक्ति नगर पालिका या डीएम द्वारा की जाएगी। गोशाला में प्रकाश व पानी के लिए मोटर आदि चलाने के लिए सोलर पैनल लगाए जाएंगे। संचालन में खर्च होने वाली राशि की भी पूरी निगरानी रखी जाएगी। पूरे खर्च का ऑडिट भी कराया जाएगा। एडीएम प्रशासन मदन सिंह के अनुसार कान्हा गोशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय के लिए जमीन तलाशी जा रही है।
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