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जिले की चीनी मिलों पर किसानों का 227 करोड़ का ब्याज बकाया
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जिले की चार समितियों पर ही 275 करोड़ का ब्याज बकाया
बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने आंदोलन के दौरान किसानों के विलंब भुगतान पर ब्याज का हिसाब लगवाना शुरू कर दिया है। बृृहस्पतिवार को चार समिति सचिवों ने किसानों को हिसाब बताया तो केवल चार समितियों पर ही पिछले दस सालों का 275 करोड़ का ब्याज निकला है। पांच समितियों का हिसाब बाकी है।
विलंब भुगतान पर ब्याज लेने के लिए लखनऊ में 15 जून को होने वाले आंदोलन में बड़ी संख्या में किसानों को शामिल होने के लिए कहा जा रहा है। गन्ना नियमावली के अनुसार किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान किसानों को 14वें दिन हर हाल में मिल जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो किसानों को ब्याज देने का प्रावधान है। विलंब भुगतान पर ब्याज के लिए राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर तीन दिन से धरना चल रहा है। किसान विलंब भुगतान पर ब्याज की मांग कर रहे हैं। किसानों ने गन्ना विभाग से समिति वार ब्याज का हिसाब मांगा था।
बृहस्पतिवार को चार समिति के सचिवों ने हिसाब दिया तो दस साल का ब्याज 275 करोड़ निकला है। वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा ने बताया कि विलंब भुगतान पर ब्याज के लिए किसानों का लखनऊ में बड़ा आंदोलन किया जा रहा है। धामपुर, नूरपुर, अफजलगढ़, नगीना और स्योहारा समिति की ओर से अभी हिसाब नहीं दिया गया है। उनका हिसाब मिलने पर ब्याज की राशि और बढ़ जाएगी। ब्याज पर किसानों का हक है और मिलों को यह किसानों को देना होगा।
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जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि ब्याज मिलेगा तो किसानों को बहुत फायदा होगा। हर किसान के खाते में प्रति एकड़ के हिसाब से 25 से 30 हजार रुपये जाएंगे। इतना पैसा मिलने पर किसानों के दिन बहुर जाएंगे। धरने में वेदप्रकाश सिंह, बिट्टू, यशपाल सिंह, खिलेंद्र, हितेश, ऋषिपाल सिंह, राकेश कुमार, ब्रजपाल आदि मौजूद रहे।
विलंब भुगतान पर ब्याज की स्थिति
समिति बकाया ब्याज
हल्दौर 27.02 करोड़
बिजनौर 144.65 करोड़
नजीबाबाद 50.98 करोड़
चांदपुर 52.14 करोड़
कुल 274.79
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बिजनौर। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने आंदोलन के दौरान किसानों के विलंब भुगतान पर ब्याज का हिसाब लगवाना शुरू कर दिया है। बृृहस्पतिवार को चार समिति सचिवों ने किसानों को हिसाब बताया तो केवल चार समितियों पर ही पिछले दस सालों का 275 करोड़ का ब्याज निकला है। पांच समितियों का हिसाब बाकी है।
विलंब भुगतान पर ब्याज लेने के लिए लखनऊ में 15 जून को होने वाले आंदोलन में बड़ी संख्या में किसानों को शामिल होने के लिए कहा जा रहा है। गन्ना नियमावली के अनुसार किसानों से खरीदे गए गन्ने का भुगतान किसानों को 14वें दिन हर हाल में मिल जाना चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो किसानों को ब्याज देने का प्रावधान है। विलंब भुगतान पर ब्याज के लिए राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का जिला गन्ना अधिकारी कार्यालय पर तीन दिन से धरना चल रहा है। किसान विलंब भुगतान पर ब्याज की मांग कर रहे हैं। किसानों ने गन्ना विभाग से समिति वार ब्याज का हिसाब मांगा था।
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बृहस्पतिवार को चार समिति के सचिवों ने हिसाब दिया तो दस साल का ब्याज 275 करोड़ निकला है। वेस्ट यूपी महासचिव कैलाश लांबा ने बताया कि विलंब भुगतान पर ब्याज के लिए किसानों का लखनऊ में बड़ा आंदोलन किया जा रहा है। धामपुर, नूरपुर, अफजलगढ़, नगीना और स्योहारा समिति की ओर से अभी हिसाब नहीं दिया गया है। उनका हिसाब मिलने पर ब्याज की राशि और बढ़ जाएगी। ब्याज पर किसानों का हक है और मिलों को यह किसानों को देना होगा।
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जिलाध्यक्ष विनोद कुमार ने कहा कि ब्याज मिलेगा तो किसानों को बहुत फायदा होगा। हर किसान के खाते में प्रति एकड़ के हिसाब से 25 से 30 हजार रुपये जाएंगे। इतना पैसा मिलने पर किसानों के दिन बहुर जाएंगे। धरने में वेदप्रकाश सिंह, बिट्टू, यशपाल सिंह, खिलेंद्र, हितेश, ऋषिपाल सिंह, राकेश कुमार, ब्रजपाल आदि मौजूद रहे।
विलंब भुगतान पर ब्याज की स्थिति
समिति बकाया ब्याज
हल्दौर 27.02 करोड़
बिजनौर 144.65 करोड़
नजीबाबाद 50.98 करोड़
चांदपुर 52.14 करोड़
कुल 274.79