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1376 गांवों में 24 घंटे ठप रही विद्युत आपूर्ति
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बिजनौर में जैन फार्म में आंधी से टूटे आम।
- फोटो : BIJNOR
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1376 गांवों में 24 घंटे ठप रही विद्युत आपूर्ति
बिजनौर। आंधी आने के 24 घंटे बाद भी जनपद के 1376 गांवों में बिजली नहीं पहुंची है। आंधी से जगह-जगह पेड़ गिरने से 103 खंभे टूट गए और चार ट्रांसफार्मर भी गिरने से क्षतिग्रस्त हो गए। तेज आंधी से ऊर्जा निगम को करीब सात लाख रुपये की आर्थिक हानि हुई है। बिजली विभाग के अफसर फील्ड स्टाफ के साथ लाइनों को सही कराने में जुटे हैं।
बुधवार शाम जनपद में धूल भरी आंधी आई। आंधी की गति तेज होने पर सड़कों के किनारे लगे हॉर्डिंग, पेड़ आदि टूट गए। कई जगह पेड़ सड़कों तथा बिजली की लाइनों पर गिर गए। अभी तक जनपद में बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हुई है। ऊर्जा निगम की ओर से आंधी में हुए नुकसान का आकलन कराया गया, जिसमें 103 बिजली के खंभे टूट गए तथा चार ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 10 किलोमीटर लंबी लाइनों के तार क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आंधी में पेड़ व पेड़ों की शाखाएं गिरने से टूटी लाइनों, खंभों और ट्रांसफार्मरों को सही किया जा रहा है। लाइनें इतनी ज्यादा ध्वस्त हो गईं थीं कि 24 घंटे बाद भी जनपद के 1376 गांवों में बिजली अभी तक नहीं पहुंची है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या हो गई है।
आम की फसल को 20 प्रतिशत नुकसान
बुधवार शाम आई आंधी से आम की फसल को 18 से 20 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। बागवान अकरम, रामपाल सिंह के अनुसार तेज आंधी से छोटा-बड़ा बहुत आम टूट कर गिर गया है। इस समय यह आम चटनी के रूप में प्रयोग हो सकता है। इसलिए आम की अभी मांग बहुत कम है। करीब 20 दिन बाद आम बड़ा व जाली पड़ने पर अचार, चटनी तथा कुछ दाल व सब्जियों में प्रयोग होने पर मांग बढ़ने की उम्मीद है। कई जगह आम के पेड़ गिर गए हैं और कई पेड़ों की शाखाएं टूट गई हैं। आंधी से टूटकर गिरे आम को बागवान एकत्र कर मंडी में भेज रहे हैं। उनका कहना है कि इस समय टूटे आम का अच्छा मूल्य नहीं मिलेगा, परंतु बाजार से इस आम का जो भी मूल्य मिलेगा उसकी से संतोष करना पडे़गा। जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आंधी से आम की फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने स्वयं भी कई बागों में जाकर आम के नुकसान का आकलन किया। सरकारी फार्म में दो पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए। प्रथम दृष्टया करीब 15 प्रतिशत आम की फसल को आंधी से नुकसान हुआ है।
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आंधी के कारण पेड़ आदि गिरने से बिजली की लाइनों को बहुत नुकसान हुआ है। पेड़ लाइन पर गिरने पर तार, खंभे व ट्रांसफार्मर गिरने से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सभी अधिशासी अभियंता व एसडीओ, जेई क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों को सही कराकर आपूर्ति बहाल कराने में जुटे हैं। शहर में बुधवार रात ही आपूर्ति सही हो गई थी। बृहस्पतिवार रात तक अधिकांश जगह की आपूर्ति सुचारु करा दी गई - नंदलाल, अधीक्षण अभियंता
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बिजनौर। आंधी आने के 24 घंटे बाद भी जनपद के 1376 गांवों में बिजली नहीं पहुंची है। आंधी से जगह-जगह पेड़ गिरने से 103 खंभे टूट गए और चार ट्रांसफार्मर भी गिरने से क्षतिग्रस्त हो गए। तेज आंधी से ऊर्जा निगम को करीब सात लाख रुपये की आर्थिक हानि हुई है। बिजली विभाग के अफसर फील्ड स्टाफ के साथ लाइनों को सही कराने में जुटे हैं।
बुधवार शाम जनपद में धूल भरी आंधी आई। आंधी की गति तेज होने पर सड़कों के किनारे लगे हॉर्डिंग, पेड़ आदि टूट गए। कई जगह पेड़ सड़कों तथा बिजली की लाइनों पर गिर गए। अभी तक जनपद में बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं हुई है। ऊर्जा निगम की ओर से आंधी में हुए नुकसान का आकलन कराया गया, जिसमें 103 बिजली के खंभे टूट गए तथा चार ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हुए हैं। 10 किलोमीटर लंबी लाइनों के तार क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आंधी में पेड़ व पेड़ों की शाखाएं गिरने से टूटी लाइनों, खंभों और ट्रांसफार्मरों को सही किया जा रहा है। लाइनें इतनी ज्यादा ध्वस्त हो गईं थीं कि 24 घंटे बाद भी जनपद के 1376 गांवों में बिजली अभी तक नहीं पहुंची है। बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की समस्या हो गई है।
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आम की फसल को 20 प्रतिशत नुकसान
बुधवार शाम आई आंधी से आम की फसल को 18 से 20 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। बागवान अकरम, रामपाल सिंह के अनुसार तेज आंधी से छोटा-बड़ा बहुत आम टूट कर गिर गया है। इस समय यह आम चटनी के रूप में प्रयोग हो सकता है। इसलिए आम की अभी मांग बहुत कम है। करीब 20 दिन बाद आम बड़ा व जाली पड़ने पर अचार, चटनी तथा कुछ दाल व सब्जियों में प्रयोग होने पर मांग बढ़ने की उम्मीद है। कई जगह आम के पेड़ गिर गए हैं और कई पेड़ों की शाखाएं टूट गई हैं। आंधी से टूटकर गिरे आम को बागवान एकत्र कर मंडी में भेज रहे हैं। उनका कहना है कि इस समय टूटे आम का अच्छा मूल्य नहीं मिलेगा, परंतु बाजार से इस आम का जो भी मूल्य मिलेगा उसकी से संतोष करना पडे़गा। जिला उद्यान अधिकारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि आंधी से आम की फसल को नुकसान हुआ है। उन्होंने स्वयं भी कई बागों में जाकर आम के नुकसान का आकलन किया। सरकारी फार्म में दो पेड़ क्षतिग्रस्त हो गए। प्रथम दृष्टया करीब 15 प्रतिशत आम की फसल को आंधी से नुकसान हुआ है।
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आंधी के कारण पेड़ आदि गिरने से बिजली की लाइनों को बहुत नुकसान हुआ है। पेड़ लाइन पर गिरने पर तार, खंभे व ट्रांसफार्मर गिरने से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सभी अधिशासी अभियंता व एसडीओ, जेई क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों को सही कराकर आपूर्ति बहाल कराने में जुटे हैं। शहर में बुधवार रात ही आपूर्ति सही हो गई थी। बृहस्पतिवार रात तक अधिकांश जगह की आपूर्ति सुचारु करा दी गई - नंदलाल, अधीक्षण अभियंता