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एसडीएम के समझान पर भी नही माने धरने पर बैठे किसान
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एसडीएम के समझाने पर भी नहीं माने किसान
चांदपुर। भाकियू की तहसील में तालाबंदी पांचवें दिन भी जारी रही। एसडीएम ने धरने पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग के लिए भाकियू का तहसील पर चल रहा धरना 35वें दिन भी जारी रहा। गन्ना भुगतान कराने में शासन, प्रशासन और मिल मालिकों द्वारा कोई समाधान न निकालने से किसानों में आक्रोश है। सोमवार को चौधरी रामपाल सिंह की अध्यक्षता, राकेश प्रधान के संचालन में चले धरने पर किसानों ने कहा कि जब तक किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं होगा, वे तहसील में डटे रहेंगे। भाकियू ने बकाया गन्ना भुगतान के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर बृहस्पतिवार को तहसील में तालाबंदी कर दी थी। सोमवार को धरने पर पहुंचकर एसडीएम आलोक यादव ने किसानों को तहसील पर लगे ताले खोलने के लिए समझाया, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे।
वहीं, विद्युत निगम की ओर से नलकूपों के भार बढ़ाने के विरोध में अधिशासी अभियंता कार्यालय में भाकियू कार्यकर्ता तालाबंदी कर कार्यालय के सामने धरना देकर बैठ गए। धरने पर पहुंचे अधिशासी अभियंता के भार परिवर्तित न करने के आश्वासन पर किसानों ने ताला खोल दिया और धरना समाप्त किया। इस दौरान चौधरी कुलदीप सिंह, लुधियान सिंह, हरिराज सिंह, अशोक कुमार, खुशपाल सिंह, महीपाल सिंह, बलराम सिंह, कल्याण सिंह, दलेल सिंह, सौपाल सिंह, तेजवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह, सोमदत्त, रामस्वरूप, शीशपाल सिंह, अनुज, कलवा सिंह, सुशील, अशोक, लोकेश, महेंद्र सिह, सागर, भोपाल सिंह, राजपाल सिंह, सीताराम, नृपेंद्र, सुरेश, विनोद उपेंद्र आदि मौजूद रहे।
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चांदपुर। भाकियू की तहसील में तालाबंदी पांचवें दिन भी जारी रही। एसडीएम ने धरने पर पहुंचकर किसानों को समझाने का प्रयास किया। लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे।
बकाया गन्ना मूल्य भुगतान की मांग के लिए भाकियू का तहसील पर चल रहा धरना 35वें दिन भी जारी रहा। गन्ना भुगतान कराने में शासन, प्रशासन और मिल मालिकों द्वारा कोई समाधान न निकालने से किसानों में आक्रोश है। सोमवार को चौधरी रामपाल सिंह की अध्यक्षता, राकेश प्रधान के संचालन में चले धरने पर किसानों ने कहा कि जब तक किसानों का बकाया गन्ना भुगतान नहीं होगा, वे तहसील में डटे रहेंगे। भाकियू ने बकाया गन्ना भुगतान के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर बृहस्पतिवार को तहसील में तालाबंदी कर दी थी। सोमवार को धरने पर पहुंचकर एसडीएम आलोक यादव ने किसानों को तहसील पर लगे ताले खोलने के लिए समझाया, लेकिन किसान अपनी जिद पर अड़े रहे।
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वहीं, विद्युत निगम की ओर से नलकूपों के भार बढ़ाने के विरोध में अधिशासी अभियंता कार्यालय में भाकियू कार्यकर्ता तालाबंदी कर कार्यालय के सामने धरना देकर बैठ गए। धरने पर पहुंचे अधिशासी अभियंता के भार परिवर्तित न करने के आश्वासन पर किसानों ने ताला खोल दिया और धरना समाप्त किया। इस दौरान चौधरी कुलदीप सिंह, लुधियान सिंह, हरिराज सिंह, अशोक कुमार, खुशपाल सिंह, महीपाल सिंह, बलराम सिंह, कल्याण सिंह, दलेल सिंह, सौपाल सिंह, तेजवीर सिंह, चंद्रपाल सिंह, सोमदत्त, रामस्वरूप, शीशपाल सिंह, अनुज, कलवा सिंह, सुशील, अशोक, लोकेश, महेंद्र सिह, सागर, भोपाल सिंह, राजपाल सिंह, सीताराम, नृपेंद्र, सुरेश, विनोद उपेंद्र आदि मौजूद रहे।
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