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कुष्ट रोगियों की तलाश करेंगी 424 टीम
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:40 AM IST
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कुष्ट रोगियों की तलाश करेंगी टीमें
धामपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 16 से 29 जुलाई तक कुष्ट रोगियों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से ब्लाक क्षेत्र में 424 टीमों केे गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में एक महिला और एक पुरुष कर्मचारी को शामिल किया गया है। अब तक ब्लाक के 16 रोगियों का उपचार निशुल्क किया जा रहा है।
पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में सीएमओ ने बुधवार को जिले भर चिकित्साधिकारियों की बैठक में उन्हें इस प्रकार के दिशा निर्देश निर्गत किए हैं। अभियान के दौरान चिकित्साधिकारी ने जनता से टीमों का सहयोग करने की अपेक्षा की है। इस अभियान के दौरान टीमों में शामिल कर्मचारियों की त्वचा की जांच होगी। यदि किसी की त्वचा पर किसी भी प्रकार के दाग, धब्बे हैं, उन्हें पसीना नहीं आता है। किसी वस्तुु को चुभोने पर चुभन का पता नहीं लगता है। तो ऐसे लोगों को सूचीबद्ध कर उनके स्वास्थ्य कर परीक्षण होगा। यदि रोग पॉजीटिव होता है तो विभाग की ओर से ऐसे लोगों का निशुल्क उपचार होगा। यह रोग लाइलाज नहीं है। उपचार करने से ठीक हो जाता है। उनका कहना है कि जब टीम जांच के लिए जाए, तो किसी को इस प्रकार की बीमारी है तो वह छिपाए नहीं।
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धामपुर। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 16 से 29 जुलाई तक कुष्ट रोगियों का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से ब्लाक क्षेत्र में 424 टीमों केे गठन किया गया है। प्रत्येक टीम में एक महिला और एक पुरुष कर्मचारी को शामिल किया गया है। अब तक ब्लाक के 16 रोगियों का उपचार निशुल्क किया जा रहा है।
पीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पीके गुप्ता ने बताया कि इस संबंध में सीएमओ ने बुधवार को जिले भर चिकित्साधिकारियों की बैठक में उन्हें इस प्रकार के दिशा निर्देश निर्गत किए हैं। अभियान के दौरान चिकित्साधिकारी ने जनता से टीमों का सहयोग करने की अपेक्षा की है। इस अभियान के दौरान टीमों में शामिल कर्मचारियों की त्वचा की जांच होगी। यदि किसी की त्वचा पर किसी भी प्रकार के दाग, धब्बे हैं, उन्हें पसीना नहीं आता है। किसी वस्तुु को चुभोने पर चुभन का पता नहीं लगता है। तो ऐसे लोगों को सूचीबद्ध कर उनके स्वास्थ्य कर परीक्षण होगा। यदि रोग पॉजीटिव होता है तो विभाग की ओर से ऐसे लोगों का निशुल्क उपचार होगा। यह रोग लाइलाज नहीं है। उपचार करने से ठीक हो जाता है। उनका कहना है कि जब टीम जांच के लिए जाए, तो किसी को इस प्रकार की बीमारी है तो वह छिपाए नहीं।
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