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ामपुर ठकरा में वन विभाग की जमीन को कराया कब्जामुक्त
Updated Tue, 19 Sep 2017 12:04 AM IST
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बिजनौर। गांव रामपुर ठकरा में वन विभाग की जमीन पर किए गए कब्जे को प्रशासन ने सोमवार को हटवा दिया। इस दौरान गांववालों ने कार्रवाई का विरोध किया। जमीन को अपनी बताते हुए गांव की महिलाएं धूप में ही जमीन पर लेट गईं। एक महिला बेहोश हो गई जबकि कई की हालत बिगड़ गई। इस दौरान जिले के सभी सर्किल के सीओ और थानों के एसओ भारी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे।
गांव रामपुर ठकरा की जमीन का मामला कई साल तक कोर्ट में चला। गांव की आबादी और किसानों द्वारा जोती जा रही करीब एक हजार बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर यह केस चला था। गांववाले और वन विभाग जमीन को अपना बता रहे थे। 21 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गांववालों के कब्जे को गलत बताते हुए जमीन खाली कराने के निर्देश वन विभाग को दिए थे। साथ ही हाईकोर्ट ने गांववालों को फसल काटने के लिए जुलाई 2017 तक का समय दिया था। मगर, गांववालों ने खेतों में फसल बोना जारी रखा। वन विभाग की जमीन पर अब भी गन्ना, धान, परमल, चारे की फसल खड़ी हैं। इस गांव की आबादी करीब एक हजार है। प्रशासन द्वारा गांव को खाली कराने की तैयारी काफी समय से चल रही थी। सोमवार को एसडीएम सत्येंद्र कुमार, डीएफओ डा. एम सेम्मारन, सीओ सिटी गजेंद्र पाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने गांववालों को हाईकोर्ट के आदेश दिखाते हुए जमीन खाली कराने की बात कही। भारी पुलिस बल को देख पुरुषों ने तो कार्रवाई का विरोध नहीं किया, लेकिन गांव की महिलाएं धूप में लेट गईं और रोने लगीं। एक महिला यशोदा बेहोश भी हो गई। कई वृद्धाओं की हालत खराब हो गईं। उनके मुंह पर पानी छिड़क कर उन्हें होश में लाया गया। वन विभाग ने छह ट्रैक्टरों ने खेतों में खड़ी फसल जोतकर खुर्दबुर्द करनी शुरू कर दी। इस दौरान महिलाओं ने विरोध करने की कोशिश की तो महिला पुलिसकर्मी उनको घेरकर खड़ी हो गईं। जमीन पर खड़ी फसल उजड़ते देखकर महिलाएं और बाकी गांव वाले रोते रहे। इस दौरान गांव में हंगामे के हालात रहे।
वर्जन
हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए वन विभाग की जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है। अगर किसी ने सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सत्येंद्र कुमार, एसडीएम।
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गांववालों की आबादी वाली जगह को अभी नहीं छेड़ा जाएगा। प्रशासन गांव वालों के पुनर्वास का प्लान तैयार करेगा। वन विभाग की जमीन को कब्जामुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा- डा.एम सेम्मारन, डीएफओ।
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गांव रामपुर ठकरा की जमीन का मामला कई साल तक कोर्ट में चला। गांव की आबादी और किसानों द्वारा जोती जा रही करीब एक हजार बीघा जमीन के स्वामित्व को लेकर यह केस चला था। गांववाले और वन विभाग जमीन को अपना बता रहे थे। 21 दिसंबर 2016 को हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गांववालों के कब्जे को गलत बताते हुए जमीन खाली कराने के निर्देश वन विभाग को दिए थे। साथ ही हाईकोर्ट ने गांववालों को फसल काटने के लिए जुलाई 2017 तक का समय दिया था। मगर, गांववालों ने खेतों में फसल बोना जारी रखा। वन विभाग की जमीन पर अब भी गन्ना, धान, परमल, चारे की फसल खड़ी हैं। इस गांव की आबादी करीब एक हजार है। प्रशासन द्वारा गांव को खाली कराने की तैयारी काफी समय से चल रही थी। सोमवार को एसडीएम सत्येंद्र कुमार, डीएफओ डा. एम सेम्मारन, सीओ सिटी गजेंद्र पाल सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने गांववालों को हाईकोर्ट के आदेश दिखाते हुए जमीन खाली कराने की बात कही। भारी पुलिस बल को देख पुरुषों ने तो कार्रवाई का विरोध नहीं किया, लेकिन गांव की महिलाएं धूप में लेट गईं और रोने लगीं। एक महिला यशोदा बेहोश भी हो गई। कई वृद्धाओं की हालत खराब हो गईं। उनके मुंह पर पानी छिड़क कर उन्हें होश में लाया गया। वन विभाग ने छह ट्रैक्टरों ने खेतों में खड़ी फसल जोतकर खुर्दबुर्द करनी शुरू कर दी। इस दौरान महिलाओं ने विरोध करने की कोशिश की तो महिला पुलिसकर्मी उनको घेरकर खड़ी हो गईं। जमीन पर खड़ी फसल उजड़ते देखकर महिलाएं और बाकी गांव वाले रोते रहे। इस दौरान गांव में हंगामे के हालात रहे।
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हाईकोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए वन विभाग की जमीन को कब्जामुक्त कराया गया है। अगर किसी ने सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश की तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सत्येंद्र कुमार, एसडीएम।
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गांववालों की आबादी वाली जगह को अभी नहीं छेड़ा जाएगा। प्रशासन गांव वालों के पुनर्वास का प्लान तैयार करेगा। वन विभाग की जमीन को कब्जामुक्त कराने का अभियान जारी रहेगा- डा.एम सेम्मारन, डीएफओ।