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Bijnor News: गुलदार के लिए लगा पिंजरा...बच्चों के लिए बना खेल
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कोतवाली देहात (बिजनौर)। गुलदार के खौफ को बच्चों ने खेल बना लिया। क्षेत्र के गांव थेपुर में गुलदार को पकड़ने के लिए लगाए पिंजरे में कई बच्चे घुसकर बैठ गए जबकि कुछ पिंजरे के ऊपर खड़े रहे। इस दौरान कुछ युवक मोबाइल से वीडियो बनाते रहे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद बुधवार को वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों व बच्चों को इस तरह की हरकत नहीं करने की चेतावनी दी।
गांव थेपुर और रामपुर के पास कई दिनों से गुलदार दिखाई देने पर वन विभाग ने पिंजरा लगाया है। इसमें गुलदार तो नहीं फंसा लेकिन बच्चों ने इसे अपना खेल जरूर बना लिया। बच्चे पिंजरे में घुसकर बैठ गए और उसका दरवाजा बंद कर दिया। वीडियो में चार से पांच बच्चे पिंजरे में बंद होकर गुलदार की तरह गुर्राते नजर आ रहे हैं। कुछ बच्चे पिंजरे के ऊपर खड़े हैं। वीडियो बनाने वाले युवक कह रहे हैं कि गुलदार की जगह बच्चे पिंजरे में फंस रहे हैं। गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि पिंजरे के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। इस तरह की हरकत से उनकी सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता है।
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तीन साल में 35 को बनाया शिकार
गुलदार ने बीते तीन वर्षों में जनपद में 35 लोगों को अपना शिकार बना लिया है। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 100 से ज्यादा लोगों को गुलदार घायल कर चुका है। गुलदार लोगों के लिए खौफ और वन विभाग के लिए सिरदर्द बन चुका है। बीते एक वर्ष में 60 से ज्यादा गुलदारों को पकड़ा गया है।
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पिंजरों से मुर्गे तक चोरी कर रहे लोग
वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों में गुलदार को लुभाने के लिए मुर्गे रखे जाते हैं। लोग पिंजरों को तोड़कर इनमें से मुर्गे चोरी कर ले जाते हैं। बीते सप्ताह नहटौर के गांव मुस्सेपुर में लगाए पिंजरे से दो मुर्गे चोरी कर लिए गए। बीते सोमवार को भी पैजनिया के पास गांव अथाई जमरुद्दीन मार्ग पर लगाए पिंजरे से भी दो मुर्गे चोरी हो गए। ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर बकरा खरीदकर पिंजरे में रखवाया।
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वर्जन...
गुलदार जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों को इसे मजाक में नहीं लेना चाहिए। वन विभाग की टीम ने बच्चों और ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा विभाग का सहयोग करने के लिए कहा है। यदि पिंजरे के साथ छेड़छाड़ की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। - जय सिंह कुशवाहा, डीएफओ, बिजनौर
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गांव थेपुर और रामपुर के पास कई दिनों से गुलदार दिखाई देने पर वन विभाग ने पिंजरा लगाया है। इसमें गुलदार तो नहीं फंसा लेकिन बच्चों ने इसे अपना खेल जरूर बना लिया। बच्चे पिंजरे में घुसकर बैठ गए और उसका दरवाजा बंद कर दिया। वीडियो में चार से पांच बच्चे पिंजरे में बंद होकर गुलदार की तरह गुर्राते नजर आ रहे हैं। कुछ बच्चे पिंजरे के ऊपर खड़े हैं। वीडियो बनाने वाले युवक कह रहे हैं कि गुलदार की जगह बच्चे पिंजरे में फंस रहे हैं। गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों को चेतावनी दी कि पिंजरे के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें। इस तरह की हरकत से उनकी सुरक्षा को भी खतरा पैदा हो सकता है।
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तीन साल में 35 को बनाया शिकार
गुलदार ने बीते तीन वर्षों में जनपद में 35 लोगों को अपना शिकार बना लिया है। इनमें ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा 100 से ज्यादा लोगों को गुलदार घायल कर चुका है। गुलदार लोगों के लिए खौफ और वन विभाग के लिए सिरदर्द बन चुका है। बीते एक वर्ष में 60 से ज्यादा गुलदारों को पकड़ा गया है।
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पिंजरों से मुर्गे तक चोरी कर रहे लोग
वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरों में गुलदार को लुभाने के लिए मुर्गे रखे जाते हैं। लोग पिंजरों को तोड़कर इनमें से मुर्गे चोरी कर ले जाते हैं। बीते सप्ताह नहटौर के गांव मुस्सेपुर में लगाए पिंजरे से दो मुर्गे चोरी कर लिए गए। बीते सोमवार को भी पैजनिया के पास गांव अथाई जमरुद्दीन मार्ग पर लगाए पिंजरे से भी दो मुर्गे चोरी हो गए। ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर बकरा खरीदकर पिंजरे में रखवाया।
वर्जन...
गुलदार जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों को इसे मजाक में नहीं लेना चाहिए। वन विभाग की टीम ने बच्चों और ग्रामीणों को सतर्क रहने तथा विभाग का सहयोग करने के लिए कहा है। यदि पिंजरे के साथ छेड़छाड़ की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। - जय सिंह कुशवाहा, डीएफओ, बिजनौर