{"_id":"5984c2fd4f1c1b26348b4627","slug":"21501872893-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मानसून की पहली बारिश नहीं झेल सका रामगंगा का पुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मानसून की पहली बारिश नहीं झेल सका रामगंगा का पुल
Updated Sat, 05 Aug 2017 12:36 AM IST
विज्ञापन
स्योहारा। चौदह वर्षों में तैयार हुआ रामगंगा नदी का पुल मानसून की पहली बारिश भी नहीं झेल पाया। उद्घाटन से पहले ही पुल की सड़क टूटनी शुरू हो गई है।
रामगंगा नदी पर बेरखेड़ा घाट पर यूपी और उत्तराखंड को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण किया गया है। 2003 से बन रहे इस पुल को उत्तरप्रदेश राज्य सेतु निगम ने बनाया है। जो14 वर्ष बाद पुल जनवरी 2017 में बन कर तैयार हुआ। पुल की लंबाई 510 मीटर है। विधानसभा चुनाव से पहले आननफानन में पुल को चालू करा दिया गया, जबकि इसका विधिवत उद्घाटन अभी हुआ ही नहीं है। बरसात में अभी से ही पुल के ऊपर की सड़क कई जगह से टूट गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पुल के ऊपर बनी सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री लगाई गई है। इसके कारण पुल के ऊपर की सड़क छह माह में ही टूटने लगी है। उत्तरप्रदेश राज्य सेतु निगम के सहायक अभियंता आरके अग्रवाल का कहना है कि पुल का निर्माण कार्य पूरा कर इसे पीडब्लूडी को सौंप दिया गया था।
दो मुख्यमंत्रियों ने किया शिलान्यास
स्योहारा। इस पुल के निर्माण से पहले ही दो मुख्यमंत्रियों ने इसका शिलान्यास किया था। पहली बार मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी तथा दूसरी बार मुलायम सिंह द्वारा रामगंगा नदी पर पुल के लिए शिलान्यास किया गया।
पांच नदियों का संगम
स्योहारा। रामगंगा नदी के इस पुल के पास पांच नदियों का संगम है। पुल से पहले खो और रामगंगा नदी आपस में मिलती है और पुल के बाद फीका, बनैली और पीली नदी इसमें मिलती हैं। ये नदियां एक किलोमीटर की दूरी में आपस में समा जाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रामगंगा नदी पर बेरखेड़ा घाट पर यूपी और उत्तराखंड को जोड़ने के लिए पुल का निर्माण किया गया है। 2003 से बन रहे इस पुल को उत्तरप्रदेश राज्य सेतु निगम ने बनाया है। जो14 वर्ष बाद पुल जनवरी 2017 में बन कर तैयार हुआ। पुल की लंबाई 510 मीटर है। विधानसभा चुनाव से पहले आननफानन में पुल को चालू करा दिया गया, जबकि इसका विधिवत उद्घाटन अभी हुआ ही नहीं है। बरसात में अभी से ही पुल के ऊपर की सड़क कई जगह से टूट गई है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि पुल के ऊपर बनी सड़क के निर्माण में घटिया सामग्री लगाई गई है। इसके कारण पुल के ऊपर की सड़क छह माह में ही टूटने लगी है। उत्तरप्रदेश राज्य सेतु निगम के सहायक अभियंता आरके अग्रवाल का कहना है कि पुल का निर्माण कार्य पूरा कर इसे पीडब्लूडी को सौंप दिया गया था।
दो मुख्यमंत्रियों ने किया शिलान्यास
स्योहारा। इस पुल के निर्माण से पहले ही दो मुख्यमंत्रियों ने इसका शिलान्यास किया था। पहली बार मुख्यमंत्री नारायणदत्त तिवारी तथा दूसरी बार मुलायम सिंह द्वारा रामगंगा नदी पर पुल के लिए शिलान्यास किया गया।
विज्ञापन
पांच नदियों का संगम
स्योहारा। रामगंगा नदी के इस पुल के पास पांच नदियों का संगम है। पुल से पहले खो और रामगंगा नदी आपस में मिलती है और पुल के बाद फीका, बनैली और पीली नदी इसमें मिलती हैं। ये नदियां एक किलोमीटर की दूरी में आपस में समा जाती हैं।
विज्ञापन